हेमंत सोरेन से ईडी की पूछताछ से पहले रांची में निषेधाज्ञा, झारखंड में 7000 सुरक्षाकर्मी तैनात

भूमि घोटाले से जुड़े धनशोधन मामले में हेमंत सोरेन का बयान दर्ज करने के लिए ईडी के अधिकारी दोपहर एक बजे के आसपास कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास पर जाने वाले हैं. इसके पहले बयानबाजी का भी दौर शुरू हो गया है.
भूमि घोटाला से जुड़े मनी लाउंडरिंग केस में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की पूछताछ से पहले राजधानी रांची के प्रमुख इलाकों में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है. राजधानी में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर नजर रखने के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन किया गया है. बुधवार को अधिकारियों ने यह जानकारी दी.
कथित भूमि घोटाले से जुड़े धनशोधन मामले में हेमंत सोरेन का बयान दर्ज करने के लिए ईडी के अधिकारी दोपहर एक बजे के आसपास कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास (सीएमओ) पर जाने वाले हैं. इसके पहले बयानबाजी का भी दौर शुरू हो गया है. कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेता केंद्र सरकार पर केंद्रीय जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगा रहे हैं.
इससे पहले, मुख्यमंत्री कहां हैं? इस बारे में गहन राजनीतिक नाटक पर संशय खत्म करते हुए हेमंत सोरेन मंगलवार को अपने आधिकारिक आवास पहुंचे. सत्तारूढ़ गठबंधन (कांग्रेस, झामुमो, राजद) के विधायकों की बैठक की अध्यक्षता की.
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मंगलवार देर शाम एक आधिकारिक विज्ञप्ति जारी की गई, जिसमें कहा गया कि दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 144 के तहत मुख्यमंत्री आवास, राजभवन और हिनू स्थित ईडी कार्यालय सहित प्रमुख स्थानों पर 100 मीटर के दायरे में सुबह नौ बजे से रात 10 बजे तक निषेधाज्ञा रहेगी.
प्रतिबंध के तहत इन क्षेत्रों में और इसके आसपास प्रदर्शन, रैलियां या बैठकें आयोजित नहीं की जा सकतीं. विशेष टीम का नेतृत्व वित्त सचिव प्रशांत कुमार कर रहे हैं. इसमें खनन निदेशक अरवा राजकमल और विशेष शाखा के महानिरीक्षक (आईजी) प्रभात कुमार भी शामिल हैं.
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विज्ञप्ति में कहा गया है कि ईडी के अधिकारियों ने 20 जनवरी को सीएमओ में हेमंत सोरेन से पूछताछ के दौरान राज्य भर में हुए विरोध-प्रदर्शन के बाद संघीय एजेंसी ने गृह, जेल और आपदा प्रबंधन विभाग को बुधवार को दूसरे दौर की पूछताछ के दौरान कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पत्र लिखा था.
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि सुरक्षा उपायों के तहत ईडी कार्यालय और मुख्यमंत्री आवास के बाहर अवरोधक लगाए गए हैं. संवेदनशील स्थानों पर 1,000 से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं. पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अजय कुमार सिंह ने एक दिन पहले कहा था कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे झारखंड में व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं. इसमें अतिरिक्त 7,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती भी शामिल है.
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By Mithilesh Jha
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