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सिरासीन के रामनगर में एसडीओ के नेतृत्व में सरकारी पोखर की नापी शुरू

Updated at : 05 Jun 2025 8:39 PM (IST)
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सिरासीन के रामनगर में एसडीओ के नेतृत्व में सरकारी पोखर की नापी शुरू

पूर्व विधायक अकिल अख्तर ने उक्त सरकारी पोखर में से 3 बार में खरीदी है कुल 6 बीघा 13 कट्ठा जमीन

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बरहरवा. सरकारी पोखर अतिक्रमण और उसकी खरीद बिक्री के मामले को गंभीरता से लेते हुए बरहरवा अंचल क्षेत्र के सिरासीन मौजा के रामनगर में स्थित 17 बीघा 13 कट्ठा 8 धुर के सरकारी पोखर की मापी गुरुवार को राजमहल एसडीओ सदानंद महतो, बरहरवा अंचलाधिकारी रामजी वर्मा के नेतृत्व में सीआइ, कर्मचारी व अमीन के द्वारा शुरू की गयी है. मामले को लेकर राजमहल एसडीओ सदानंद महतो ने बताया कि उपायुक्त के निर्देश पर हमारे जिले में जितने भी सरकारी तालाब हैं, उनका अगर कहीं अतिक्रमण हुआ है या गलत तरीके से खरीद बिक्री हुई है तो जो भी सूचना प्राप्त हो रही है उसके आलोक में हम लोग मापी कर रहे हैं. ज्ञाात हो कि सरकारी पोखर के खरीद बिक्री की शिकायत उपायुक्त को प्राप्त हुई तो उन्होंने जांच का आदेश दिया. अपर समाहर्ता गौतम भगत ने जब मामले की जांच की तो चौंकाने वाला खुलासा सामने आया. जिसमें पाकुड़ विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक अकिल अख्तर ने रामनगर मौजा के खेसरा नंबर 272 में स्थित 17 बीघा 13 कट्ठा के सरकारी पोखर में से 3 बार में कुल 6 बीघा 13 कट्ठा लगभग सरकारी पोखर की जमीन की खरीदी की है. उनके अलावे मोइनुद्दीन शेख, मोहम्मद शताबुद्दीन शेख, मोहम्मद जिदुल हक, तहुल शेख, कासिफ शेख समीना खातून सहित कुल 7 लोगों ने मिलकर यह सरकारी पोखर की जमीन की खरीदारी की है. यह जमीन खतियान में सरकारी पोखर दर्ज है, जो अनाबादी खाता की गैर मजरूआ भूमि है लेकिन रजिस्ट्री ऑफिस में बाड़ी, वन, कृषि भूमि जमीन बताकर रजिस्ट्री करा दी गयी है और इसे भरकर उपयोग में लाया जाने लगा. मामले में स्थानीय तत्कालीन कर्मचारियों की और अंचलाधिकारी की भी भूमिका संदिग्ध है, जिसकी जांच चल रही है. विदित हो कि मामले को प्रभात खबर ने 25 मई के अंक में अपर समाहर्ता गौतम भगत की रिपोर्ट का हवाला देते हुए प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी. कहते हैं पूर्व विधायक अकिल अख्तर पाकुड़ विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक अकिल अख्तर ने कहा कि सिरासीन के रामनगर में हमने यह जमीन हसीमुद्दीन शेख से विधिवत तरीके से सभी कागजात देखकर खरीदी है. जमीन उनके पास कैसे आयी, यह मुझे नहीं पता. जबकि पंजी टू में जमीन रैयतों के नाम से दर्ज है. राजनीतिक साजिश के तहत मुझे बदनाम किया जा रहा है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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ABDHESH SINGH

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