झारखंड का 111 साल पुराना ऐतिहासिक धरोहर टैगोर हिल भू माफिया के कब्ज़े में

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जमीन माफिया ने इस विशेष स्थान को अपने निशाने पर ले लिया है. टैगोर हिल के पहाड़ को काटकर उस पर अवैध तरीके से मकान बनाये जा रहे हैं.

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झारखंड की सांस्कृतिक धरोहर टैगोर हिल (Tagore Hill) की पहचान मिटाने की कोशिश शुरू हो गयी है. जमीन माफिया ने इस विशेष स्थान को अपने निशाने पर ले लिया है. टैगोर हिल के पहाड़ को काटकर उस पर अवैध तरीके से मकान बनाये जा रहे हैं. हरे रंग की चादर से पहाड़ को घेरकर उसे समतल किया जा रहा है. जानकारी के अनुसार, जमींदार हरिहर सिंह से टैगोर हिल के लिए मिली 15.80 एकड़ जमीन में से 14 कट्ठा में लगे पेड़ों को माफिया पूरी तरह काट चुके हैं और अब धीरे-धीरे पहाड़ काट रहे हैं. अब तक आठ फीट पहाड़ काट चुके हैं. इस खेल में रांची के एक पूर्व सांसद के पुत्रों के शामिल रहने की बात सामने आयी है. मोरहाबादी स्थित टैगोर हिल का ब्रह्म मंदिर 111 वर्ष पुराना है. 14 अप्रैल 1910 को इस मंदिर की स्थापना ज्योतिरिंद्रनाथ टैगोर ने की थी. यह धरोहर विश्वभर में फैले टैगोर प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र है. राष्ट्रीय पुस्तकालय कोलकाता से वर्ष 1910 में प्रकाशित पत्रिका तत्यबोधिनी के अनुसार 14 जुलाई 1910 का दिन इस निराकार ब्रह्म मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा का दिन है.

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