कूनो नेशनल पार्क में अब चीतों की कैसी है स्थिति... 21 दिन बाद 'निरवा' को वन विभाग ने पकड़ा

Published by : Pritish Sahay Updated At : 13 Aug 2023 8:08 PM

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कूनो राष्ट्रीय उद्यान में दक्षिण अफ्रीका और नामीबिया से लाये गये कई चीतों की मौत के बाद अब बचे हुए 15 चीते फिलहाल पूरी तरह स्वस्थ हैं. वहीं 21 दिनों से लापता मादा चीता निरवा वापस मिल गई है. वन्य कर्मियों ने धोरेट रेंज से उसे पकड़ा है.

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कूनो राष्ट्रीय उद्यान में दक्षिण अफ्रीका और नामीबिया से लाये गये कई चीतों की मौत के बाद अब बचे हुए 15 चीते फिलहाल पूरी तरह स्वस्थ हैं. मध्य प्रदेश के पीसीसीएफ वन्यजीव और मुख्य वन्य जीवन वार्डन ने कहा कि सभी 15 चीते जिसमें 7 नर, 7 मादा और 1 मादा शावक अभी बोमा में हैं और स्वस्थ हैं. वार्डन ने बताया कि कूनो पशु चिकित्सा टीम उनके स्वास्थ्य मापदंडों पर लगातार निगरानी कर रही है.

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इससे एक सप्ताह पहले कूनो नेशनल पार्क में एक और चीता धात्री (टिबलिसी) की मौत हो गई थी. वन्य कर्मियों की निगरानी से चीता धात्रा पहले गायब हो गई. चीता धात्री की काफी खोजबीन की गई. बाद में वन्य कर्मियों को उसका शव मिला.

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देश में 1952 के बाद से विलुप्त हुए चीतों को फिर से बसाने के लिए कूनो नेशनल पार्क में करोड़ों की लागत से चीतों को बसाने की कोशिश की गई है. हालांकि बीते करीब चार महीनों से यह योजना खटाई में पड़ती जा रही है. इसका कारण है कि बीते चार महीनों से लगातार एक-एक कर चीतों की मौत हो रही है.

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बीते महीने जुलाई में दो चीतों की मौत हो गई थी. जुलाई महीने में पहले नर चीता तेजस की मौत हो गई थी. उसके बाद जुलाई महीने में ही दूसरा झटका लगते हुए चीता सूरज की संक्रमण के कारण मौत हो गई थी. वहीं, कूनो में लगातार हो रही चीतों की मौत से सरकार और वन विभाग के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई है.

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इधर, चीते को लेकर एक राहत भरी खबर भी है. मध्यप्रदेश के कूनो में दक्षिण अफ्रीका से लाई गई मादा चीता निरवा वापस मिल गई है. वन्य कर्मियों ने धोरेट रेंज से उसे पकड़ा है. करीब 22 दिन लापता रहने के बाद उसे पकड़ा गया. दरअसल, 21 जुलाई के उसके कॉलर ने काम करना बंद कर दिया था , जिसके कारण उसकी लोकेशन मिलनी बंद हो गई थी. इधर, निरवा को खोजने में पशु चिकित्सक, चीता ट्रैकर्स सहित 100 से अधिक फील्ड कर्मचारी लगे हुए थे.

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गौरतलब है कि भारत से पूरी तरह से चीते खत्म हो गये थे. इसी को देखते हुए देश में चीतों की आबादी को फिर से बसाने के लिए एक महत्वाकांक्षी कार्यक्रम के तहत आठ चीतों को नामीबिया से मध्यप्रदेश के केएनपी लाया गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल 17 सितंबर को इन्हे विशेष बाड़ों में छोड़ा. इनमें पांच मादा और तीन नर चीते शामिल थे.

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इसके बाद साल 2023 के 18 फरवरी को दक्षिण अफ्रीका से 12 और चीते (सात नर और पांच मादा) केएनपी में लाये गये थे. धरती से सबसे तेज दौड़ने वाले जानवर चीते को 1952 में देश में विलुप्त घोषित कर दिया गया था.

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लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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