जीएसटी घोटाला: जमशेदपुर के कारोबारी विक्की भालोटिया की जमानत याचिका हाईकोर्ट से खारिज

Updated:
विज्ञापन

झारखंड हाईकोर्ट की फाइल फोटो.

जमशेदपुर के कारोबारी विक्की भालोटिया को झारखंड हाईकोर्ट से बड़ी राहत नहीं मिली है. करीब 730 करोड़ रुपये के जीएसटी घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई है. ईडी इस मामले की जांच कर रहा है.

विज्ञापन


Jharkhand High Court: करीब 730 करोड़ रुपये के जीएसटी घोटाले से जुड़े मनी लॉउंड्रिंग मामले में आरोपी जमशेदपुर के कारोबारी विक्की भालोटिया उर्फ अमित अग्रवाल को झारखंड हाइकोर्ट से राहत नहीं मिली. हाईकोर्ट ने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी. मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने प्रार्थी को जमानत देने से इनकार करते हुए याचिका पर अपना फैसला सुनाया. इससे पहले मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने प्रार्थी और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से पेश दलीलों को सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. बुधवार को अदालत ने फैसला सुनाते हुए विक्की भालोटिया की जमानत याचिका को खारिज कर दिया.

पीएमएलए कोर्ट भी खारिज कर चुका है जमानत

विक्की भालोटिया ने मनी लॉउंड्रिंग मामले में जमानत के लिए हाईकोर्ट का रुख किया था. इससे पहले पीएमएलए की विशेष अदालत ने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी. विशेष अदालत से राहत नहीं मिलने के बाद उसने हाईकोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की थी. मामला शेल कंपनियों के नाम पर फर्जी जीएसटी इंट्री और उससे जुड़े वित्तीय लेन-देन का है. आरोप है कि शेल कंपनियों के माध्यम से फर्जी बिल और चालान तैयार कर इनपुट टैक्स क्रेडिट का गलत तरीके से दावा किया गया. इसी कथित फर्जीवाड़े से सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान होने की बात सामने आयी है.

इडी ने दर्ज किया है ईसीआईआर

जीएसटी से जुड़े इस कथित फर्जीवाड़े को लेकर प्रवर्तन निदेशालय ने ईसीआइआर दर्ज कर मनी लॉउंड्रिंग के पहलू से जांच शुरू की है. जांच एजेंसी ने इस मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इनमें जमशेदपुर के जुगसलाई के कारोबारी विक्की भालोटिया, शिवकुमार देवड़ा, मोहित देवड़ा और कोलकाता के कारोबारी अमित गुप्ता समेत अन्य नाम शामिल हैं. ईडी की जांच में कथित तौर पर फर्जी कंपनियों और उनके माध्यम से तैयार किये गये चालान की भूमिका सामने आयी है. एजेंसी ने मामले को जीएसटी फर्जीवाड़े से अर्जित धन और उससे जुड़े लेन-देन के आधार पर मनी लॉउंड्रिंग से जोड़ा है.

14,325 करोड़ के फर्जी चालान का आरोप

जांच एजेंसियों के अनुसार, इस मामले में आरोपियों पर लगभग 14,325 करोड़ रुपये के फर्जी चालान तैयार करने का आरोप है. इन कथित फर्जी चालानों के आधार पर 730 करोड़ रुपये से अधिक के अयोग्य इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा किये जाने की बात कही गयी है. आरोप है कि फर्जी बिलिंग के जरिये ऐसे लेन-देन दिखाये गये, जिनके आधार पर जीएसटी में इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ लेने का प्रयास किया गया. इसके कारण सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचने का आरोप है. जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क में शामिल कंपनियों, कारोबारियों और वित्तीय लेन-देन की पड़ताल कर रही हैं.

जीएसटी इंटेलीजेंस ने पहले की थी कार्रवाई

इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई से पहले जीएसटी इंटेलीजेंस की ओर से भी कार्रवाई की गयी थी. जीएसटी अधिकारियों ने फर्जी चालान और कथित इनपुट टैक्स क्रेडिट से जुड़े मामले की जांच शुरू की थी. बताया गया कि जीएसटी अधिकारी दिनेश सिंह के बयान के आधार पर मामला दर्ज किया गया था. इसके बाद शिव कुमार देवड़ा, सुमित गुप्ता और अमित गुप्ता को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था. जांच आगे बढ़ने के साथ मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका भी सामने आयी और एजेंसियों ने कार्रवाई का दायरा बढ़ाया.

इसे भी पढ़ें: रांची के मधुकम वाले महादेव उरांव को सुप्रीम कोर्ट से भी लगा करारा झटका, आदिवासी जमीन मामले में एसएलपी खारिज

ईडी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ने रखा पक्ष

हाइकोर्ट में विक्की भालोटिया की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान इडी की ओर से वरीय अधिवक्ता अमित कुमार दास और अधिवक्ता सौरभ कुमार ने पक्ष रखा. इडी ने आरोपी को जमानत दिये जाने का विरोध किया. अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रखा था. अब अदालत ने जमानत याचिका खारिज कर दी है. इससे मनी लॉउंड्रिंग मामले में आरोपी विक्की भालोटिया को फिलहाल राहत नहीं मिली है और मामले की जांच व न्यायिक प्रक्रिया आगे जारी रहेगी.

इसे भी पढ़ें: रांची में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के खिलाफ मेदिनीनगर में सत्याग्रह, सूर्या सोनल सिंह ने उठाई युवाओं की आवाज


विज्ञापन
Rana Pratap

लेखक के बारे में

By Rana Pratap

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola