सावधान! अफीम की खेती करने पर 20 साल तक की सजा, आयुक्त ने अफीममुक्त कोल्हान के लिए बनायी रणनीति

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अफीम की खेती पर रोक लगाने के लिए खरसावां में अधिकारियों के साथ बैठक करते कोल्हान आयुक्त हरि कुमार केशरी

अफीम की खेती पर रोक लगाने के लिए खरसावां के पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में कोल्हान आयुक्त, आईजी और प्रशासनिक पदाधिकारियों ने बैठक कर रणनीति बनायी. 15 फरवरी तक अफीम की खेती शत-प्रतिशत नष्ट करने का टारगेट है. अफीम की खेती करने पर 20 साल तक की सजा का प्रा‍वधान है.

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खरसावां-कोल्हान में अफीम की अवैध खेती के खिलाफ प्रशासनिक स्तर पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है. अफीम की अवैध खेती को नष्ट करने और रोकथाम को लेकर खरसावां के पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में सोमवार को कोल्हान आयुक्त हरिकुमार केशरी की अध्यक्षता में बैठक हुई. बैठक में अफीम की खेती को नष्ट करने की रणनीति बनायी गयी. इस कार्य को मिशन मोड पर करने का निर्णय लिया गया. आयुक्त ने बताया कि 15 फरवरी तक अवैध रूप से की जा रही अफीम की खेती को शत प्रतिशत नष्ट करने का लक्ष्य तय किया गया है. इसके साथ ही वैकल्पिक खेती के लिए ग्रामीणों को जागरूक करने, सब्जी और रबी फसल के लिए बीज उपलब्ध कराने की भी बात कही गयी.

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अफीम की खेती करने वालों को चिह्नित करें थानेदार : आयुक्त


कोल्हान आयुक्त ने कहा कि पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिले में हो रही अफीम की अवैध खेती को शत-प्रतिशत नष्ट किया जाएगा. थानेदारों को अफीम की खेती करनेवालों को चिह्नित कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया. इसके परिणाम जल्द सामने आएंगे. अफीम की खेती करनेवालों को मुख्यधारा में लाने, खेती के लिए बीज उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया गया. अब तक किसानों में करीब 500 क्विंटल बीज का वितरण किया जा चुका है. उन्होंने कहा कि अफीम की खेती कानूनन अपराध है. इससे समाज को भी नुकसान हो रहा है. वैकल्पिक खेती के लिए ग्रामीणों की इच्छा के अनुसार बीज उपलब्ध कराया जाएगा.

पश्चिमी सिंहभूम में 10 और सरायकेला में 13 पर एफआईआर: आईजी


रांची प्रक्षेत्र के आईजी अखिलेश झा ने कहा कि सरायकेला-खरसावां जिले के छह थाना और पश्चिमी सिंहभूम जिले के पांच थाना क्षेत्रों में प्रारंभिक रूप से अफीम की खेती होने की सूचना है. अब तक करीब 50 फीसदी अफीम की खेती को नष्ट किया गया है. पश्चिमी सिंहभूम में 214 और सरायकेला-खरसावां जिले में करीब 250 एकड़ जमीन में अफीम की खेती को नष्ट किया गया है. अफीम की खेती करनेवालों के खिलाफ पश्चिमी सिंहभूम में 10 और सरायकेला-खरसावां जिले में 13 लोगों पर एफआईआर दर्ज की गयी है. दो की गिरफ्तारी भी हुई है. रैयती, वन भूमि या सरकारी भूमि पर अफीम की खेती करने वालों पर कार्रवाई होगी. अगर लोग स्वत: अफीम की खेती को नष्ट नहीं करेंगे, तो पुलिस इसे खत्म करेगी. साथ ही केस दर्ज कर गिरफ्तार करेगी. उन्होंने लोगों ने स्वत: अफीम की खेती को नष्ट करने की अपील की. इस मामले में अधिकतम 20 वर्ष तक की सजा का प्रावधान है. उन्होंने लोगों से अपील की कि थोड़े से लाभ के लिए कानून विरोधी कार्यों में संलिप्त न हों.

बैठक में ये थे मौजूद


डीआईजी मनोज रतन चौथे, सरायकेला-खरसावां के डीसी रविशंकर शुक्ला, एसपी मुकेश लुणायत, पश्चिमी सिंहभूम के डीसी कुलदीप चौधरी, एसपी आशुतोष शेखर, डीएफओ नीतीश कुमार, सरायकेला एडीसी जय वर्द्धन कुमार, चक्रधरपुर एसडीओ श्रुति राजलक्ष्मी, सरायकेला एसडीओ सदानंद महतो समेत जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, वन विभाग के पदाधिकारी, अंचल अधिकारी, थाना प्रभारी मौजूद थे.

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