एचआरए लेते हैं, स्कूल से 30-50 किमी दूर रहते हैं... सरायकेला में शिक्षकों के पते और उपस्थिति की होगी जांच

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सरायकेला-खरसावां जिले में शिक्षकों के अपने पदस्थापन स्थल से दूर रहने और सरकारी आवास या एचआरए का लाभ लेने को लेकर सवाल उठ रहे हैं. स्थानीय लोग शिक्षकों के जमशेदपुर, आदित्यपुर जैसे शहरी क्षेत्रों में रहने का दावा कर रहे हैं.

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सरायकेला: सरायकेला-खरसावां जिले के सरकारी विद्यालयों में पदस्थापित कुछ शिक्षकों के निर्धारित मुख्यालय या पदस्थापन स्थल के आसपास नहीं रहने को लेकर सवाल उठ रहे हैं. स्थानीय लोगों का दावा है कि कुछ शिक्षक सरकारी आवास या हाउस रेंट अलाउंस (एचआरए) का लाभ लेने के बावजूद जमशेदपुर और आदित्यपुर जैसे शहरी क्षेत्रों में रह रहे हैं. कुछ शिक्षकों के विद्यालय से 30 से 50 किलोमीटर दूर रहने की बात भी कही जा रही है.

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लंबी दूरी से आने पर स्कूल पहुंचने में देरी की शिकायत

ग्रामीणों और अभिभावकों के अनुसार, लंबी दूरी से रोजाना आने-जाने के कारण कुछ शिक्षकों के विद्यालय पहुंचने में देरी की शिकायतें मिलती रही हैं. इससे ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित होने की बात कही जा रही है. वहीं, कुछ शिक्षकों के लंबे समय से विभागीय कार्यालयों में प्रतिनियोजन पर रहने को लेकर भी सवाल उठाये गये हैं.

अभिभावकों ने शिक्षा विभाग से ऐसे शिक्षकों की सूची तैयार कर उनके आवासीय पते, एचआरए भुगतान, विद्यालय में उपस्थिति और प्रतिनियोजन की स्थिति की जांच कराने की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि नियमों का उल्लंघन मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए और गलत तरीके से लिये गये भत्ते की भी समीक्षा की जानी चाहिए.

जांच के बाद होगी कार्रवाई

डीएसइ सरायकेला-खरसावां अमित कुमार ने कहा, "कार्य मुख्यालय से 8 किमी से अधिक दूर रह कर या दूसरे शहर में रह कर कार्य करने वाले शिक्षकों की सूची प्राप्त की जा रही है. सूची प्राप्त होने पर कार्रवाई की जायेगी."

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