आठ साल की उम्र से शुरू हुआ छऊ मुखौटा कला का सफर, अब राष्ट्रपति के हाथों मिलेगा सम्मान
छऊ मुखौटा बनाते सुशांत महापात्र.
सरायकेला छऊ मुखौटा कलाकार गुरु सुशांत महापात्र को 13 अगस्त को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित करेंगी, जानें पूरी खबर.
सरायकेला | सरायकेला छऊ के मुखौटा निर्माता सह कलाकार गुरु सुशांत महापात्र को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 13 अगस्त की सुबह 11:30 बजे नयी दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित करेंगी. इसकी जानकारी उनके पुत्र सुमित महापात्र ने दी. इससे सरायकेला के लोगों में खुशी है.
आठ वर्ष की उम्र से शुरू की कला
साधनागुरु सुशांत महापात्र का जन्म 10 दिसंबर, 1952 को हुआ. उन्हें यह कला विरासत में मिली है. उनके बड़े पिताजी, शिल्पकुशल प्रसन्न कुमार महापात्र ने 1925 में सरायकेला शैली के छऊ के लिए आधुनिक मुखौटा निर्माण की परंपरा की शुरुआत की थी. सुशांत ने महज आठ वर्ष की उम्र में ही मुखौटा बनाना सीख लिया था.
अंतरराष्ट्रीय फलक पर छऊ मुखौटा कला को दिलायी पहचान
गुरु सुशांत महापात्र ने वर्ष 1972 से विभिन्न कार्यशालाओं और प्रदर्शनियों के माध्यम से इस पारंपरिक कला को निरंतर आगे बढ़ाया. 1996 में उन्होंने अमेरिका के न्यूयॉर्क, जर्मनी के बर्लिन और ऑस्ट्रिया के वियना में सरायकेला छऊ मुखौटों का प्रदर्शन और कार्यशालाएं कीं. वर्ष 1992 में गणतंत्र दिवस पर तत्कालीन राष्ट्रपति आर. वेंकटरमण को छऊ मुखौटा भेंट किया था. वर्ष 1996 में संगीत नाटक अकादमी के विशेष अनुरोध पर दक्षिण कोरिया के सियोल ओलंपिक के लिए भगवान श्रीकृष्ण और श्रीगणेश के सुंदर मुखौटे तैयार कर भेजे थे. वर्ष 2019 में उनके द्वारा निर्मित भगवान श्रीकृष्ण का मुखौटा तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेंट की थी.
पूर्व में मिल चुके हैं कई प्रतिष्ठित सम्मान
- वर्ष 2006 में सिंहभूम शिल्प सम्मान
- वर्ष 2007-08 में राज्य सांस्कृतिक सम्मान.
- वर्ष 2014 में छऊ गुरु सम्मान
- वर्ष 2015 में श्रेष्ठ मुखौटा निर्माता सम्मान.
- वर्ष 2018 में कला श्री सम्मान
- वर्ष 2018 में झारखंड की तत्कालीन राज्यपाल (वर्तमान राष्ट्रपति) द्रौपदी मुर्मू के हाथों भी उन्हें ''श्रेष्ठ मुखौटा निर्माता'' के सम्मान से अलंकृत किया जा चुका है.
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लेखक के बारे में
By प्रताप कुमार मिश्रा
प्रताप कुमार मिश्रा वर्ष 2003 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने कोल्हन विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में स्नातक किया है. राजनीतिक, सामाजिक, क्राइम, खेल की खबरों में इन्हें विशेषज्ञता हासिल है. डिजिटल जर्नलिज्म में 10 साल का अनुभव है.
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