Malihabadi Mango : मलिहाबाद के किसानों का आम की बागवानी से मोह भंग

पूरी दुनिया में अपने रसीले स्वाद के लिए उत्तर प्रदेश के मलिहाबाद के आम मशहूर हैं. बाजार में आम बेचते वक्त मलिहाबाद की दशहरी की आवाज लगाई जाती है. लेकिन इन मशहूर आमों के अस्तित्व पर अब खतरा मंडरा रहा है.
Malihabadi Mango: लखनऊ शहर तेजी से फैल रहा है. नतीजा यह हुआ कि अब आपको जगह जगह कॉलोनी, रिसॉर्ट, स्कूल और कॉलेज दिखते हैं. ये सब आम के बागों को काट कर बनाए गए हैं. यह बात सिर्फ मलिहाबाद ब्लॉक तक ही सीमित नही हैं, बल्कि पड़ोस के माल और काकोरी ब्लॉक में भी यही स्थिति है. आंकड़ो के हिसाब से पिछले 34 साल में आम के बागों का क्षेत्रफल 88 हजार हेक्टेयर से सिमट कर 45 हजार हेक्टेयर रह गया है. ऐसा तब है जब इस क्षेत्र के लगभग 300 गांव आम फलपट्टी क्षेत्र घोषित हैं और इनका रकबा लगभग 28 हजार हेक्टेयर है लेकिन अब इनमें से लगभग 100 गांव आम के बागों से विहीन हो चुके हैं.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए