कोरोना वायरस से लड़ने के लिए राजस्थान सरकार तैयार, पांच नये मामलों के साथ संक्रमितों की संख्या 59 हुई

rajasthan government ready to fight coronavirus pandemic, positive cases rised to 59 जयपुर : राजस्थान में कोरोना वायरस संक्रमण के पांच नये मामले सामने आने के बाद राज्य में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 59 पहुंच गयी. वहीं 216 संदिग्ध संक्रमित मरीजों की जांच प्रक्रियाधीन है. एक अधिकारी ने बताया कि रविवार को संक्रमित पाये गये मरीजों में से एक 53 वर्षीय वह महिला संक्रमित पायी गयी, जिसे भीलवाड़ा के उस अस्पताल में ले जाया गया था, जहां शुरू में कुछ चिकित्सक और नर्सिंगकर्मी पॉजिटिव पाये गये थे. वहीं, झुंझुनूं जिले का निवासी एक 21 वर्षीय व्यक्ति भी संक्रमित पाया गया है.
जयपुर : राजस्थान में कोरोना वायरस संक्रमण के पांच नये मामले सामने आने के बाद राज्य में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 59 पहुंच गयी. वहीं 216 संदिग्ध संक्रमित मरीजों की जांच प्रक्रियाधीन है. एक अधिकारी ने बताया कि रविवार को संक्रमित पाये गये मरीजों में से एक 53 वर्षीय वह महिला संक्रमित पायी गयी, जिसे भीलवाड़ा के उस अस्पताल में ले जाया गया था, जहां शुरू में कुछ चिकित्सक और नर्सिंगकर्मी पॉजिटिव पाये गये थे. वहीं, झुंझुनूं जिले का निवासी एक 21 वर्षीय व्यक्ति भी संक्रमित पाया गया है.
अजमेर जिले में पाये गये तीन अन्य संक्रमित लोग एक ही परिवार के हैं. परिवार के सदस्यों में से एक शनिवार को संक्रमित पाया गया था. अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) रोहित कुमार सिंह ने बताया कि झुंझुनूं में संक्रमित पाया गया 21 वर्षीय व्यक्ति फिलीपींस की यात्रा कर 18 मार्च को दिल्ली से किराये की टैक्सी से लौटा था. उसे पृथक रखा गया था और 26 मार्च को उसमें कोरोना के लक्षण विकसित होने पर जांच की गयी.
उन्होंने कहा कि रविवार को आये नतीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई. उन्होंने बताया कि राजस्थान में अब संक्रमितों की संख्या बढ़कर 59 तक पहुंच गयी है. राज्य में अब तक संक्रमित पाये गये 59 मरीजों में से भीलवाड़ा में 25, जयपुर में 10, झुंझुनूं में 7, जोधपुर में 6, अजमेर में 4, प्रतापगढ़ और डूंगरपुर में दो-दो और पाली, सीकर और चुरु में एक-एक मरीज संक्रमित पाये गये हैं.
राज्य प्रशासन ने शुरू में भीलवाड़ा और झुंझुनूं जिलों की सीमाओं को बंद कर कर्फ्यू लागू किया और पूरे राज्य भर में 22 मार्च से लॉकडाउन लागू किया. राज्य में संक्रमितों की पहचान के लिए व्यपाक स्तर पर सर्वे और स्क्रीनिंग कार्यक्रम चलाया जा रहा है. चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ रघु शर्मा ने कहा कि राज्य भर में 60.61 लाख परिवारों के 2.5 करोड़ सदस्यों की स्क्रीनिंग का काम एक्टिव सर्विलांस टीम द्वारा व करीब 25.5 लाख रोगियों की पैसिव सर्विलांस टीम द्वारा ओपीडी में स्क्रीनिंग की जा चुकी है.
डॉ रघु शर्मा ने कहा कि शनिवार तक संक्रमित मरीजों के संपर्क में आये लगभग 1400 लोगों की कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग कर स्क्रीनिंग भी की गयी. उनमें से 200 लोगों के सैंपल लिये गये और उन्हें जांच के लिए भेजा गया है. उन्होंने कहा कि राज्य में एक लाख क्वारेंटाइन सुविधा उपलब्ध कराने का जो लक्ष्य रखा था, 55 हजार 400 क्वारेंटाइन चिह्नित किये जा चुके हैं और शेष के लिए कार्यवाही जारी है.
डॉ शर्मा ने कहा कि विभाग के पास पर्याप्त मात्रा में वेंटिलेटर्स हैं. मांग और उपलब्धता के अनुसार और वेंटिलेटर्स खरीदने की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है. उन्होंने कहा कि राज्य में पीपीई (पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट) किट 8549, एन-95 मास्क 38099 की संख्या में मौजूद हैं. पीपीई किट का बफर स्टॉक 2821 और एन-95 मास्क का 36272 है.
उन्होंने कहा कि पीपीई किट, मास्क, ग्लव्स, ट्रिपल लेयर मास्क, एन-95 मास्क के लिए आरएमएससीएल को निर्देश दिये जा चुके हैं, वह निरंतर खरीद कर रहे हैं. अतिरिक्त मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य रोहित कुमार सिंह ने बताया कि बंद के दौरान नियमित रूप से दवा लेने वाले मरीजों को होने वाली समस्या के समाधान के लिए एक राज्यस्तरीय दवा आपूर्ति नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है. यह नियंत्रण कक्ष सुबह 9:30 बजे से सायं 6 बजे तक कार्य करेगा.
उन्होंने बताया कि दवा की आपूर्ति के लिए मरीज दवा आपूर्ति नियंत्रण कक्ष के संपर्क नंबर 0141-2228600 पर संपर्क करने पर नियंत्रण कक्ष द्वारा मरीज को उसके निवास के निकटतम दवा की दुकान-फर्म का मोबाइल नंबर (व्हाट्सएप नम्बर) उपलब्ध कराया जायेगा. मरीज की दवा का पर्चा उस दवा विक्रेता को व्हाट्सएप पर भेजा जायेगा. औषधि विक्रेता उनके घरों पर बिल सहित दवा की आपूर्ति करेंगे.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




