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Kisan Mahapanchayat : मुजफ्फरनगर के बाद अब सीतापुर में महापंचायत, मेधा पाटकर और राकेश टिकैत भी होंगे शामिल

मुजफ्फरनगर के बाद अब सीतापुर में महापंचायत होगी, जिसमें मेधा पाटकर और राकेश टिकैत भी शामिल होंगे. महापंचायत को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है.

By Prabhat khabar Digital
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file photo

Kisan Mahapanchayat: मुजफ्फरनगर के बाद अब सीतापुर में किसान महापंचायत होगी. इसमें किसान नेता राकेश टिकैत और सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर सहित अन्य नेता भी शामिल होंगे. वहीं, पुलिस-प्रशासन ने भी किसान महापंचायत को लेकर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की है. लखीमपुर खीरी और हरदोई जिलों से भी पुलिस बुलायी गई है.

किसान महापंचायत में अन्य प्रदेशों के किसान भी शामिल होंगे, जिसे देखते हुए सभा स्थल आरएमपी मैदान के बाहर सभी व्यवस्थाएं कर ली गई हैं. माना जा रहा है कि महापंचायत में 50 हजार से अधिक किसान शामिल होंगे. कार्यक्रम स्थल के आसपास की सुरक्षा बढ़ा दी गई है. 17 थानों की पुलिस के अलावा पीएसी को भी लगाया गया है.

संयुक्त किसान मोर्चा के संयोजक पिंदर सिंह सिद्धू का कहना है कि महापंचायत को लेकर सारी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं. किसान मोर्चा की तरफ से 170 स्वयंसेवक भी रखे गए हैं, जो महापंचायत में आने वाले लोगों की मदद करेंगे और वाहनों का ध्यान रखेंगे.

बता दें, इससे पहले मुजफ्फरनगर जिले में 5 सितंबर को किसान महापंचायत आयोजित की गई थी, जिसमें देश भर के 300 से ज्यादा किसान संगठनों ने हिस्सा लिया था. यह महापंचायत संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले हुई थी. अगले वर्ष की शुरुआत में उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव को देखते हुए किसानों के इस प्रदर्शन को महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

मुजफ्फरनगर में किसान महापंचायत में किसानों को संबोधित करते हुए राकेश टिकैत ने कहा था, हम संकल्प लेते हैं कि हम धरना स्थल को वहां (दिल्ली सीमा पर) नहीं छोड़ेंगे. भले ही हमारा कब्रिस्तान वहां बन जाए. उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर हम अपनी जान भी दे देंगे, लेकिन जब तक हम विजयी नहीं होंगे तब तक धरना स्थल नहीं छोड़ेंगे.

किसान महापंचायत में किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि जब भारत सरकार हमें बातचीत के लिए आमंत्रित करेगी, हम जाएंगे. जब तक सरकार हमारी मांगें पूरी नहीं करती, तब तक किसानों का आंदोलन जारी रहेगा. आजादी के लिए संघर्ष 90 साल तक चला, इसलिए मुझे नहीं पता कि यह आंदोलन कब तक चलेगा.

Posted by : Achyut Kumar

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