सड़क पर धान रोपेंगे ग्रामीण! बोरियो के पुआल गांव में अनोखे विरोध का ऐलान
कीचड़ भरे रास्ते से परेशान ग्रामीण.| Prabhat Khabar Network
पुआल गांव के मांझी टोला के ग्रामीण वर्षों से जर्जर सड़क की समस्या से जूझ रहे हैं. अपनी मांग मनवाने के लिए उन्होंने 9 सितंबर को सड़क पर धान रोपने का अनूठा विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया है. अधिकारियों के आश्वासन के बाद फिलहाल ग्रामीण इंतजार कर रहे हैं.
प्रतिनिधि, बोरियो: बोरियो प्रखंड के पुआल गांव के मांझी टोला में वर्षों से जर्जर सड़क की समस्या को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश अब खुलकर सामने आ गया है. सड़क निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों ने ऐसा विरोध करने का फैसला लिया है, जो क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है.
ग्रामीणों ने घोषणा की है कि यदि सड़क निर्माण की दिशा में ठोस पहल नहीं हुई, तो 9 सितंबर को कीचड़ से लबालब सड़क पर ही धान की रोपनी करेंगे.
1.5 किलोमीटर सड़क बनी मुसीबत
ग्रामीणों के अनुसार मांझी टोला को मुख्य सड़क से जोड़ने वाली करीब 1.5 किलोमीटर लंबी कच्ची सड़क वर्षों से बदहाल है. बारिश के मौसम में पूरी सड़क कीचड़ में तब्दील हो जाती है और कई जगहों पर पानी जमा होने से यह सड़क तालाब जैसी नजर आती है.
इससे ग्रामीणों का रोजमर्रा का आवागमन मुश्किल हो गया है. बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी होती है, वहीं मरीजों को अस्पताल तक ले जाने में भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है.
आवेदन देते-देते थके ग्रामीण
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण की मांग को लेकर कई बार प्रखंड कार्यालय में आवेदन दिया गया, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ.
लगातार अनदेखी से नाराज ग्रामीणों ने अब आंदोलन का रास्ता अपनाने का फैसला किया है.
'जब सड़क खेत बन गई है तो धान ही लगाएंगे'
ग्राम प्रधान संग्राम सोरेन के नेतृत्व में ग्रामीणों ने 9 सितंबर को सांकेतिक विरोध करने का निर्णय लिया है.
ग्राम प्रधान संग्राम सोरेन ने कहा, "जब सड़क खेत बन गई है तो हम इस पर धान ही लगाएंगे. यह हमारा विरोध नहीं, हमारी मजबूरी है. प्रशासन को जगाने के लिए यह कदम उठाना पड़ रहा है."
ग्रामीणों का कहना है कि उनका उद्देश्य प्रशासन का ध्यान वर्षों पुरानी सड़क की समस्या की ओर खींचना है.
गांव पहुंचे SDO और BDO, लिया सड़क का जायजा
मामले की गंभीरता को देखते हुए सोमवार को अनुमंडल पदाधिकारी अमर जॉन आइन्द और प्रखंड विकास पदाधिकारी नागेश्वर साव स्वयं पुआल गांव पहुंचे.
दोनों अधिकारियों ने मौके पर सड़क की स्थिति का जायजा लिया और ग्रामीणों से बातचीत की. अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्या सुनी और सड़क निर्माण की प्रक्रिया को लेकर जानकारी दी.
अधिकारियों ने कहा - प्रस्ताव स्वीकृत, जल्द तेज होगी प्रक्रिया
एसडीओ अमर जॉन आइन्द ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि सड़क निर्माण का प्रस्ताव पहले से स्वीकृत है. तकनीकी कारणों से निर्माण कार्य में देरी हुई है.
उन्होंने कहा कि जल्द ही सड़क की मापी और टेंडर प्रक्रिया को तेज किया जाएगा, ताकि सड़क निर्माण की दिशा में आगे की कार्रवाई हो सके.

9 सितंबर तक इंतजार, फिर सड़क पर उतरेगा आंदोलन
अधिकारियों के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने फिलहाल 9 सितंबर तक इंतजार करने का फैसला लिया है.
ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि यदि तब तक सड़क निर्माण के लिए योजना बोर्ड नहीं लगाया गया, तो धान रोपनी का कार्यक्रम तय समय पर किया जाएगा.
फिलहाल प्रशासन के आश्वासन के बाद गांव में स्थिति शांत है, लेकिन ग्रामीणों की नजर अब 9 सितंबर पर टिकी हुई है.
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