1. home Hindi News
  2. state
  3. jharkhand
  4. ranchi
  5. will have to unite and oppose the policies of the center hemant prt

एकजुट होकर केंद्र की नीतियों का विरोध करना होगा : हेमंत

By Prabhat Khabar Print Desk
Updated Date
एकजुट होकर केंद्र की नीतियों का विरोध करना होगा : हेमंत
एकजुट होकर केंद्र की नीतियों का विरोध करना होगा : हेमंत
File

रांची : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बुधवार को कहा कि देश में केंद्र की गलत नीतियों के खिलाफ विपक्ष इस समय कमजोर नजर आ रहा है लेकिन विपक्ष को एकजुट होकर केंद्र की गलत नीतियों का विरोध करना होगा. सीएम ने यह बात कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा गैर- भाजपा शासित मुख्यमंत्रियों की वीडियो कांफ्रेंस के जरिये बुलायी गयी बैठक में कही. श्री सोरेन ने बेबाकी से अपने बात रखते हुए कहा कि केंद्र सरकार की अनेक नीतियों में विपक्ष की राज्य सरकारों के साथ भेदभाव स्पष्ट दिखता है.

लेकिन विपक्ष फिलहाल देश में कमजोर दिख रहा है. हमें एकजुट होकर केंद्र की गलत नीतियों का विरोध करना होगा. मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि आत्मनिर्भर भारत के नाम पर लाभ में चल रही देश की बड़ी कंपनियों जैसे गेल, भेल, एनटीपीसी आदि के निजीकरण की तैयारी चल रही है. 45 सार्वजनिक कंपनियों को बेचने की तैयारी है. सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि रेलवे तक के निजीकरण का प्रयास चल रहा है. इसका विपक्ष को पुरजोर विरोध करना होगा.

श्री सोरेन ने कहा, केंद्र सरकार ने तमाम गलतियां कर रखी हैं और विपक्ष को दूसरे कारणों से उलझाये रखने का प्रयास किया जा रहा है. कभी इस राज्य तो कभी उस राज्य को डिस्टर्ब कर हमें उलझाये रखा जाता है.लेकिन हमें इनके इस षड्यंत्र का जवाब देना होगा. उन्होंने कहा कि कोरोना का अगला शिकार केंद्र व राज्य का संबंध होगा.

उन्होंने देश में जीएसटी लागू होने के बाद राज्यों को केंद्र से मिलने वाली सहायता का भी मुद्दा उठाया और कहा कि कोरोना काल में राज्यों को भारी आर्थिक संकट से जूझना पड़ रहा है. फिर भी केंद्र राज्यों का हिस्सा नहीं दे रहा है. सीएम ने एक सम्मिलित मांग पत्र भारत सरकार को देने का सुझाव दिया. इस अॉनलाइन बैठक में बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं पांडुचेरी के मुख्यमंत्री नारायण सामी शामिल थे.

देश की अर्थव्यवस्था पर भी उठाये सवाल : देश की अर्थव्यवस्था पर सवाल उठाते हुए श्री सोरेन ने कहा कि आखिर यह कौन सी आर्थिक नीति है कि जिस समय देश में कोई भी उद्योग काम नहीं कर रहा है, सब कुछ बंद है उस समय भी शेयर बाजार का सेंसेक्स बढ़ रहा है? देश में महंगाई और बेरोजगारी से लोग परेशान हैं. देश की वास्तविक स्थिति अच्छी नहीं है. इसके खिलाफ पुरजोर तरीके से आवाज उठानी होगी.

पर्यावरण नियमों में बदलाव खतरनाक : सीएम ने कहा कि पर्यावरण मंजूरी के नियमों में प्रस्तावित बदलाव बहुत ही खतरनाक है. झारखंड जैसे खनिज और वन संपदा वाले राज्य के लिए तो यह बदलाव भयानक परिणामवाले होंगे. सरकार पब्लिक हेयरिंग को समाप्त करने वाली है. इसे कैसे कोई राज्य अपना सकता है. श्री सोरेन ने कहा कि केंद्र सरकार हमारे यहां के कोयले और लोहे की खदानों को बेचने में लगी थी. लेकिन हमने सर्वोच्च न्यायालय का रुख कर किसी तरह इसे रुकवाया है.

युवाओं में आक्रोश : सीएम ने कहा कि केंद्र की वर्तमान स्थितियों से युवाओं में आक्रोश है. उनके रोजगार छीने गये हैं. देश की आर्थिक स्थिति बदहाल है. देश मंदी की मार झेल रहा है, किसान, व्यापारी सभी परेशान हैं. वहीं केंद्र सरकार डीजल एवं पेट्रोल के दाम बढ़ाकर मुनाफा कमा रही है. हम सभी को मिलकर इसका जोरदार विरोध करना चाहिए.

  • सोनिया गांधी समेत गैर भाजपा शासित सात मुख्यमंत्रियों के साथ हुई वीडियो कांफ्रेंसिंग

  • सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि केंद्र की गलत नीतियों के खिलाफ विपक्ष कमजोर दिख रहा है

  • केंद्र सरकार के खिलाफ क्या-क्या बोले सीएम

  • आत्मनिर्भर भारत के नाम पर लाभ में चल रही देश की बड़ी कंपनियों जैसे गेल, भेल, एनटीपीसी के निजीकरण की तैयारी

  • रेलवे के निजीकरण व सार्वजनिक कंपनियों को बेचने की तैयारी है

  • केंद्र सरकार विपक्ष को दूसरे कारणों में उलझाये रखने का कर रही प्रयास

  • देश में उद्योग धंधे बंद फिर भी शेयर बाजार का सेंसेक्स बढ़ रहा है?

  • हमें केंद्र सरकार के षड्यंत्र का जवाब देना होगा, महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ आवाज उठानी होगी

  • पर्यावरण मंजूरी के नियमों में प्रस्तावित बदलाव बहुत ही खतरनाक है

Post by : Pritish Sahay

Share Via :
Published Date
Comments (0)
metype

संबंधित खबरें

अन्य खबरें