Seraikela News : खेतों की मेढ़ से आवागमन करते हैं 90 परिवार, खटिया पर अस्पताल जाते हैं बीमार

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खरसावां. आजादी के 77 साल बाद भी तीन टोलों तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क नहीं

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शचिंद्र कुमार दाश, खरसावां

देश की आजादी के 77 साल बाद भी खरसावां की रीडिंग पंचायत के बरगीपुट, बुरुटोला व तेलायगोड़ा टोला तक जाने के लिए पक्की सड़क नहीं है. पतपत गांव के तीन टोलों के 90 परिवार की करीब 650 आबादी आज भी खेत की पगडंडियों से आवागमन करती है. ग्रामीणों के अनुसार, वे करीब 300 वर्षों से रह रहे हैं. रास्ता नहीं होने के कारण स्कूली बच्चों को पगडंडियों पर साइकिल करीब एक किमी तक ढकेल कर मुख्य सड़क तक जाना पड़ता है. इसके बाद बच्चे साइकिल चला कर स्कूल जाते हैं.

लोगों के रिश्तेदार गांव आने से कतराते हैं

बरसात में पैदल चलना भी दूभर हो जाता है. किसी के बीमार होने या गर्भवती महिला को एक किमी तक खटिया पर मुख्य सड़क तक लाना पड़ता है. इसके बाद एंबुलेंस या अन्य साधन से अस्पताल तक पहुंचाया जाता है. जून से दिसंबर तक खेती होने के कारण परेशानी बढ़ जाती है. इस कारण रिश्तेदार भी गांव में आने से कतराते हैं.

सड़क की मांग पर डीसी ऑफिस पहुंचे ग्रामीण, बताया दर्द

पतपत गांव के ग्रामीणों ने शुक्रवार को बैठक की. ग्राम मुंडा रासाय मुंडा के नेतृत्व में अपनी समस्या को जिला प्रशासन को अवगत कराने का निर्णय लिया. गांव के महिला-पुरुषों ने सरायकेला पहुंच कर उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा. ग्रामीणों ने बरगीपुट, बुरुटोला व तेलायगोडा टोला को सड़क से जोड़ने के लिए रिडिंगदा मुख्य सड़क से खेत मेड़ होते हुए बरगीपुट के चंबरु हांसदा के घर तक सड़क बनाने की मांग की. ग्रामीणों ने ज्ञापन की प्रतिलिपि खरसावां थाना प्रभारी व बीडीओ को सौंपा. इस दौरान ग्रामीण मुंडा रासाय मुंडा, वार्ड सदस्य राज किशोर हांसदा, बाले हांसदा, रविंद्र हांसदा, बाले हांसदा, सामु मुंडा, शंकर हांसदा, रायसिंह हांसदा, दुलाल हांसदा, भीमसेन हांसदा, बुधन सिंह हांसदा, मोहन सिंह सोय, लखीराम सरदार, जीवन सिंह हांसदा आदि मौजूद थे.

…कोट…

पतपत गांव के तीन टोलों में करीब 90 परिवार हैं. यहां करीब 300 वर्षों से लोग रहते हैं. इसके बावजूद आजतक गांव तक जाने के लिए सड़क नहीं बनी है.- राज किशोर हांसदा, वार्ड सदस्य (बरगीपुट) (21 केएसएन 5)

–बरगीपुट, बुरुटोला व तेलायगोड़ा टोला तक जाने के लिए सड़क नहीं है. खेत की पगडंडियों पर चलकर आना-जाना करते हैं. बारिश के दिनों में सबसे अधिक परेशानी होती है.

– रासाय मुंडा, ग्राम मुंडा, बरगीपुट (21 केएसएन 6)– तीनों टोला का कोई व्यक्ति बीमार होता है, तो खटिया के सहारे एक किमी दूर मुख्य सड़क तक लाना पड़ता है. तब एंबुलेंस या अन्य वाहन से अस्पताल पहुंचाता जाता है.- रविंद्र हांसदा, ग्रामीण, बरगीपुट (21 केएसएन 7)

— रिडिंगदा मुख्य सड़क से खेत मेढ़ होते हुए बरगीपुट के चंबरु हांसदा के घर तक पक्की सड़क बनाया जाये. इससे करीब 90 परिवार के लोगों को आवागमन में सहूलियत होगी.- दुलाल हांसदा, ग्रामीण, बरगीपुट (21 केएसएन 8)

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