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हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी के विरोध में आदिवासी संगठनों का झारखंड बंद आज

Updated at : 31 Jan 2024 11:21 PM (IST)
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हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी के विरोध में आदिवासी संगठनों का झारखंड बंद आज

Jharkhand Bandh|Hemant Soren Arrest|झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष और झारखंड के पूर्व सीएम हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी के विरोध में आदिवासी संघ ने 1 फरवरी को झारखंड बंद बुलाया है.

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Jharkhand Bandh|Hemant Soren Arrest|झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के कार्यकारी अध्यक्ष और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी के विरोध में आदिवासी संघ ने गुरुवार (1 फरवरी) को झारखंड बंद का आह्वान किया है. आदिवासी मूलवासी संगठनों ने सोशल मीडिया पर इसका ऐलान किया है. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जमीन घोटाला से जुड़े मनी लाउंडिरंग केस में हेमंत सोरेन को बुधवार (31 जनवरी) की रात को गिरफ्तार कर लिया. उनकी गिरफ्तारी के बाद ही आदिवासी संगठनों ने बंद का ऐलान किया है.

मोरहाबादी में डटे थे झामुमो नेता

बुधवार को जब हेमंत सोरेन से पूछताछ शुरू हुई, उसके पहले ही झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेता मोरहाबादी मैदान में पहुंच गए थे. ये लोग केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर एक आदिवासी मुख्यमंत्री को परेशान करने का आरोप लगा रहे थे. झामुमो समर्थकों ने राजभवन मार्च की तैयारी की थी, लेकिन धारा-144 लागू होने की वजह कोई आगे नहीं बढ़ पाया.

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सीएमओ, राजभवन और ईडी कार्यालय के पास निषेधाज्ञा

हेमंत सोरेन से ईडी की पूछताछ के मद्देनजर राजधानी रांची में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे. कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास, राजभवन और हिनू स्थित प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कार्यालय के आसपास निषेधाज्ञा लगा दी गई थी. इन तीनों जगहों पर 100 मीटर के दायरे में किसी प्रकार के धरना, प्रदर्शन या मीटिंग पर रोक थी. शाम होते ही राजभवन और सीएमओ के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई.

पांच विधायकों के साथ राज्यपाल से मिले हेमंत सोरेन

शाम को सत्ता पक्ष के विधायक राजभवन पहुंचे. कथित तौर पर उन्हें बाद में राजभवन से बाहर चले जाने के लिए कहा गया. इसके बाद हेमंत सोरेन कांग्रेस नेता आलमगीर आलम के साथ राजभवन पहुंचे. महागठबंधन के पांच विधायकों के साथ हेमंत सोरेन राज्यपाल से मिले और मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा का पत्र उन्हें सौंप दिया. इसके बाद वह सीएम आवास लौटे, जहां ईडी ने उन्हें औपचारिक तौर पर गिरफ्तार कर लिया. इसके बाद ईडी के अधिकारी हेमंत सोरेन को हिनू स्थित ईडी कार्यालय ले गए.

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हाईकोर्ट में हेमंत की याचिका पर सुनवाई कल 10:30 बजे

इस बीच हेमंत सोरेन की ओर से झारखंड हाईकोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई. ईडी की ओर से समन भेजे जाने के खिलाफ उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की, जिसकी सुनवाई सुबह 10:30 बजे सुनिश्चित हुई है. कल ही ईडी उन्हें ईडी की स्पेशल कोर्ट में पेश करेगी.

झामुमो ने नहीं बुलाया बंद, संयम बरतें नेता और कार्यकर्ता : विनोद पांडेय

उधर, झारखंड मुक्ति मोर्चा के महासचिव सह प्रवक्ता विनोद कुमार पांडेय ने कहा है कि विभिन्न जन संवाद माध्यमों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से प्राप्त जानकारी के अनुसार, वर्तमान राजनीतिक परिस्थिति के कारण 1 फरवरी 2024 को बंद बुलाया गया है. इसमें कहा गया है कि झारखंड मुक्ति मोर्चा ने बंद बुलाया है. झारखंड मुक्ति मोर्चा इस खबर का खंडन करता है. साथ ही अपने नेताओं एवं कार्यकर्ताओं से संयम बरतने की अपील करता है.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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