#DoubleMurderMystry : 9 साल में सीबीआई की दो टीमों ने की जांच, फिर भी सवाल वही, आरुषि-हेमराज को किसने मारा?

By Prabhat Khabar Digital Desk
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इलाहाबाद : आरुषि तलवार और हेमराजकी हत्याकांड की नौ साल से अधिक समय तक जांच चली. पहले इस मामले की जांच उत्तरप्रदेश की पुलिस ने की. मामलापेचीदाहोता गया, तो इसकी जांच देश की सबसे तेज-तर्रारमानी जानेवाली जांच एजेंसीकेंद्रीयजांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपी गयी.

सीबीआई की दो-दो टीमों ने इस मामले की पूरी बारीकी से जांच की. सीबीआई ने इस डबल मर्डर मिस्ट्री को सुलझाने का एक बार दावा भी किया. सीबीआई ने अपनी जांच के आधार पर कहा कि आरुषि की हत्या उसके माता-पिता नूपुर और राजेश तलवार ने की है.

आरुषि की हत्या को ऑनर किलिंग बताया गया. सीबीआई ने लोअर कोर्ट में जो सबूत पेश किये, उसके आधार पर तलवार दंपती को उम्रकैद की सजा सुना दी गयी. निचली अदालत के फैसले को तलवार दंपती ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी.

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गुरुवार को जब फैसला सुनाया, तो सीबीआई के सारे दावे धराशायी हो गये. हाईकोर्ट ने तलवार दंपती को अपनी ही बेटी के कत्ल के आरोपों से बरी कर दिया. इसके बाद एक बार फिर वही सवाल मुंह बाये खड़ा है : आरुषि-हेमराज को किसने मारा?

आरुषि की मां नूपुर, ने बेटी को न्याय दिलाने के लिए जो कानूनी लड़ाई शुरू की थी, उसका अब क्या होगा? क्या आरुषि को न्याय मिलेगा? हेमराज और आरुषि के हत्यारे कभी पकड़े भी जायेंगे याइस डबल मर्डर मिस्ट्री का राज राज ही रह जायेगा?

आरुषि-हेमराज की हत्या से लेकर अब तक का घटनाक्रम
16 मई, 2008 को नोएडा के जलवायु विहार इलाके में 14 साल की आरुषि का शव बरामद हुआ. अगले ही दिन पड़ोसी की छत से नौकर हेमराज का भी शव मिला.2008 में आरुषि और हेमराज की हत्या ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया. यह हत्याकांड इतना पेचीदा था कि पुलिस को पसीने छूट गये.
16 मई : 14 साल की आरुषि तलवार नोएडा में अपने घर के बेडरूम में मरी मिली. उसका गला कटा था. नौकर हेमराज पर शक आया.
17 मई : हेमराज की लाश तलवार के घर के टेरेस पर मिली.
23 मई : आरुषि के पिता डॉ राजेश तलवार को यूपी पुलिस ने आरुषि और हेमराज की हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया.
01 जून : सीबीआई ने जांच अपने हाथ में ली.
13 जून : डॉ राजेश तलवार के कम्पाउंडर कृष्णा को सीबीआई ने गिरफ्तार किया..तलवार के दोस्त दुर्रानी के नौकर राजकुमार और तलवार के पड़ोसी के नौकर विजय मंडल को भी बाद में गिरफ्तार किया. तीनों दोहरे हत्याकांड के आरोपी बने.
12 जुलाई : राजेश तलवार गाजियाबाद की डासना जेल से जमानत पर रिहा.
12 सितंबर : कृष्णा, राजकुमार और विजय मंडल को लोअर कोर्ट से जमानत मिली. सीबीआई 90 दिन तक चार्जशीट फाइल नहीं कर सकी.
2009
10 सितंबर : आरुषि हत्याकांड की जांच के लिए सीबीआई की दूसरी टीम बनी.
2010
29 दिसंबर : सीबीआई ने आरुषि हत्याकांड में अदालत में क्लोजर रिपोर्ट लगा दी.
2011
25 जनवरी : राजेश तलवार ने सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट के खिलाफ लोअर कोर्ट में प्रोटेस्ट पिटीशन दाखिल की.
9 फरवरी : लोअर कोर्ट ने सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट खारिज की, आरुषि के मां-बाप, राजेश और नुपुर तलवार को हत्या और सुबूत मिटाने का दोषी माना.
21 फरवरी : डॉ राजेश और नुपुर तलवार ट्राइल कोर्ट के समन को रद्द करवाने हाइकोर्ट गए.
18 मार्च : हाईकोर्ट ने समन रद्द करने की तलवार की गुजारिश खारिज की और उन पर कार्यवाही शुरू करने को कहा.
19 मार्च : तलवार सुप्रीम कोर्ट गए, जिसने उनके खिलाफ ट्राइल को स्टे कर दिया
2012
6 जनवरी : सुप्रीम कोर्ट ने तलवार की अर्ज़ी खारिज की और ट्राइल शुरू करने की इजाजत दी.
11 जून : गाजियाबाद में विशेष सीबीआई जज एस लाल के सामने ट्राइल शुरू हुआ.
2013
10 अक्तूबर : फाइनल आर्ग्युमेंट शुरू हुए.
25 नवंबर : तलवार दंपति को गाज़ियाबाद की स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने दोषी पाया और उम्र कैद की सजा सुनाई.
2014
जनवरी : तलवार दंपत्ति ने लोअर कोर्ट के फैसले को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी.
2017
11 जनवरी : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने तलवार की अपील पर फैसला सुरक्षित किया.
01 अगस्त : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि तलवार की अपील दुबारा सुनेंगे क्योंकि सीबीआई के दावों में विरोधाभास हैं.
08 सितंबर : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आरुषि हत्याकांड में फैसला सुरक्षित किया.
12 अक्तूबर : लोअर कोर्ट से तलवार दंपति की सजा के चार साल बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट आरुषि हत्याकांड पर फैसला सुनाएगा.
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