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Seraikela Kharsawan News : श्रीमद् भागवत गीता में जीवन का सार समाहित

Updated at : 05 Nov 2025 11:12 PM (IST)
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Seraikela Kharsawan News : श्रीमद् भागवत गीता में जीवन का सार समाहित

श्री भागवत गीता सेवा समिति के तत्वावधान में जगन्नाथपुर गांव स्थित गोकुलधाम में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का समापन बुधवार को कार्तिक पूर्णिमा पर विधिवत रूप से किया गया.

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खरसावां.

श्री भागवत गीता सेवा समिति के तत्वावधान में जगन्नाथपुर गांव स्थित गोकुलधाम में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का समापन बुधवार को कार्तिक पूर्णिमा पर विधिवत रूप से किया गया. सप्ताहभर चले इस आयोजन में पंडित रामनाथ होता, बसंत कुमार प्रधान, दिनेश प्रधान, अजीत प्रधान, राधावल्लभ प्रधान, कृष्ण कुमार प्रधान एवं नागेश्वर प्रधान ने भागवत कथा का वाचन एवं श्रवण कराया. समापन अवसर पर हवन-पूजन का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने यज्ञकुंड में पूर्णाहुति अर्पित की.

इसके पश्चात भागवत महापुराण की आरती संपन्न हुई. कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाएं, रासलीला, मथुरा गमन, कंसवध, शिशुपाल वध तथा सुदामा चरित्र जैसे प्रसंगों का जीवंत वर्णन किया गया. कथा वाचक पंडित रमानाथ होता ने प्रवचन देते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत कथा व्यक्ति में मानवीय गुणों का संचार कर उसे चरित्रवान और संस्कारवान बनाती है. इससे व्यक्ति आत्मबल प्राप्त कर अपनी उन्नति का मार्ग प्रशस्त करता है. उन्होंने कहा कि यह ग्रंथ मानव जीवन का सार प्रस्तुत करता है. भागवत कथा वह ज्ञानस्रोत है जो आत्मा का परमात्मा से साक्षात्कार कराकर मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करती है.

कथा सुनने से सोया हुआ ज्ञान और वैराग्य जागृत होता है: पंडित होता

कथा की सार्थकता तभी है जब हम इसे जीवन में धारण करें, निरंतर हरि-स्मरण करें और जीवन को आनंदमय व मंगलमय बनाकर आत्मकल्याण की दिशा में अग्रसर हों. उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत गीता मोक्षदायिनी है. अपने मन को संयमित रखते हुए हृदय को सदैव प्रभुचरणों में स्थिर रखना चाहिए. पं. होता ने सद्गुरु की पहचान, उनके अनुकरण, तथा निरंतर हरि-स्मरण और कथा श्रवण को जीवन का आधार बताते हुए कहा कि कथा सुनने से सोया हुआ ज्ञान और वैराग्य जागृत होता है. श्रीमद्भागवत वास्तव में कल्पवृक्ष के समान है, जो भक्ति, ज्ञान और मोक्ष तीनों का वरदान प्रदान करती है. मौके पर श्रीभगवत गीता सेवा समिति के दामोदर प्रधान, सहदेव सरदार, पंचानन महतो, हरिश्चंद्र प्रधान, शिव रतन प्रधान, हडिया प्रधान, मिहिर प्रधान, गुनाधर प्रधान, विष्णु प्रधान, हेमसागर प्रधान, दिलीप प्रधान, देवीदत्त प्रधान, हेमंत प्रधान, लखिन्दर प्रधान, हिमांशु प्रधान, राजेन्द्र प्रधान,जितेन प्रधान, संजीव प्रधान , सीताराम मंडल,दिपक प्रधान वशिष्ठ प्रधान, सुमित सरदार आदि मौजूद रहे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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