Uttarakhand News: वकील हसन मामले पर क्या बोले दिल्ली के एलजी वीके सक्सेना? कांग्रेस ने बीजेपी पर किया हमला
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 29 Feb 2024 1:43 PM
दिल्ली में अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया गया. इसके बाद एक नाम वकील हसन की चर्चा जोरों पर हो रही है. जानें पूरा मामला
Uttarakhand News : देश की राजधानी दिल्ली में बुधवार को अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया गया जिसमें एक ऐसे शख्स के मकान को भी गिराया गया जिसने सिल्कयारा सुरंग हादसे के बाद हुए रेस्क्यू में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. दरअसल, दिल्ली विकास प्राधिकरण यानी डीडीए ने खजूरी खास इलाके में अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया. इसमें कई घरों को ढहा दिया गया. डीडीए के इस अभियान के बाद बेघर होने वाले लोगों में वकील हसन भी शामिल हैं. वकील हसन वही शख्स है जिन्हें पिछले साल नवंबर में अपनी टीम के साथ उत्तरकाशी की सिल्कयारा सुरंग में फंसे हुए 41 श्रमिकों को बचाने के लिए सम्मानित करने का काम किया गया था.
क्या बोले दिल्ली के एलजी वीके सक्सेना ?
मामले पर दिल्ली के एलजी वीके सक्सेना की प्रतिक्रिया सामने आई है. उन्होंने कहा है कि मुझे इस बारे में जानकारी मिली है. हम इसकी भरपाई करेंगे और उन्हें घर मुहैया कराएंगे. इस बीच कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने डीडीए के अतिक्रमण विरोधी अभियान में ‘रैट होल माइनर’ वकील हसन का मकान तोड़े जाने को लेकर बीजेपी पर हमला किया है. उन्होंने आरोप लगाया कि गरीबों को प्रताड़ित एवं अपमानित करना बीजेपी के ‘अन्यायकाल’ की सच्चाई है. प्रियंका गांधी ने वकील हसन की पत्नी का वीडियो शेयर करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर अपनी बात रखी.
उत्तराखंड सुरंग से सुरक्षित निकले झारखंड के सभी 15 मजदूर, परिजनों ने मनायी दिवाली, अब एक झलक पाने की बेताबी
वकील हसन ने क्या कहा
आपको बता दें कि वकील हसन पेशे से ‘रैट होल माइनर’ (चूहे की तरह सुरंग खोदने वाले) हैं. वकील हसन ने अपना घर ढहाए जाने के बाद दुखी मन से कहा कि हमने सिल्कयारा सुरंग में 41 लोगों को की जान बचाई. बदले में हमें ये क्या मिल रहा है. पहले, मैं अधिकारियों और सरकार से अनुरोध कर चुका हूं कि यह घर हमें दे दिया जाए लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










