Gorakhpur: रोजगार का हब बनेगा धुरियापार इंडस्ट्रियल टाउनशिप, 10 हजार लोगों को मिलेगा काम, प्लान तैयार

धुरियापार इंडस्ट्रियल टाउनशिप में 10 हजार लोगों को रोजगार मिलने जा रहा है. गोरखपुर को इंडस्ट्रियल हब (Industrial hub) बनाने के लिए प्राधिकरण (GIDA) ने धुरियापार इंडस्ट्रियल टाउनशिप का मास्टर प्लान पर कार्य तेज कर दिया है. अधिक से अधिक निवेश के लिए प्राधिकरण ने लैंड बैंक बनाने पर जोर दिया है.
Gorakhpur News: गोरखपुर को इंडस्ट्रियल हब (Industrial hub) बनाने के लिए गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (GIDA) ने धुरियापार इंडस्ट्रियल टाउनशिप के मास्टर प्लान पर प्रक्रियात्मक कार्य तेज कर दिया है. अधिक से अधिक निवेश के लिए प्राधिकरण ने लैंड बैंक बनाने पर जोर दिया है. इसके लिए गीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ पहले बैठक की और फिर क्षेत्र का निरीक्षण कर कई महत्वपूर्ण पहलुओं को मास्टर प्लान में शामिल करने का निर्णय लिया है.
इसके तहत इंडस्ट्रियल टाउनशिप की रोड और रेल कनेक्टिविटी पर विशेष ध्यान दिया जाना है. इंडस्ट्रियल टाउनशिप में करीब 1843 एकड़ में उद्योग लगेंगे और करीब 10,000 से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा. यहां 18 गांव की 5754 एकड़ जमीन में टाउनशिप विकसित होना है. इसकी योजना का प्रारूप तैयार कर लिया गया है. इस क्षेत्र को रेल नेटवर्क से भी जोड़ा जाएगा. सहजनवा–दोहरीघाट रेल लाइन परियोजना के जरिए यह कार्य संभव होगा.
इस क्षेत्र को लेकर विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ 13 दिसंबर को संपन्न बैठक में यह सुझाव दिया गया कि, भारी उद्योगों को कच्चा माल लाने के लिए रेल साइडिंग की व्यवस्था दी जाए. गीडा सीईओ पवन अग्रवाल ने गोला तहसील के अधिकारियों के साथ धुरियापार क्षेत्र का निरीक्षण किया. जल्द ही किसानों से सहमति के आधार पर यह जमीन का अधिग्रहण शुरू कर दिया जाएगा.
बैठक में लॉजिस्टिक हब विकसित किए जाने के लिए कई तरह के सुझाव मिले. इनमें रेलवे कनेक्टिविटी के अलावा बड़े उद्योगों के लिए पृथक से रेलवे साइडिंग, 45 मीटर से अधिक चौड़ाई वाली सड़कों के लिए सर्विस रोड का प्रावधान, उद्योगों और अन्य भू प्रयोगों में आने वाली प्रक्रियाओं के सरलीकरण तथा 132 केवी विद्युत उप केंद्र की स्थापना किए जाने हेतु सुझाव आए.
महा योजना का प्रारूप तैयार होने के बाद यह तय किया जाएगा कि कितने क्षेत्र में औद्योगिक आवासीय व्यवसाय क्षेत्र विकसित किया जाए और कितना क्षेत्रफल हरा भरा होगा इस प्रारूप के लिए सभी विभागों के साथ बैठक घर अधिकारियों के साथ विचार विमर्श किया गया और सुझाव दिया गया कि इस क्षेत्र में लॉजिस्टिक हब विकसित किया जाना जरूरी है.
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गीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी पवन अग्रवाल कहते हैं कि मूर्त रूप में आने के बाद यह इंडस्ट्रियल टाउनशिप धुरियापार समेत समूचे गोरखपुर दक्षिणांचल के लिए गेम चेंजर साबित होगी. धुरियापार की पहचान अति पिछड़े क्षेत्र के रूप में रही, लेकिन आने वाले दिनों में इसकी पहचान गोरखपुर के नए औद्योगिक क्षेत्र के गेटवे के रूप में होगी. बीते पांच सालों में देश-दुनिया के कई निवेशकों का रुझान गोरखपुर की तरफ देखते हुए सरकार धुरियापार क्षेत्र को ग्रेटर गीडा बनाने की तैयारी कर रही है. औद्योगिक विकास के साथ ही यहां रोजगार की बहार भी बहेगी.
रिपोर्टर-कुमार प्रदीप, गोरखपुर
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By Prabhat Khabar News Desk
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