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MP Political Crisis Live Updates : फ्लोर टेस्ट पर अब कल सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट

Author : Amitabh Kumar Published by : Prabhat Khabar Updated At : 18 Mar 2020 4:24 PM

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MP Political Crisis: मध्यप्रदेश की सियासी उठापटक पर सुप्रीम कोर्ट में अब कल भी सुनवाई होगी. इससे पहले, विधायकों की ओर से पक्ष रख रहे वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि कोर्ट चाहे तो सभी बागी विधायकों को बुलाकर स्थिति जान लें, जिसके बाद कोर्ट ने इस मामले को कल तक के लिए टाल दिया है. मध्‍य प्रदेश की राजनीति से जुड़ी पल-पल की खबर के लिए बने रहें हमारे साथ....

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कमलनाथ सरकार एक दिन भी सत्ता में नहीं रह सकती क्योंकि…

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज चौहान ने उच्चतम न्यायालय में कांग्रेस की उस याचिका का विरोध किया, जिसमें उसने उप चुनाव तक शक्ति परीक्षण टालने की मांग की है. मध्य प्रदेश कांग्रेस ने उच्चतम न्यायालय से रिक्त विधानसभा सीटों पर उप चुनाव होने तक शक्ति परीक्षण स्थगित करने की मांग की है. चौहान ने मध्य प्रदेश विधानसभा में तत्काल शक्ति परीक्षण की मांग करते हुए कहा कि कमलनाथ सरकार एक दिन भी सत्ता में नहीं रह सकती क्योंकि वह बहुमत खो चुकी है.

कांग्रेस के बागी विधायक का वीडियो

कांग्रेस के बागी विधायक मनोज चौधरी ने बेंगलुरु से वीडियो जारी किया है. उन्होंने कहा कि मैं दिग्विजय सिंह से मिलने के लिए तैयार हूं लेकिन मेरी कुछ शर्तों के साथ…वहीं, कुछ बागी विधायकों ने वीडियो जारी कर उनसे मिलने से इनकार किया है.

राज्यपाल के पास मुख्यमंत्री या अध्यक्ष को रात में शक्ति परीक्षण का आदेश देने का अधिकार नहीं

मध्य प्रदेश कांग्रेस ने उच्चतम न्यायालय से कहा कि भाजपा नेताओं द्वारा विधानसभा अध्यक्ष को सौंपे गए बागी विधायकों के त्यागपत्रों के मामले में जांच की आवश्यकता है. कांग्रेस ने न्यायालय में आरोप लगाया कि मप्र में उसके बागी विधायकों के इस्तीफे बलपूर्वक और डरा धमका कर ले जाए गये हैं और यह उन्होंने स्वेच्छा से ऐसा नहीं किया है. कांग्रेस ने कहा कि बागी विधायकों को भाजपा चार्टर्ड विमानों से ले गयी और उन्हें एक रिजार्ट में रखा गया है. कांग्रेस ने उच्चतम न्यायालय से कहा कि भाजपा नेता होली के दिन अध्यक्ष के आवास पहुंचे और उन्हें बागी 19 विधायकों के इस्तीफे सौंपे, यह इस मामले में उनकी भूमिका दर्शाता है. अध्यक्ष के पास सर्वोच्च अधिकार है, मध्य प्रदेश के राज्यपाल उनके अधिकार का हनन करने की कोशिश कर रहे हैं. राज्यपाल के पास मुख्यमंत्री या अध्यक्ष को रात में शक्ति परीक्षण का आदेश देने का अधिकार नहीं है.

बागी विधायकों ने डीजीपी को लिखा पत्र

कांग्रेस के 22 बागी विधायकों ने कर्नाटक के डीजीपी को पत्र लिखा है और कहा है कि कांग्रेस का कोई भी नेता हमसे मिल ना सके. हम यहां सुरक्षित हैं और हमें कोई खतरा नहीं है.

कांग्रेस पर तंज कसते हुए बोले शिवराज सिंह चौहान…

कांग्रेस विधायकों का एक प्रतिनिधमंडल दोपहर 1.45 बजे राज्यपाल लालजी टंडन से मुलाकात करने जा रहा है. इधर , भाजपा नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने सीहोर में अपने विधायकों से मुलाकात की है. आपको बता दें कि भाजपा विधायकों को सीहोर के एक होटल में ठहराया गया है. विधायकों से मिलने के बाद शिवराज सिंह चौहान ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि आज कांग्रेस को उसके विधायक याद आ रहे हैं. यदि वक्त रहते अपने विधायकों से मिल लिए होते तो आज यह नौबत नहीं आती. उन्होंने कहा कि सुख में सुमिरन सब करें, सुख में करे न कोय. जो सुख में सुमिरन करे तो दुख काहे को होय.

कमलनाथ जा सकते हैं बेंगलुरु

कांग्रेस विधायकों से मिलने बेंगलुरु जाने के सवाल पर कमलनाथ ने कहा- यदि जरूरत पड़ती है तो मैं वहां जरूर जाऊंगा. इस बीच खबर आ रही है कि भोपाल के होटल मैरिएट में ठहरे हुए विधायक आज राजभवन जाएंगे. ये विधायक वहां गांधी प्रतिमा के पास बैठकर बेंगलुरु में विधायकों को कथित तौर पर बंधक बनाये जाने के खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके प्रदर्शन करने का काम करेंगे.

राज्यसभा में हंगामा

दिग्विजय सिंह को हिरासत में लिये जाने का मामला आज राज्यसभा में उठा. यहां विपक्ष के सांसदों ने जमकर हंगामा किया. इधर, भाजपा नेता नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस विधायक दिग्विजय सिंह से नहीं मिलना चाहते हैं.

बोले दिग्विजय- वे जहां वोट देना चाहें दें…

सुप्रीम कोर्ट में जहां कुछ देर में सुनवाई होने वाली है, वहीं बेंगलुरु में गजब सियासी ड्रामा चल रहा है. दिग्विजय सिंह बागी विधायकों से मिले बिना वापस न जाने पर अड़ गये हैं. उन्होंने कहा कि मुझे मिलने क्यों नहीं दे रहे हैं. मुझे कम से कम मेरे कांग्रेस के विधायकों से मिलने दें. वे जहां वोट देना चाहें दें, लेकिन मुझे मिलने तो दें.

कमलनाथ का तंज

मुख्यमंत्री मध्य प्रदेश कमलनाथ ने कहा कि 16 विधायकों को सिर्फ एक दिग्विजय सिंह से खतरा है. 400 पुलिसवाले मौजूद होने के बाद भी खतरा है. तो आप समझ लीजिए कि वे लोग कितने स्वतंत्र हैं.

दोपहर बाद होगी सुनवाई

एजीआर मामले के बाद एमपी मामले की सुनवाई होगी. सुप्रीम कोर्ट में अब दोपहर बाद सुनवाई होगी. कांग्रेस की ओर से वकील कपिल सिब्बल ने जवाब के लिए वक्त मांगा है. आपको बता दें कि मंगलवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने मध्य प्रदेश के विधानसभा स्पीकर नोटिस जारी करके आज सुबह 10.30 बजे तक जवाब मांगा था. इससे पहले राज्यपाल ने भी कमलनाथ सरकार को फ्लोर टेस्ट कराने का निर्देश दिया था लेकिन उन्होंने फ्लोर टेस्ट नहीं कराया.

थाने में अनशन

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने थाने में अनशन की घोषणा की है. इस बीच खबर आ रही है कि सुबह 11 बजे कमलनाथ कैबिनेट की बैठक होगी.

अमृताहल्ली पुलिस स्टेशन में दिग्विजय सिंह

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह को बेंगलुरु के अमृताहल्ली पुलिस स्टेशन में हिरासत में रख गया है. उनके साथ कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार, मध्य प्रदेश कांग्रेस के नेता सज्जन सिंह वर्मा और कांतिलाल भूरिया भी मौजूद हैं.

डीके शिवकुमार ने कहा

कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने कहा कि सूबे की भाजपा सरकार सत्ता का दुरुपयोग करने में लगी हुई है. हमारी अपनी राजनीतिक रणनीति है, हम जानते हैं कि स्थिति को कैसे संभालना है. मध्‍यप्रदेश के कांग्रेस विधायक यहां अकेले नहीं है, मैं यहां हूं. मुझे पता है कि उनको कैसे सपोर्ट करना है. लेकिन मैं कर्नाटक में कानून-व्यवस्था खराब नहीं करना चाहता हूं.

भूख हड़ताल पर दिग्विजय

हिरासत में लिये जाने के बाद कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि हम उनके वापस आने की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन जब हमने देखा कि उन्हें वापस ले जा रहे हैं तो उनके परिवारों से संदेश हमारे तक पहुंचने लगे. मैंने खुद 5 विधायकों से बात की, उन्होंने कहा कि वे बंदी हैं, फोन छीन लिये गये हैं, हर कमरे के सामने पुलिस तैनात कर दी गयी है, उन्हें 24 घंटे निगरानी में रखा जा रहा है. कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह को बेंगलुरु के अमृताहल्ली पुलिस स्टेशन ले जाया गया. दिग्विजय सिंह का कहना है कि वह अब भूख हड़ताल पर हैं.

हिरासत में दिग्विजय सिंह

मध्य प्रदेश का सियासी ड्रामा बेंगलुरु पहुंच चुका है. आज सुबह कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह रामदा होटल के बाहर धरने पर बैठ गये हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें कांग्रेस के विधायकों से मिलने नहीं दिया गया जिसके कारण वे धरने पर बैठ गये. हालांकि कुछ देर बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया. आपको बता दें कि बागी कांग्रेसी विधायक इसी होटल में ठहरे हुए हैं.

दिग्विजय सिंह धरने पर

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह बेंगलुरु के रामदा होटल के बाहर धरने पर बैठ चुके हैं. बुधवार सुबह-सुबह ही वे बेंगलुरु पहुंचे. यहां कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने उनकी अगवानी की. दोनों नेता रामदा होटल पहुंचे, लेकिन पुलिस ने उन्हें होटल के अंदर प्रवेश नहीं करने दिया. दिग्विजय इससे नाराज हो गये और बाहर ही धरने पर बैठ गये. आपको बता दें कि अभी मध्य प्रदेश के 21 कांग्रेसी विधायक रामदा होटल में ठहरे हुए हैं.

कमलनाथ ने राज्यपाल को पत्र लिखकर सूचित किया

मुख्‍यमंत्री कमलनाथ ने मंगलवार को राज्यपाल लालजी टंडन को पत्र लिखकर सूचित किया कि सदन में शक्ति परीक्षण कराने के संबंध में राजभवन से प्राप्त पत्र को उन्होंने निर्णय लेने के लिए विधानसभा अध्यक्ष के पास भेज दिया है. वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने फ्लोर टेस्ट कराने का निर्देश देने के लिये पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की याचिका पर कमलनाथ सरकार से बुधवार तक जवाब मांगा है. जस्टिस डीवाइ चंद्रचूड़ की पीठ ने मंगलवार को कहा कि वह राज्य सरकार को बुधवार सुबह साढ़े दस बजे के लिए नोटिस जारी करेगी.

कमलनाथ ने राज्यपाल को लिखा…

कमलनाथ ने राज्यपाल को लिखा है कि मध्यप्रदेश के बंदी बनाये गये 16 कांग्रेसी विधायकों को स्वतंत्र होने दिया जाये. पांच-सात दिन वे खुले वातावरण में बिना किसी डर-दबाव अथवा प्रभाव के उनके घर पर रहें ताकि वे स्वतंत्र मन से अपना निर्णय ले सकें. कमलनाथ ने कहा कि आपका यह मानना कि दिनांक 17 मार्च, 2020 तक मध्यप्रदेश विधानसभा में, मैं फ्लोर टेस्ट करवाऊं और अपना बहुमत सिद्ध करुं अन्यथा यह माना जायेगा कि मुझे वास्तव में विधानसभा में बहुमत प्राप्त नहीं है, पूर्णत: आधारहीन होने से असंवैधानिक होगा.

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज

इधर, केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने मंगलवार को कहा कि कमलनाथ के नेतृत्व वाली सरकार को विधानसभा में तत्काल विश्वासमत हासिल करना चाहिए अन्यथा यह स्पष्ट होगा कि वह सरकार अल्पमत में है. वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने फ्लोर टेस्ट कराने का निर्देश देने के लिये पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की याचिका पर कमलनाथ सरकार से बुधवार तक जवाब मांगा है. जस्टिस डीवाइ चंद्रचूड़ की पीठ ने मंगलवार को कहा कि वह राज्य सरकार को बुधवार सुबह साढ़े दस बजे के लिए नोटिस जारी करेगी.

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Amitabh Kumar

लेखक के बारे में

By Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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