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बिरसा हरित ग्राम योजना ने लायी किसानों की मुस्कुराहट

Updated at : 30 May 2025 9:03 PM (IST)
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बिरसा हरित ग्राम योजना ने लायी किसानों की मुस्कुराहट

जहां कभी परती रहती थी जमीन आज वहां सब्जी खेती की खेती और बागवानी कर कृषक बन रहे आत्मनिर्भर

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बरहरवा. प्रखंड की विभिन्न पंचायतों में बिरसा सिंचाई कूप संवर्धन योजना के तहत योग्य लाभुकों को जोड़ने पर कार्य हो रहा है. धीरे-धीरे योजना का लाभ किसानों को मिल रहा है. जहां कभी सिंचाई की सुविधा नहीं हो पाने की परिस्थिति में एक से अधिक फसलें नहीं हो पाती थी उसमें अब रबी व खरीफ फसलों के साथ-साथ बहुतायत मात्रा में सब्जियों की खेती हो पा रही है. सब्जी की पैदावार होने से वे किसान अब नकद मुनाफा भी कमा पा रहे हैं. किसानों की जो जमीनें फसल उगा पाने के लिए बारिश का इंतजार करती थी उन जमीनों में आज एक से अधिक फसल उग पा ही रही है. साथ ही उसमें नकदी फसलों का भी उत्पादन हो रहा है. किसान उन खेतों में सब्जियां उगा रहे हैं, जिससे उन्हें रोज आमदनी हो रही है. इससे किसान सशक्त हो रहे हैं. इसके अलावे किसान अपनी जमीन पर बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत आम बागवानी भी लग रहे हैं. जिससे उन्हें आम के मौसम में अच्छी पैदावार होने पर लाभ मिल रहा है. जहां सूखी रहती थी जमीन, आज वहां झिंगली, करेला, भिंडी व मकई उपजा रहे : बदरुल शेख प्रखंड के मिर्जापुर पंचायत के मिर्जापुर गांव के लाभुक बदरुल शेख को बिरसा सिंचाई कूप संवर्द्धन योजना का लाभ मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हो रहा है. लाभुक बदरुल शेख ने कहा कि उनके पास जमीन तो थी परंतु सिंचाई का कोई साधन नहीं होने के कारण काफी समस्या होती थी. उनके खेत पहले पानी की कमी से सूखे रहते थे, सिंचाई की कोई आसान सुविधा नहीं थी, तो बारिश के पानी पर ही निर्भर रहना पड़ता था. इसके बाद मनरेगा के द्वारा उनकी जमीन पर वित्तीय वर्ष 2024- 25 में 4 लाख 12 हजार रुपए की प्राक्कलित राशि से उनकी जमीन पर बिरसा सिंचाई कूप संवर्धन योजना के तहत सिंचाई कूप का निर्माण कराया गया. अब जो खेत बरसात के अलावा बाकी समय सूखे पड़े रहते हैं, उनमें आज फसल लहलहा रही है. अब वे बारहों महीने खेती कर रहे हैं. वह अभी डेढ़ एकड़ की जमीन में झिंगली, करेला, भिंडी व मकई की खेती कर रहे हैं. बेहतर सिंचाई होने के कारण फसलों की अच्छी पैदावार भी हो रही है. बीते कुछ दिन पूर्व एक दिन में करीब 36 हजार रुपए की सब्जियों की बिक्री किये हैं. अब वे एक वर्ष में लाखों रुपए का व्यवसाय करना शुरू कर दिए हैं. इससे उनकी आर्थिक स्थिति अब मजबूत हो रही है. सिंचाई कूप के बदौलत सब्जी के साथ बागवानी का भी मिल रहा लाभ : गुमानी शेख प्रखंड के मधुआपाड़ा में लाभुक गुमानी शेख की जमीन पर हुई आम बागवानी को देख आसपास के ग्रामीण काफी प्रेरित हैं. उनकी जमीन पर मनरेगा के तहत मिले सिंचाई कूप योजना और आम बागवानी में हुए आम की पैदावार देखने लायक है. बताते हैं कि हम लोगों के क्षेत्र की जमीन की मिट्टी तो काफी उपजाऊ है लेकिन सिंचाई की बेहतर व्यवस्था नहीं हो पाने के कारण हम लोग बरसात के बाद होने वाली खेती पर ही निर्भर है एक बार वह फसल कट जाने के बाद दूसरी फसल लगाने के लिए काफी सोचना पड़ता था लेकिन अब स्थिति उसके विपरीत है वित्तीय वर्ष 2021-22 में उनके जमीन पर मनरेगा के जरिये करीब 3.21 लाख की प्राक्कलित राशि से बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत आम बागवानी की योजना मनरेगा से स्वीकृत हुई. उन्होंने एक एकड़ में आम बागवानी का कार्य शुरू कराया. जिसमें विभिन्न प्रजातियों के करीब 112 पौधे लगाए गए. पहले वह अपने खेतों की सिंचाई के लिए करीब आधा किलोमीटर दूर से पाइप के जरिए पानी लाते थे और खेतों की सिंचाई करते थे किंतु मनरेगा के तहत मिले सिंचाई कूप संवर्धन योजना के तहत सिंचाई कूप से आज उनकी तीन एकड़ की जमीन में सब्जी की खेती तो हो ही रही है. साथ ही एक एकड़ में बागवानी भी हो रही है. इस बार करीब 70 आम के पौधों में आम का फलन हुआ है उन्होंने तीन एकड़ की जमीन में मकई, बैगन तथा भिंडी की खेती की है. इससे उन्हें अच्छी खासी आमदनी हो रही है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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