Kanpur: वायु प्रदूषण के टेंडर में बड़ा खेल, 40 लाख से ऊपर के कामों को चहेते ठेकेदारों को देने का आरोप

Kanpur News: कानपुर नगर निगम में टेंडर प्रक्रिया में बड़ा खेल सामने आया है. नगर निगम के पूर्व अभियंता पर वायु प्रदूषण के 40 लाख से ऊपर के कामों को बिना नियम के चहेतों को बांटने का आरोप लगा है. शासन के यूएलबी-टी 2 के नियम की अवेहना करने की शिकायत नगर आयुक्त से की गई है.
Kanpur News: कानपुर नगर निगम में टेंडर प्रक्रिया में बड़ा खेल सामने आया है. नगर निगम के पूर्व अभियंता पर वायु प्रदूषण के 40 लाख से ऊपर के कामों को बिना नियम के चहेतों को बांटने का आरोप लगा है. शासन के यूएलबी-टी 2 के नियम की अवेहना करने की शिकायत नगर आयुक्त से की गई है. जिसके बाद टेंडर प्रक्रिया की जांच के लिए नगर आयुक्त शिवशरणप्पा जीएन ने मुख्य अभियंता और सभी एक्सीएन से जांच कराकर आख्या सात दिनों में मांगी है.
15वें वित्त आयोग से वायु प्रदूषण को रोकने के लिए पिछले वर्ष जुलाई में करोड़ों के टेंडर के लिए निविदाआमंत्रित की गई थी. आरटीआई कार्यकर्ता और सच का आईना संस्था के नीरज गुप्ता ने बताया कि नगर निगम में पूर्व में मुख्य अभियंता के पद पर तैनात एसके सिंह ने 40 लाख के ऊपर के सभी कार्यों में स्थानीय निकाय के नियम की अवहेलना की.
आरोप लगाया कि बिना यूएलबी-टी2 लगाए ही मुख्य अभियंता ने अपने चहेते ठेकेदारों को दे दिया. इसमें सड़क निर्माण कार्य, टाइल्स लगाकर फुटपाथ, नाली बनाने, ग्रीन बेल्ट का सुधार आदि कार्य थे. इसी को लेकर उन्होंने नगर आयुक्त को शिकायती पत्र दिया है, और थर्ड पार्टी से मामले की जांच कराने की मांग की है. जिसपर नगर आयुक्त शिवशरणप्पा जीएन ने अपर नगर आयुक्त तृतीय, टेंडर कमेटी, मुख्य अभियंता सिविल को जांच करने के निर्देश जारी कर दिए हैं, और सात दिनों में आख्या मांगी है.
नगर निगम 14वें वित्त आयोग से वायु प्रदूषण रोकने के लिए 4 जुलाई 2021 से 12 जुलाई 2021 के बीच में टेंडर आमंत्रित किए थे.जिसमें 40 लाख के ऊपर कामों के टेंडर ठेकेदार की बिना क्षमता जाने दे दिए गए.
नगर निगम में मुख्य अभियंता के पद पर रहते हुए एसके सिंह पर सरकारी गाड़ी का दुरुपयोग करने का आरोप लग चुका है. IGRS के जरिए शिकायत की गई थी. जिस पर कहा गया था कि एसके सिंह ने नगर निगम के पदों पर रहते हुए सरकारी गाड़ी संख्या UP78GJ7684 का नगर निगम के दायरे से बाहर व्यक्तिगत काम के लिए इस्तेमाल किया है. वह व्यक्तिगत घूमने के लिए बनारस, चित्रकूट और प्रयागराज लेकर गए थे. जिससे सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ था. हालांकि अब इनकी तैनाती यहां पर नहीं है. लेकिन शिकायत में कहा गया है कि इन सभी रूटों के टोल प्लाजा की जांच कर कार्रवाई की मांग की है.
रिपोर्ट: आयुष तिवारी
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