बरहेट में 60 दिवसीय मेगा अभियान शुरू, युवाओं को नशे और साइबर फ्रॉड से किया जागरूक

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जागरूकता अभियान में शामिल लोग | Prabhat Khabar Network

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बरहेट प्रखंड में 60 दिवसीय मेगा विधिक और नशामुक्ति जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है. यह अभियान युवाओं को कानून, उनके अधिकारों, नशे के दुष्परिणामों और साइबर अपराध से बचाव के बारे में शिक्षित कर रहा है.

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संवाददाता, साहिबगंज: राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार (नालसा) और झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के निर्देश पर बरहेट प्रखंड की संथाली पंचायत में 60 दिवसीय विशेष मेगा विधिक एवं नशामुक्ति जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है.

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प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, साहिबगंज अखिल कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित यह अभियान 25 अगस्त से 23 अक्टूबर 2026 तक संचालित किया जाएगा. अभियान के तहत युवाओं, विद्यार्थियों और ग्रामीणों को कानून, अधिकार, नशामुक्ति और साइबर अपराध से बचाव के प्रति जागरूक किया जा रहा है.

युवाओं को अधिकार और कानूनी प्रावधानों की जानकारी

अभियान के तहत पारा विधिक स्वयंसेवक और न्याय मित्र विद्यालयों तथा ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर जागरूकता कार्यक्रम कर रहे हैं.

कार्यक्रम में मौलिक अधिकार, किशोर न्याय व्यवस्था, कानून का उल्लंघन करने की स्थिति में किशोरों के अधिकार, पहली बार अपराध करने वाले युवाओं के पुनर्वास और उन्हें समाज की मुख्यधारा में वापस लाने से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी जा रही है.

नशे के खिलाफ युवाओं को किया जागरूक

कार्यक्रम का एक प्रमुख उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रखना भी है. नालसा की डॉन योजना 2025 - ड्रग अवेयरनेस एंड वेलनेस नेविगेशन फॉर ए ड्रग-फ्री इंडिया के तहत विद्यार्थियों और युवाओं को नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले स्वास्थ्य, सामाजिक और पारिवारिक दुष्प्रभावों के बारे में बताया गया.

युवाओं से नशामुक्त समाज और नशामुक्त भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की गई.

साइबर फ्रॉड और डीपफेक से बचने के बताए तरीके

डिजिटल दौर में बढ़ते साइबर अपराध को देखते हुए विद्यार्थियों और ग्रामीणों को ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी से बचाव की जानकारी भी दी गई.

जागरूकता कार्यक्रम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित फ्रॉड, डीपफेक, संदिग्ध लिंक और फर्जी संदेशों से सावधान रहने की सलाह दी गई. लोगों को OTP, पासवर्ड और बैंकिंग से जुड़ी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करने के लिए जागरूक किया गया.

रैगिंग के खिलाफ भी विद्यार्थियों को दी जानकारी

विद्यालयों में विद्यार्थियों को रैगिंग विरोधी कानून और नालसा विद्यार्थी जागरूकता संसाधन 2026 के बारे में भी जानकारी दी गई.

पारा विधिक स्वयंसेवकों ने विद्यार्थियों से किसी भी तरह की कानूनी समस्या या उत्पीड़न की स्थिति में उचित माध्यम से सहायता लेने की अपील की.

सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच रही विधिक जागरूकता

जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव विश्वनाथ भगत ने बताया कि 60 दिवसीय विशेष मेगा अभियान के दौरान बरहेट क्षेत्र में लगातार विधिक और नशामुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं.

उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य विधिक जागरूकता को सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाना और युवाओं को उनके अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति सजग करना है.

उन्होंने कहा कि जागृति और डॉन योजना के माध्यम से युवाओं को विधिक रूप से जागरूक, नशामुक्त, जिम्मेदार और सशक्त नागरिक बनाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि वे अपराध और नशे से दूर रहकर समाज और राष्ट्र के विकास में सकारात्मक भूमिका निभा सकें.

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