लॉकडाउन के बावजूद नोएडा में कोरोना के 16 नये मामले, कुल 80 मरीज

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लॉकडाउन के बावजूद नोएडा में कोरोना के 16 नये मामले, कुल 80 मरीज

Kolkata: A worker carrying LPG cylinders on a cart is seen on a deserted road of Esplanade during a nationwide lockdown, imposed in the wake of coronavirus pandemic, in Kolkata, Sunday, April 12, 2020. (PTI Photo/Ashok Bhaumik)(PTI12-04-2020_000254B)

despite lockdown 16 new corona cases in Noida total 80 patients : गौतमबुद्ध नगर जिले में 16 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित पाये गये हैं और इसी के साथ संक्रमितों की संख्या 80 हो गयी है. जिलाधिकारी सुहास एल वाई ने बताया कि संक्रमित 16 नये मरीजों में नौ मरीज सेक्टर पांच और आठ की झुग्गियों में रहते हैं. ये सभी सीजफायर कंपनी में काम करने वाले कोविड-19 से संक्रमित लोगों के संपर्क में आकर संक्रमित हुए हैं.

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नोएडा : गौतमबुद्ध नगर जिले में 16 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित पाये गये हैं और इसी के साथ संक्रमितों की संख्या 80 हो गयी है. जिलाधिकारी सुहास एल वाई ने बताया कि संक्रमित 16 नये मरीजों में नौ मरीज सेक्टर पांच और आठ की झुग्गियों में रहते हैं. ये सभी सीजफायर कंपनी में काम करने वाले कोविड-19 से संक्रमित लोगों के संपर्क में आकर संक्रमित हुए हैं.

उन्होंने बताया कि देर रात से ही स्वास्थ्य विभाग, सर्विलांस और पुलिस की टीम ने सेक्टर पांच और आठ की झुग्गियों में पहुंचकर इन मरीजों के संपर्क में आये. लोगों की जांच शुरू कर दी है. उन्होंने बताया कि ग्रेटर नोएडा के कुलेसरा गांव में रहने वाले दो लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हैं.ये दोनों निजामुद्दीन मरकज में तबलीगी जमात के कार्यक्रम में भाग लेकर आए थे.उन्होंने बताया कि तीन अन्य मरीज फोर्टिस अस्पताल के डायलिसिस यूनिट से जुड़े हैं.यह तीनों एक लैब टेक्नीशियन के संपर्क में आने से संक्रमित हुए.

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जिलाधिकारी ने बताया कि एक अन्य संक्रमित ग्रेटर नोएडा के ईटा सेक्टर का निवासी है.जबकि एक अन्य स्वास्थ्य कर्मी भी संक्रमित हुआ है.इन सभी मरीजों को पहले से ही पृथक वार्ड में रखा गया था.उन्होंने बताया कि सभी मरीजों की हालत स्थिर है.जिलाधिकारी ने बताया कि सोमवार को कुल 244 नमूनों की रिपोर्ट आई.इसमें 228 लोगों की रिपोर्ट ठीक आई है.उन्होंने बताया कि 16 नये मरीजों के बाद अब जिले में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या 80 हो गई है.

उन्होंने बताया कि उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती नौ मरीजों की दूसरी रिपोर्ट भी ठीक आई है.संभवतः उनको आज शाम तक अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी.उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस से संक्रमित दो लोग पहले ठीक होकर अस्पताल से घर चले गए थे, लेकिन उनकी तीसरी रिपोर्ट संक्रमित आई, जिसके बाद उन्हें दोबारा अस्पताल में भर्ती किया गया है.

जिलाधिकारी ने बताया कि सोमवार को उन्होंने यहां के उद्यमियों के साथ बैठक की, तथा लॉकडाउन की वजह से प्रभावित हुए श्रमिकों को वेतन देने की बात कही .उन्होंने बताया कि कुछ उद्यमियों ने काम-धंधा बंद होने की वजह से वेतन देने में असमर्थता जताई है, लेकिन उन्हें हिदायत दी गयी है, कि मजदूरों का वेतन समय से दिया जाये.

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रजनीश आनंद

लेखक के बारे में

By रजनीश आनंद

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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