चांडिल को महाजाम से मिलेगी मुक्ति, पितकी रेल ओवर ब्रिज का एक लेन शुरू

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पितकी रेलवे ओवरब्रिज का उद्घाटन करते मंत्री संजय सेठ व विधायक सबिता महतो.

चांडिल के पितकी रेलवे ओवरब्रिज का एक लेन शुरू होने से लोगों को महाजाम से बड़ी राहत मिली है. अब वाहनों को फाटक पर घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा.

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चांडिल : वर्षों के इंतजार के बाद चांडिलवासियों और वाहन चालकों को पितकी रेलवे फाटक पर लगने वाले महाजाम से हमेशा के लिए मुक्ति मिल गयी. टाटा-पुरुलिया मार्ग पर पितकी रेलवे ओवरब्रिज के एक लेन का शनिवार को उद्घाटन हुआ. रांची के सांसद सह राज्य रक्षा मंत्री संजय सेठ और ईचागढ़ की विधायक सबिता महतो ने नारियल फोड़कर ओवरब्रिज का एक लेन आम लोगों के लिए खोल दिया. ओवरब्रिज से छोटे-बड़े वाहनों का परिचालन शुरू हो गया. गौरतलब हो कि ट्रेनों के आवागमन के समय पितकी रेलवे फाटक बंद होने से कई किलोमीटर तक वाहनों की कतार लग जाती थी. इसमें यात्री वाहन, एंबुलेंस, स्कूल बस, ट्रक और निजी वाहन घंटों फंसे रहते थे. अब वाहनों को रेलवे फाटक पर रुकने की जरूरत नहीं होगी.

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चांडिल को जाम मुक्त बनाने में मिली सफलता : सेठ

राज्य रक्षा मंत्री संजय सेठ ने कहा - चांडिल के लोग लंबे समय से परेशान थे. ओवरब्रिज के चालू होने से स्थायी समाधान हुआ है. चांडिल बाइपास शुरू होने से बाजार क्षेत्र में जाम की समस्या काफी कम हुई. अब पितकी रेलवे ओवरब्रिज के शुरू होने से चांडिल को जाम मुक्त करने की दिशा में बड़ी सफलता मिली है. ओवरब्रिज के चालू होने से टाटा, पुरुलिया, धनबाद और बोकारो जाने वाले लोगों का सफर सुगम होगा. अब लोगों को घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा.

पितकी ओवरब्रिज : एक नजर में

1. करीब 708 करोड़ रुपये में चांडिल से चास मोड़ तक सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत ब्रिज का निर्माण हुआ.

2. ओवरब्रिज लगभग 1.4 किलोमीटर लंबा है, जिसमें 56 पिलर हैं.

3. ब्रिज को मार्च 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य था, कई कारणों से देर हुई4. मार्ग से प्रतिदिन चार हजार से अधिक छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं. ओवरब्रिज का एक लेन चालू होने से तत्काल राहत मिलेगी. दूसरे लेन को इस वर्ष के अंत तक चालू करने का लक्ष्य है.

चांडिल से बोकारो तक पांच रेलवे ओवरब्रिज

चांडिल से बोकारो तक सड़क चौड़ीकरण परियोजना में पितकी के साथ जामडीह, श्यामनगर, कांटाडीह और चास मोड़ रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण किया गया है. परियोजना के तहत घोड़ानेगी के पास सुवर्णरेखा नदी, बामनी नदी और पश्चिम बंगाल में कासाई नदी समेत कई स्थानों पर बड़े पुल बनाये गये हैं.

ग्रामीणों ने की स्पीड ब्रेकर की मांग

रावताड़ा के ग्रामीणों ने ओवरब्रिज के प्रारंभिक स्थल पर स्पीड ब्रेकर लगाने की मांग मंत्री संजय सेठ से की. मंत्री ने एनएचएआ0 के अधिकारियों को स्पीड ब्रेकर लगाने का निर्देश दिया.

ट्रक चालकों का समय व ईंधन दोनों बचेगा

पितकी रेलवे फाटक से नियमित रूप से गुजरने वाले ट्रक चालकों के लिए ओवरब्रिज का शुरू होना बड़ी राहत है. चालकों को कई बार घंटों इंतजार करना पड़ता था. इससे समय और ईंधन दोनों की बर्बादी होती थी. भारी वाहनों को सीधे ओवरब्रिज से होकर आगे निकलने का रास्ता मिल गया है. इस अवसर पर आजसू के केंद्रीय महासचिव हरेलाल महतो, जिला परिषद उपाध्यक्ष मधुश्री महतो, भाजपा नेत्री सारथी महतो, भाजपा नेता पप्पू वर्मा, मधुसूदन गोराई, अनिता पारित और गणेश वर्मा समेत अन्य लोग उपस्थित थे.

प्रकृति प्रेमियों को खूब भायेगा ओवरब्रिज

पितकी रेलवे ओवरब्रिज के चारों ओर पहाड़ है. बरसात में यहां से प्राकृतिक नजारा और मनमोहक हो जाता है. पहाड़ी से उठता कोहरा, बारिश की फुहार और हरियाली के बीच से गुजरता ओवरब्रिज राहगीरों को आकर्षित करता है. आने वाले दिनों में यह मार्ग चांडिल के खूबसूरत प्राकृतिक दृश्यों को देखने वालों के लिए खास आकर्षण बन सकता है.


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