सामाजिक संगठनों के विरोध के बाद झामुमो ने बदला फैसला, नहीं लगेगी शिबू सोरेन की प्रतिमा
बैठक में हुआ निर्णय.
सरायकेला में बिरसा मुंडा स्टेडियम में दिशोम गुरु शिबू सोरेन की प्रतिमा लगाने को लेकर उठे विवाद के बाद झामुमो ने अपना फैसला बदल लिया है. सामाजिक संगठनों के विरोध को देखते हुए पार्टी ने प्रतिमा को अन्य स्थान पर स्थापित करने का निर्णय लिया है.
सरायकेला : सरायकेला स्थित बिरसा मुंडा स्टेडियम में दिशोम गुरु शिबू सोरेन की प्रतिमा स्थापित करने को लेकर उपजे विवाद के बाद झामुमो ने अपने कदम पीछे खींच लिए हैं. सामाजिक संगठनों के विरोध को देखते हुए पार्टी ने स्टेडियम परिसर में प्रतिमा नहीं लगाने का निर्णय लिया है. अब शिबू सोरेन की प्रतिमा किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर स्थापित की जाएगी. बुधवार को सरायकेला परिसदन में आयोजित संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में झामुमो जिलाध्यक्ष डॉ. शुभेंदु महतो और केंद्रीय सदस्य गणेश महाली ने यह घोषणा की.
स्टेडियम का नाम बदलना पार्टी का मकसद नहीं था
डॉ. शुभेंदुजिलाध्यक्ष डॉ. शुभेंदु महतो ने कहा कि झामुमो का उद्देश्य कभी भी बिरसा मुंडा स्टेडियम का नाम बदलना नहीं था. पार्टी की मंशा केवल स्टेडियम के मुख्य द्वार का नाम शिबू सोरेन के नाम पर रखने की थी, जैसा कि देश और राज्य के कई बड़े स्टेडियमों में महापुरुषों के सम्मान की परंपरा रही है. उन्होंने कहा कि शिबू सोरेन का झारखंड आंदोलन और राज्य निर्माण में ऐतिहासिक योगदान रहा है और प्रतिमा का उद्देश्य नयी पीढ़ी को उनके संघर्षों से जोड़ना था. हालांकि, पार्टी सभी वर्गों की भावनाओं का आदर करती है और किसी भी विवाद से बचने के लिए स्थानीय संगठनों की मांग का सम्मान करते हुए यह फैसला वापस लिया गया है.
गुरुजी का विरोध स्थानीय विधायक को शोभा नहीं देता
गणेश महालीप्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान झामुमो केंद्रीय सदस्य गणेश महाली ने कहा कि विधायक ने दिशोम गुरु शिबू सोरेन का हाथ पकड़कर ही राजनीति का ककहरा सीखा है, ऐसे में आज गुरुजी की प्रतिमा लगाने का विरोध करना उन्हें बिल्कुल शोभा नहीं देता है. सिद्धू-कान्हू पार्क के नामकरण पर सवाल उठाते हुए महाली ने दावा किया कि वर्ष 2007 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मधु कोड़ा के कार्यकाल में विधायक मद से इस पार्क की नींव ''बिरसा उद्यान'' के नाम से रखी गयी थी. बाद में इसका नाम बदलकर सिद्धू-कान्हू पार्क कैसे हो गया, इस पर भी चर्चा होनी चाहिए. उन्होंने दोहराया कि झामुमो विवाद को तूल नहीं देना चाहता, इसलिए प्रतिमा के लिए जल्द ही नया स्थान चिह्नित किया जाएगा. इस मौके पर झामुमो जिला उपाध्यक्ष भोला मोहंती, केंद्रीय सदस्य सुधीर महतो, जिला संगठन सचिव राहुल सोय, कृष्णा राणा, आंदोलनकारी मंच के धनपति सरदार, चंद्र मोहन मुंडा, भारत सिंह मुंडा, अर्जुन लोहार, देवलाल महतो और राजेश सहित कई पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित थे.
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