54 करोड़ की सड़क पर 60 से ज्यादा गड्ढे, रांची जाने वालों को दूसरे मार्ग से करना पड़ रहा आवागमन...
खरसावां रडगांव मुख्य मार्ग पर रायजामा घाटी के पास बने गड्ढों का जायजा लेते विधायक दशरथ गागराई.
खरसावां-रड़गांव मुख्य सड़क की बदहाली से लोग परेशान हैं. विधायक दशरथ गागराई ने मरम्मत के निर्देश दिए हैं. जानें सड़क की वर्तमान स्थिति और पुनर्निर्माण की योजना.
खरसावां : खरसावां को टाटा-रांची एनएच-33 से जोड़ने वाली करीब 30 किलोमीटर लंबी खरसावां-रड़गांव मुख्य सड़क इन दिनों राहगीरों के लिए मुसीबत बन गई है. सड़क पर 60 से अधिक बड़े-छोटे गड्ढे हो चुके हैं. लगातार हो रही बारिश के कारण इन गड्ढों में पानी भर गया है. इससे वाहन चालकों को सड़क की गहराई का अंदाजा तक नहीं लग पा रहा. रायजामा घाटी में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है. यहां बड़े-बड़े गड्ढों के बीच वाहनों को निकालना किसी चुनौती से कम नहीं है और दुर्घटना की आशंका बनी हुई है.
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विधायक ने लिया जर्जर सड़क का जायजा
बुधवार को विधायक दशरथ गागराई ने रायजामा पुलिस पिकेट के पास सड़क की जर्जर स्थिति का जायजा लिया. उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को तत्काल सड़क की मरम्मत कराने का निर्देश दिया. विधायक ने बताया - सड़क के पुनर्निर्माण की मांग उन्होंने विधानसभा के मानसून सत्र में उठायी थी. पुनर्निर्माण के लिए डीपीआर तैयार किया जा रहा है और जल्द ही निविदा निकलने की उम्मीद है.
बारिश ने बढ़ाई परेशानी, गड्ढों में छिपी सड़क
करीब 30 किलोमीटर लंबी इस सड़क पर जगह-जगह पिच पूरी तरह उखड़ चुकी है. कई हिस्सों में गिट्टियां सड़क पर बिखरी हुई हैं. बारिश के बाद स्थिति और खराब हो गई है. गड्ढों में पानी जमा होने से वाहन चालकों को उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता. दोपहिया वाहन चालकों के लिए खतरा सबसे ज्यादा है. ब्रेक लगाने या गड्ढे से बचने के दौरान बाइक के फिसलने की आशंका बनी रहती है. रायजामा घाटी में सड़क की हालत इतनी खराब है कि छोटे-बड़े वाहनों को बेहद सावधानी से गुजरना पड़ रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से सड़क की स्थिति खराब है, लेकिन बारिश के मौसम में परेशानी कई गुना बढ़ जाती है.
सड़क खराब हुई तो लोगों ने बदला रांची जाने का रास्ता
खरसावां-रड़गांव मार्ग की बदहाली से परेशान होकर कई लोग अब रांची जाने के लिए वैकल्पिक रास्ते का इस्तेमाल कर रहे हैं. खरसावां से सरायकेला, कांड्रा और चौका होकर रांची जाने पर करीब 50 से 55 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है. स्थानीय लोगों के मुताबिक यह सड़क क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. बड़ी संख्या में लोग इसी मार्ग से रांची, बुंडू, तमाड़ और आसपास के इलाकों में आते-जाते हैं. सड़क खराब होने से समय और ईंधन दोनों की खपत बढ़ रही है.
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54 करोड़ खर्च, आठ साल बाद बनी सड़क
जानकारी के अनुसार खरसावां से रड़गांव तक सड़क के चौड़ीकरण और जीर्णोद्धार पर करीब 54 करोड़ रुपये खर्च किये गये थे. वर्ष 2012-13 में इस सड़क को आरईओ से पथ निर्माण विभाग को हस्तांतरित किया गया था. इसके बाद वर्ष 2014-15 में निर्माण कार्य शुरू हुआ और करीब आठ साल बाद वर्ष 2021-22 में सड़क का काम पूरा हुआ. लेकिन, निर्माण पूरा होने के कुछ वर्षों बाद ही सड़क की पिच उखड़ने लगी. धीरे-धीरे जगह-जगह गड्ढे बन गये और अब बारिश में यही गड्ढे राहगीरों के लिए परेशानी का बड़ा कारण बने हुए हैं.
निर्माण की गुणवत्ता पर भी उठ रहे सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया. उनका कहना है कि निर्माण के कुछ ही वर्षों बाद सड़क का उखड़ना कई सवाल खड़े करता है. वहीं, इस मार्ग पर लगातार चलने वाले ओवरलोड वाहनों को भी सड़क की बदहाली के लिए जिम्मेदार बताया जा रहा है. अब लोगों की नजर सड़क के पुनर्निर्माण पर है. विधायक की ओर से डीपीआर तैयार होने और जल्द निविदा निकलने की बात कही गई है. फिलहाल लोगों की मांग है कि स्थायी पुनर्निर्माण होने तक कम से कम गड्ढों की तत्काल मरम्मत कर आवागमन को सुरक्षित बनाया जाए.
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