राउरकेला : बिरसा डाहर से लेकर पंडा कॉलोनी तक आधी रात में हो रही पानी की आपूर्ति, रोष

Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 24 May 2024 11:29 PM

विज्ञापन

राउरकेला महानगर निगम तथा राउरकेला स्मार्ट सिटी के दायरे में आनेवाले बिसरा डाहर से लेकर पंडा कॉलोनी तक करीब 150 से भी ज्यादा परिवार प्रत्येक वर्ष गर्मी के मौसम में पानी की भीषण किल्लत का सामना करने को मजबूर हैं.

विज्ञापन

राउरकेला. राउरकेला महानगर निगम तथा राउरकेला स्मार्ट सिटी के दायरे में आनेवाले बिसरा डाहर से लेकर पंडा कॉलोनी तक करीब 150 से भी ज्यादा परिवार प्रत्येक वर्ष गर्मी के मौसम में पानी की भीषण किल्लत का सामना करने को मजबूर हैं. लेकिन उनकी सुध लेनेवाला कोई नहीं है. राउरकेला को महानगर निगम से लेकर स्मार्ट सिटी का दर्जा मिलने के बाद भी यहां पर पानी जैसी बुनियादी समस्या का समाधान कई स्थानों पर नहीं हो पाया है. मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की तस्वीर के साथ ड्रिंक फ्रॉम टैप का विज्ञापन प्रत्येक वर्ष गर्मी के मौसम में पानी की भीषण किल्लत झेल रहे लोगों के लिए ‘जले पर नमक’ छिड़कने का काम कर रहा है. जानकारी के अनुसार इस अंचल में विगत कई वर्षों से गर्मी के मौसम में वाटको की पाइप जलापूर्ति अनियमित हो जाती है. आज तक इसका समाधान नहीं हो सका है. इस बार भी कुछ ऐसी ही परेशानी यहां के लोग झेल रहे हैं.

खराब हो रही महिलाओं की नींद

यहां के लोगों का कहना है कि गर्मी शुरू होते ही यहां पर पानी की किल्लत हो गयी है. वहीं वाटको की अनियमित जलापूर्ति से भी परेशानी हो रही है. आमतौर पर सुबह व शाम दो वक्त पानी की आपूर्ति होनी चाहिए. लेकिन यहां पर रात के दो बजे जब सभी लोग सो रहे होते हैं, तभी पानी की सप्लाई की जा रही है. जिससे खासकर परिवार की महिला सदस्यों समेत अन्य लोगों को अपनी नींद खराब कर पानी भरना पड़ता है. लेकिन यह सप्लाई भी नियमित तौर पर नहीं होती है. कभी एक घंटे के लिए, तो कभी आधा घंटे के लिए पानी मिलता है, तो कभी वह भी नहीं मिलता. जिससे इस अंचल में जिन लोगों ने अपने घरों में पानी के लिए बोरिंग कराई हुई है, उनसे चिरौरी कर पानी लेना पड़ता है.

बोले लोग-पेयजल की समस्या का हो समाधान

इस अंचल में विगत कई सालों से यह समस्या देखी जा रही है. जिसमें नियमित पानी सप्लाई तो नहीं के बराबर होती है. वहीं यदि होती भी है, तो वह आधी रात को होती है. जिससे परेशानी का सामना करना पड़ता है.

-दीपू प्रसाद

प्रत्येक वर्ष इस अंचल में गर्मी के मौसम में पानी की किल्लत देखी जाती है. इस बार भी नियमित पानी सप्लाई न होने के साथ आधी रात को पानी सप्लाई होने से यह सभी के लिए परेशानी का कारण बना है.

– सुमन सिंह

हमारे यहां नियमित पानी की सप्लाई न होने से पानी की किल्लत प्रत्येक वर्ष गर्मी के मौसम में होती है. वाटको से पर्याप्त पानी नहीं मिलने से जिनके घरों में बाेरिंग है, वहां से पानी लाकर काम चलाना पड़ता है.

-सुगंध सिंह

यहां पानी आने का कोई निश्चित समय नहीं है. अब गर्मी का मौसम शुरू हुआ है, तो रात के दो बजे पानी की सप्लाई होती है. वह भी कभी होती है, कभी नहीं, जिससे हम महिलाओं काे पानी के लिए दौड़ लगानी पड़ती है.

-फूलबदन देवी

यहां पर हमें इस बुनियादी जरूरत से वंचित किया जा रहा है. गर्मी के मौसम को देखते हुए जिस प्रकार नियमित पानी की सप्लाई एक निश्चित समय पर होनी चाहिए, वह नहीं होने से परेशानी झेल रहे हैं.

-उषा सिंह

हमारे अंचल में प्रत्येक वर्ष यह समस्या देखी जाती है. लेकिन इसका समाधान आज तक नहीं हो पाया है. जिससे हमें पानी के लिए परेशानी का सामना करना पड़ता है. इसका समाधान होना चाहिए.

-बबीता देवीB

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola