साहिबगंज के कई मोहल्ले जलमग्न,बच्चों को नाव के सहारे स्कूल पहुंचा रहे अभिभावक

Updated:
विज्ञापन

नाव के सहारे स्कूल जाते बच्चे.

WhatsApp चैनल से जुड़ेंगूगल पर प्रभात खबर चुनें

साहिबगंज में गंगा के बढ़ते जलस्तर ने बाढ़ की भयावह स्थिति पैदा कर दी है. शहर के कई मोहल्ले जलमग्न हो गए हैं, जिससे स्कूली बच्चों को स्कूल पहुंचने में भारी कठिनाई हो रही है. अभिभावक बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं.

विज्ञापन

साहिबगंज: गंगा का जलस्तर लगातार खतरे के निशान से ऊपर बना रहने के कारण साहिबगंज शहर के कई मोहल्ले बाढ़ की चपेट में आ गए हैं. कई इलाकों की सड़कों पर बाढ़ का गंदा पानी बह रहा है, जिससे लोगों का आवागमन प्रभावित हो गया है.

विज्ञापन

बाढ़ की स्थिति का सबसे अधिक असर स्कूल और कॉलेज जाने वाले छात्र-छात्राओं पर देखने को मिल रहा है. पानी के बीच से होकर बच्चों को विद्यालय जाने की मजबूरी बनी हुई है, जिससे अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है.

शहर के कई मोहल्लों में पहुंचा बाढ़ का पानी

शहर के पूर्वी क्षेत्र के हबीबपुर, हरिपुर, कमलटोला, शास्त्रीनगर, बैसी स्थान, कबूतरखोपी और चानन समेत कई मोहल्लों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है.

वहीं पश्चिमी क्षेत्र के भारतीय कॉलोनी, तालबन्ना, रसुलपुर दहला सहित अन्य इलाकों में भी बाढ़ का असर देखने को मिल रहा है. कई विद्यालयों तक भी बाढ़ का पानी पहुंचने की सूचना है.

बच्चों को गोद में लेकर स्कूल पहुंचा रहे अभिभावक

बाढ़ के पानी के बीच बच्चों को विद्यालय पहुंचाना अभिभावकों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है. कई जगहों पर अभिभावक बच्चों को गोद में लेकर पानी पार कराते नजर आए.

कुछ स्थानों पर स्कूली वाहनों का आवागमन भी प्रभावित हुआ है. ऐसे में अभिभावकों को बच्चों को मुख्य सड़क तक पहुंचाने के लिए अतिरिक्त परेशानी उठानी पड़ रही है.

बाढ़ के पानी के बीच कुछ अभिभावक बच्चों को जूते-मोजे पहनाकर स्कूल तक ले जाने को मजबूर हुए. पानी में आवागमन के दौरान बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावक चिंतित हैं.

इन स्कूलों के बच्चों को भी परेशानी

बाढ़ के कारण शहर के कई प्रमुख विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को स्कूल पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

संत जेवियर स्कूल, सेंट जोसेफ स्कूल, माइकल स्कूल, सेंट्रल स्कूल, उत्क्रमित उच्च विद्यालय और नगर पालिका कन्या विद्यालय सहित अन्य विद्यालयों के विद्यार्थियों के आवागमन पर भी बाढ़ का असर पड़ा है.

विशेषकर छोटे बच्चों और छात्राओं को पानी से होकर विद्यालय पहुंचने में काफी परेशानी हो रही है.

अभिभावकों ने स्कूल बंद करने की मांग की

बाढ़ की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए शहर के गणमान्य लोगों और अभिभावकों ने जिला प्रशासन से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के विद्यालयों को तत्काल बंद करने की मांग की है.

अभिभावकों का कहना है कि जब सड़कों पर बाढ़ का पानी बह रहा है और कई इलाकों में आवागमन प्रभावित है, तो बच्चों को स्कूल भेजना उनकी सुरक्षा के साथ जोखिम है.

उन्होंने बाढ़ प्रभावित इलाकों में रहने वाले छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को भी स्थिति सामान्य होने तक छुट्टी देने की मांग की है.

यह भी पढ़ें:

RailOne App पर टिकट बुकिंग से PNR तक, मालदा मंडल ने यात्रियों को सिखाया इस्तेमाल

बच्चों की सुरक्षा बनी सबसे बड़ी चिंता

लगातार बढ़ रहे गंगा के जलस्तर के बीच शहर के निचले इलाकों में स्थिति चिंताजनक बनी हुई है. ऐसे में अभिभावक चाहते हैं कि प्रशासन बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के विद्यालयों के संचालन पर तत्काल निर्णय ले.

फिलहाल लोगों की नजर जिला प्रशासन के अगले कदम पर है.

आपके शहर में

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola