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Bhubaneswar News: 2047 तक भारत को विकसित बनाने में एनइपी का होगा महत्वपूर्ण योगदान : धर्मेंद्र

Updated at : 29 Jul 2025 11:25 PM (IST)
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Bhubaneswar News:  2047 तक भारत को विकसित बनाने में एनइपी का होगा महत्वपूर्ण योगदान : धर्मेंद्र

Bhubaneswar News: केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की पांचवीं वर्षगांठ पर 4,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं शुरू की.

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Bhubaneswar News: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मंगलवार को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की 5वीं वर्षगांठ के अवसर पर अखिल भारतीय शिक्षा समागम-2025 का उद्घाटन नयी दिल्ली में किया. इस अवसर पर उन्होंने 4,000 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया, जिसमें नयी शैक्षिक पहलें, संस्थानों का लोकार्पण और आधारशिला कार्यक्रम शामिल हैं.

एनइपी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच का प्रतिबिंब

श्री प्रधान ने कहा कि ‘विकसित भारत 2047’ सिर्फ एक लक्ष्य नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री द्वारा दिया गया एक राष्ट्र निर्माण का आह्वान है. राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 इस अभियान का सबसे प्रभावशाली उपकरण है. उन्होंने सभी हितधारकों से हर कक्षा को सार्थक शिक्षा का केंद्र और हर विद्यार्थी की क्षमता को निखारने का स्थान बनाने का आग्रह किया. अपने संबोधन में श्री प्रधान ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के सफल क्रियान्वयन के पांच वर्ष पूरे होने पर शुभकामनाएं दीं और कहा कि यह नीति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच का प्रतिबिंब है, जिसमें शिक्षा को भारत के विकास की आधारशिला माना गया है.

शिक्षा व्यवस्था में व्यापक परिवर्तन आया

प्रधान ने कहा कि बीते पांच वर्षों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति को नीति से व्यवहार में बदला गया है, जिससे शिक्षा व्यवस्था में व्यापक परिवर्तन आया है. उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा, भारतीय भाषाओं, अनुसंधान, नवाचार और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के मूल में बताया. श्री प्रधान ने अंत में कहा कि अखिल भारतीय शिक्षा समागम केवल एक सम्मेलन नहीं, बल्कि यह भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है. कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी (राज्य मंत्री, शिक्षा एवं कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय), डॉ सुकांत मजूमदार (राज्य मंत्री, शिक्षा एवं उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्रालय) और 13 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के शिक्षा मंत्री उपस्थित रहे. इसके अलावा विभिन्न मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी, विश्वविद्यालयों के कुलपति, निदेशक, स्वायत्त संस्थानों के प्रमुख, स्टार्टअप संस्थापकों और छात्र-छात्राएं भी इस अवसर पर मौजूद थे.

अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस पर भारत की बाघ संरक्षण उपलब्धियों को सराहा

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस के अवसर पर बाघ संरक्षण के प्रति समर्पित वन्यजीव प्रेमियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं. श्री प्रधान ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि भारत सरकार के समग्र संरक्षण प्रयासों के चलते आज भारत विश्व की 70% से अधिक बाघ आबादी का घर बन चुका है. उन्होंने ओडिशा की विशिष्टता की भी सराहना करते हुए लिखा कि ओडिशा राज्य दुर्लभ मेलानिस्टिक (काले) बाघों का भी निवास स्थल है, जो दुनिया में और कहीं नहीं पाए जाते. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक आवासों में संरक्षित रखने पर दिये जा रहे विशेष बल का उल्लेख करते हुए श्री प्रधान ने कहा कि आइए हम सभी मिलकर बाघों के लिए सुरक्षित और समृद्ध आवास सुनिश्चित करने तथा इन शानदार प्राणियों के भविष्य की रक्षा करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को बनाये रखें.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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BIPIN KUMAR YADAV

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BIPIN KUMAR YADAV is a contributor at Prabhat Khabar.

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