अनोखा विरोध: साहिबगंज के पुआल गांव में नहीं बनी पक्की सड़क तो ग्रामीणों ने रोप दिया धान

Updated:
विज्ञापन

साहिबगंज के पुआल गांव में कच्ची सड़क पर धान रोपतीं ग्रामीण महिलाएं. फोटो: प्रभात खबर

WhatsApp चैनल से जुड़ेंगूगल पर प्रभात खबर चुनें

झारखंड के साहिबगंज में ग्रामीणों ने पक्की सड़क की मांग को लेकर अनोखा विरोध प्रदर्शन किया. मुख्य सड़क पर धान रोपकर उन्होंने अपनी समस्या को उजागर किया. प्रशासन ने जल्द काम शुरू करने का आश्वासन दिया है.

विज्ञापन


विज्ञापन

साहिबगंज से सोनू ठाकुर की रिपोर्ट

Sahibganj News: झारखंड के साहिबगंज जिले के बोरियो प्रखंड के पुआल गांव के 5 टोले के सैकड़ों ग्रामीणों ने पक्की सड़क की मांग को लेकर बुधवार को अनोखा विरोध प्रदर्शन किया. ग्राम प्रधान संग्राम सोरेन के नेतृत्व में ग्रामीणों ने गांव की मुख्य 1.7 किलोमीटर लंबी कीचड़मय सड़क में उतरकर धान की रोपाई कर दी. ग्रामीणों का कहना है कि पोआल मांझी टोला से उपर टोला तक की सड़क पिछले कई सालों से कच्ची और जर्जर है. बरसात में यह पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो जाती है, जिससे आवागमन ठप हो जाता है.

प्रशासन ने 15 दिन में काम शुरू करने का दिया आश्वासन

धान रोपने की चेतावनी के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया. बीते सोमवार को सदर एसडीओ अमर जॉन आईंद, ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता देवी लाल हांसदा और बीडीओ नागेश्वर साव पोआल गांव पहुंचे और ग्रामीणों से वार्ता की. बीडीओ ने ग्रामीणों को बताया कि सड़क की स्वीकृति हो चुकी है और पन्द्रह दिनों के अंदर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा. लेकिन ग्रामीणों ने योजना बोर्ड लग जाने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही.

दो साल से कर रहे हैं सड़क बनाने की मांग

ग्रामीणों ने बताया कि वे पिछले दो सालों से लगातार पक्की सड़क की मांग कर रहे हैं. पिछले विधानसभा चुनाव में तो ग्रामीणों ने चुनाव बहिष्कार की चेतावनी भी दी थी, तब प्रशासन के आश्वासन पर उन्होंने बहिष्कार वापस लिया था. चुनाव के बाद सरकार बनी लेकिन सड़क जस की तस है. पुआल पंचायत का इलाका पहाड़िया आदिवासी बहुल है, जहां आजादी के दशकों बाद भी सड़क, स्वास्थ्य और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है.

इसे भी पढ़ें: झमाझम बारिश के बाद क्या झारखंड में दिखेगा 'अल-नीनो इफेक्ट'? जानें क्या कहता है मौसम विभाग

बरसात में इलाज और पढ़ाई प्रभावित

बारिश में गर्भवती महिलाओं को खाट पर लादकर अस्पताल ले जाना पड़ता है और बच्चों की पढ़ाई तक बाधित हो जाती है. ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर इस बार भी सिर्फ आश्वासन मिला तो आंदोलन और तेज किया जाएगा. इस मौके पर वार्ड सदस्य दिनेश सोरेन, रवि राकेश, सुनील हेंब्रम, सुभाष मुर्मू, विजय सोरेन, सुशीला हांसदा, एलिना मुर्मू, तालामय हांसदा, मरांगमय टुडू, तालाकुड़ी किस्कू, सुशील किस्कू, डेविड मरांडी, विजय सोरेन, पातरास सोरेन, मनवेल मंगल मुर्मू सहित सैकड़ों मौजूद थे.

इसे भी पढ़ें: गिरिडीह डाकघर घोटाले पर हाईकोर्ट का फैसला: केंद्र की याचिका खारिज, कर्मचारी को राहत

आपके शहर में

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola