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Madhya Pradesh Crisis : विधानसभा अनिश्चितकाल के लिए स्‍थगित, बोले शिवराज- अपने ही बोझ से गिरी है कमलनाथ सरकार

Author : Amitabh Kumar Published by : Prabhat Khabar Updated At : 20 Mar 2020 9:12 PM

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Kamal Nath Resign : दिग्गज नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) के भाजपा (BJP) में शामिल होने के बाद से ही मध्य प्रदेश की कमलनाथ (Kamal Nath) सरकार संकट में नजर आ रही थी. इसके बाद शुक्रवार को कमलनाथ ने राज्यपाल लालजी टंडन को अपना इस्तीफा सौंप दिया. आज शाम भोपाल में भाजपा विधायक दल की बैठक होगी. मध्‍य प्रदेश (Madhya Pradesh) की राजनीति से जुड़ी हर अपडेट्स के लिए बनें रहें हमारे साथ...

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अपने बोझ से गिरी है कमलनाथ सरकार : शिवराज सिंह चौहान

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री पद से कमलनाथ के इस्तीफे के बाद पद के प्रमुख दावेदार माने जा रहे शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को कहा कि कांग्रेस की सरकार अपने बोझ से गिरी है.

मध्य प्रदेश विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित

मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री पद से कमलनाथ के इस्तीफे के बाद शुक्रवार दोपहर विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति ने विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी

भाजपा को निर्दलीय, बसपा और सपा का मिला साथ

मुख्यमंत्री पद से कमलनाथ के इस्तीफे के बाद भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश में निर्दलीय, बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी के विधायकों का समर्थन हासिल होने का दावा किया.

कमलनाथ ने दिया इस्तीफा

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने राज्यपाल लालजी टंडन को अपना इस्तीफा सौंप दिया है. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर मध्यप्रदेश विधानसभा में शुक्रवार दोपहर दो बजे होने वाले शक्ति परीक्षण से पहले ही मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अपने त्यागपत्र देने की घोषणा कर दी थी. मुख्यमंत्री ने अपने निवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि वह राज्यपाल लालजी टंडन को अपना त्यागपत्र देने जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि मैंने हमेशा सिद्धांतों व मूल्यों का पालन किया है… इसलिए मैंने निर्णय लिया है कि मैं राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दूंगा.

सरकार अपने वजन से गिरी

भाजपा नेता नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस अपना परिवार संभाल नहीं पायी. हमने तो अपना परिवार संभाल रखा था. सरकार अपने वजन से गिरी.

सिंधिया का ट्वीट

कांग्रेस का दामन छोड़कर भाजपा में शामिल हुए दिग्गज नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि आज मध्‍य प्रदेश में जनता की जीत हुई है. उन्होंने अपने ट्विटर वॉल पर लिखा कि मध्य प्रदेश में आज जनता की जीत हुई है. मेरा सदैव ये मानना रहा है कि राजनीति जनसेवा का माध्यम होना चाहिए, लेकिन प्रदेश सरकार इस रास्ते से भटक गयी थी. सच्चाई की फिर विजय हुई है. सत्यमेव जयते…

सीएम की रेस में शिवराज का नाम सबसे आगे

बीजेपी विधायक सीहोर से भोपाल के लिए रवाना हो चुके हैं. आपको बता दें कि ये विधायक सीहोर के एक रिजॉर्ट में ठहरे थे. कैलाश विजयवर्गीय ने विधायकों से मुलाकात की थी. विधायकों को साथ लेकर रवाना हुए राज्य के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने विक्ट्री साइन दिखाया है. चौहान के साथ नरोत्तम मिश्रा भी विधायकों के साथ बस में मौजूद हैं. खबरों की मानें तो सीएम की रेस में शिवराज का नाम सबसे आगे है.

बोले यूपी के डेप्युटी सीएम दिनेश शर्मा…

कमलनाथ के इस्तीफे पर यूपी के डेप्युटी सीएम दिनेश शर्मा ने कहा कि कमलनाथ सरकार ठेकेदारों और भ्रष्टचारियों की सरकार बन गयी थी. किसानों से किया गया वादा पूरा नहीं किया था. कुछ चंद लोगों की घिरी हुई सरकार रह गयी थी. उनके अंसतुष्ट विधायकों से हमारा कोई लेना-देना नहीं है. इधर, निर्दलीय विधायक प्रदीप जायसवाल ने नयी सरकार को समर्थन देने का एलान किया है.

भाजपा में हलचल तेज

सीहोर में हुई भाजपा विधायक दल की बैठक हुई जिसमें शिवराज सिंह चौहान, विनय सहस्त्रबुद्धे ,कैलाश विजयवर्गीय, वीडी शर्मा हुए शामिल हुए. बैठक में फ्लोर टेस्ट पर रणनीति बनी. इसी बीच खबर है कि भाजपा विधायक दल की बैठक शाम पांच बजे भोपाल में होगी.

राज्यपाल से मिलने जा रहे हैं कमलनाथ

राज्यपाल से मिलकर कमलनाथ मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं. आपको बता दें कि ज्योतिरादित्य सिंधिया खेमे के 22 विधायकों के इस्तीफे के बाद ही कमलनाथ सरकार अल्पमत में आ गयी थी. हलांकि कमलनाथ और दिग्विजय सिंह ने नाराज विधायकों को मनाने का पूरा प्रयास किया था लेकिन बागी विधायक नहीं माने.

कमलनाथ दे सकते हैं इस्तीफा

इसी बीच कमलनाथ ने दोपहर 1 बजे राज्यपाल से मिलने का समय मांगा है. ऐसे कयास लगाये जा रहे हैं कि कमलनाथ इस्तीफा दे सकते हैं. कमलनाथ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान माना कि सरकार अल्पमत में है.

भाजपा कर रही है कोसने का काम

कमलनाथ ने कहा कि 15 महीने में हमने प्रदेश को माफिया मुक्त किराया. भाजपा नहीं चाहती थी कि हम ऐसा करे. 15 साल के भाजपा के कार्यकाल में क्या हुआ था यह हर नागरिक जानता है. 15 महीने हमने मिलावट मुक्त प्रदेश बनाने का काम किया. पिछले 15 महीने का काम गिनाकर भाजपा कोसने का काम कर रही है. अपने सरकार को अस्थिर करने का भाजपा पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि बीजेपी नहीं चाहती थी कि राज्य सरकार अच्छा काम करे. कमलनाथ ने कहा कि 15 महीनों में हमने 400 वचनों को पूरा किया. हमारा वचनपत्र पांच साल के लिए था.

किसानों के कर्ज माफ करने के लिए कई कदम उठाये

कमलनाथ ने कहा कि राज्य की जनता के साथ विश्वासघात हुआ है. ये विश्वासाघात मध्य प्रदेश की जनता के साथ हुआ है. 15 महीनों में हमने किसानों के लिए काफी काम किया. हमने किसानों के कर्ज माफ करने के लिए कई कदम उठाये हैं. कांग्रेस को चुनाव में सबसे ज्यादा सीटें मिली. भाजपा सरकार गिराने की कोशिश में रही.

सच्चाई देश की जनता देख रही है

कमलनाथ ने कहा कि जब हमारी सरकार बनी थी तो भाजपा के नेता कहते थे कि ये सरकार 15 दिन की सरकार है. पहले दिन से भाजपा ने हमारे खिलाफ षडयंत्र शुरू किया. भाजपा ने 22 विधायकों को प्रलोभन देकर कर्नाटक में बंधक बनाने का काम किया. इसकी सच्चाई देश की जनता देख रही है. करोड़ों रुपये खर्च करके यह खेल खेला गया.

कमलनाथ की प्रेस कॉन्फ्रेंस

सीएम हाउस में सीएम कमलनाथ की प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू हो गई है. मीडिया को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश पूछ रहा है मेरा क्या कसूर…मैंने हमेशा विकास में विश्‍वास किया. उन्होंने कहा कि भाजपा को 15 साल मिले थे. आज तक मुझे केवल 15 महीने मिले. ढाई महीने लोकसभा चुनाव और आचार संहिता में गुजरे. इन 15 महीनों मे राज्य का हर नागरिक गवाह है कि मैंने राज्य के लिए जन हितैषी कार्य किया. लेकिन भाजपा को ये काम रास नहीं आया और उसने हमारे खिलाफ निरंतर काम किया.

फ्लोर टेस्ट से पहले कमलनाथ के आवास पर बैठक के लिए कांग्रेस विधायक पहुंचे

निष्‍पक्ष हूं मेरे ऊपर लगे आरोप गलत हैं. 23 विधायकों का इस्तीफा स्वीकार किया. मैंने दुखी मन से इस्तीफा स्वीकार किया. इस्तीफे पर मुझे फैसला लेने का अधिकार है. 22 कांग्रेस और एक भाजपा के विधायक ने इस्तीफा दिया. इधर, फ्लोर टेस्ट से पहले कमलनाथ के आवास पर बैठक के लिए कांग्रेस विधायक पहुंचे हैं.

विधानसभा स्पीकर का प्रेस कॉन्फ्रेंस

मध्य प्रदेश के विधानसभा स्पीकर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं. विधायकों के इस्तीफे के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि विधायक का इस्तीफा मेरे कार्यालय में प्रस्तुत किया गया मेरे सम्मुख नहीं. मैं भोपाल में हूं लेकिन उन्होंने मेरे सम्मुख आकर कोई बात नहीं कही. विधानसभा के नियमावली के अधीन उक्त सदस्य द्वारा दिया गया त्यागपत्र स्वीकार किया जाता है.

कांग्रेस के पास है ‘Formula-5’

मध्य प्रदेश के मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि वे हॉर्स ट्रेडिंग नहीं एलिफैंट ट्रेडिंग करने पर तुले हुए हैं. हम बहुमत साबित करेंगे. हमारे पास ‘फार्म्युला 5’ है. 12 बजे की प्रेस कॉन्फ्रेंस में सब साफ हो जाएगा. यह भी बताया जाएगा कि 6 विधायकों को कैसे बंधक बनाया गया. आगे उन्होंने कहा कि वे सत्ता के भूखे हैं. हम बताएंके कि कैसे एक विधायक की बेटी ने शिवपुरी में सूइसाइड कर लिया. हम बातएंगे कि कैसे एक विधायक के भतीजे की मौत हो गयी लेकिन उन्हें जाने नहीं दिया गया.

क्या कमलनाथ देंगे इस्तीफा

पत्रकारों ने जब दिग्विजय सिंह से पूछा गया कि क्या कमलनाथ इस्तीफा दे रहे हैं…तो सिंह ने कहा कि प्रेस कॉन्फ्रेंस का इंतजार करें. आपको बता दें कि ऐसे कयास लगाये जा रहे हैं कि सूबे के मुख्‍यमंत्री कमलनाथ आज इस्तीफा दे सकते हैं.

दिग्विजय सिंह ने मानी हार

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने एक टीवी न्यूज चैनल से बातचीत के दौरान कहा कि मध्य प्रदेश में सरकार बच नहीं पाएगी. 22 विधायकों के इस्तीफे के बाद कमलनाथ सरकार के पास नंबर नहीं है. पैसे और सत्ता के दमपर बहुमत वाली सरकार को अल्पमत में लाया गया है. इधर , कमलनाथ ने 11 बजे विधायक दल की बैठक बुलायी है.

स्पीकर ने 16 बागी एमएलए का इस्तीफा मंजूर किया

मध्य प्रदेश में जारी राजनीतिक उठपटक के बीच गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए मुख्यमंत्री कमलनाथ को शुक्रवार को सदन में बहुमत साबित करने का आदेश दिया. कोर्ट ने कहा कि बहुमत साबित करने की कार्यवाही शुक्रवार की शाम पांच बजे तक पूरी हो जानी चाहिए. वहीं, प्रदेश के सीएम कमलनाथ ने शुक्रवार को 12 बजे इस्तीफा देंगे. इधर, सिंधिया समर्थक कांग्रेस के 16 विधायकों ने गुरुवार को इस्तीफा दे दिया. जिसे मंजूर कर लिया गया है.

अनिश्चितता की स्थिति को फ्लोर टेस्‍ट करवाकर दूर किया जाये

जस्टिस डीवाइ चंद्रचूड़ और जस्टिस हेमंत गुप्ता की बेंच ने दो दिन तक सुनवाई के बाद कहा कि राज्‍य में अनिश्चितता की स्थिति को फ्लोर टेस्‍ट करवाकर दूर किया जाये. अदालत ने यह भी कहा कि अगर कांग्रेस के 16 बागी विधानसभा आना चाहें, तो उनका आना सुनिश्चित हो. विधानसभा में फ्लोर टेस्‍ट के लिए हाथ उठाकर वोटिंग होगी. फैसले के बाद शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आतंक, दबाव, लोभ, प्रलोभन के प्रयास में कमलनाथ जी बुरी तरह विफल रहे. इसमें दिग्विजय सिंह भी लगे थे. सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते है. शुक्रवार को फ्लोर टेस्ट होगा. वहीं, पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर कहा कि सत्यमेव जयते.

समय देना सोने की खदान जैसा, बढ़ेगी हॉर्स ट्रेडिंग : कोर्ट

स्पीकर ने 16 बागी विधायकों के इस्तीफों पर फैसला लेने के लिए दो हफ्ते का वक्त मांगा. इस पर कोर्ट ने कहा कि इतना समय देना सोने की खदान जैसा होगा, इससे हॉर्स ट्रेडिंग बढ़ेगी.

ये है स्थिति

आपको बता दें कि मध्य प्रदेश की विधानसभा में कुल 230 सीटें हैं. इनमें से विधायकों के निधन हो जाने से दो सीटें खाली हैं और स्‍पीकर ने कांग्रेस के छह विधायकों के इस्तीफे स्वीकार किये हैं. इस प्रकार अब सदन में कुल 222 सदस्य बच गये हैं.

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Amitabh Kumar

लेखक के बारे में

By Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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