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मकई की खेती करें किसान, एमएसपी पर खरीदेगी केंद्र सरकार, सरायकेला-खरसावां में बोले अर्जुन मुंडा

Updated at : 14 Mar 2024 7:30 PM (IST)
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arjun munda in seraikela kharsawan with farmers and maize

किसान ने कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा को भेंट किया ऑर्गेनिक मक्का.

अर्जुन मुंडा ने कहा कि मकई से इथेनॉल बनाया जायेगा. इसके वेस्टेज का पशु चारा के रूप में उपयोग होगा. इथेनॉल और पेट्रोल मिलाकर बायोगैस बनेगा, जिससे वाहन चलेंगे.

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खरसावां विधानसभा क्षेत्र के दौरे पर गुरुवार (14 मार्च) को पहुंचे केंद्रीय कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि केंद्र सरकार सरायकेला-खरसावां जिले में मकई के उत्पादन को बढ़ावा देगी. इसके लिए किसानों को तकनीकी रूप से प्रशिक्षित किया जायेगा. कहा कि किसान मक्के का अधिक से अधिक उत्पादन करें. किसानों से एमएसपी दर पर सरकार मकई की खरीदारी करेगी.

मकई से बनेगा इथेनॉल : अर्जुन मुंडा

जिले के किसानों द्वारा उत्पादित मकई से इथेनॉल बनाया जायेगा. साथ ही इसके वेस्टेज का पशु चारा के रूप में उपयोग किया जायेगा. इसके बाद इथेनॉल और पेट्रोल मिलाकर बायोगैस तैयार किया जायेगा, जिससे गाड़ियां चलेंगी. यह काफी किफायती होगा.

Arjun Munda in Seraikela Kharsawan
कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा से मिले किसान.
  • खरसावां व कुचाई के किसानों से मिले केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा
  • मकई से बनेगा इथेनॉल, बायोगैस से चलेंगी गाड़ियां : कृषि मंत्री

मकई की खेती में कम होती है पानी की खपत

अर्जुन मुंडा ने कहा कि मकई की खेती में पानी का कम उपयोग होता है. किसान धान के साथ-साथ मकई की खेती भी आसानी से कर सकेंगे. किसान को अगर अपनी फसल का खुले बाजार में अधिक दाम मिले, तो वहां भी बेच सकते हैं.

किसान ने अर्जुन मुंडा को भेंट में दी ऑर्गेनिक मकई

इसी क्रम में कुचाई (दलभंगा गांव) के किसान कार्तिक स्वांसी ने अपने खेत में उपजायी गयी ऑर्गेनिक मकई भेंट की. केंद्रीय कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा ने इस अवसर पर कहा कि मकई की खेती बढ़ेगी, तो किसानों का रोजगार बढ़ेगा. उनकी कमाई बढ़ेगी.

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झारखंड से होगा पूर्वी भारत में शहद क्रांति का आगाज

केंद्रीय कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि पूर्वी भारत में शहद क्रांति का आगाज झारखंड से होने जा रहा है. राष्ट्रीय कृषि उच्चतर प्रसंस्करण संस्थान नामकुम, रांची में अंतरराष्ट्रीय स्तर की अत्याधुनिक शहद टेस्टिंग लैब स्थापित होगी. इसका लाभ कोल्हान के किसानों को भी मिलेगा.

Arjun Munda in Seraikela Kharsawan
किसानों को संबोधित करते अर्जुन मुंडा.

शहद को भी मिलेगी अंतरराष्ट्रीय पहचान

उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के हनी हब बनने से शहद उत्पादक हजारों किसानों को घरेलू बाजार में विस्तार के साथ निर्यात के भी अवसर मिलेंगे. झारखंड एवं आस-पास के राज्यों बिहार, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, ओडिशा के शहद को भी अंतरराष्ट्रीय पहचान देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने अत्याधुनिक वृहद शहद परीक्षण प्रयोगशाला व अन्य परियोजनाओं की स्वीकृति दी है.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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