सैंपल पाये गये स्वास्थ्य के लिए असुरक्षित, 90 खाद्य कारोबारियों पर चलेगा केस

Author : Pritish Sahay Published by : Prabhat Khabar Updated At : 19 Mar 2020 11:37 PM

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खाद्य जांच प्रयोगशाला, नामकुम में विभिन्न खाद्य पदार्थों के सैंपल स्वास्थ्य के लिए असुरक्षित पाये गये हैं. इनके आधार पर सुरक्षा आयुक्त कार्यालय ने राज्य भर के करीब 90 खाद्य कारोबारियों के खिलाफ विभिन्न चरणों में अभियोजन स्वीकृति दी ही.

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संजय, रांची : खाद्य जांच प्रयोगशाला, नामकुम में विभिन्न खाद्य पदार्थों के सैंपल स्वास्थ्य के लिए असुरक्षित पाये गये हैं. इनके आधार पर सुरक्षा आयुक्त कार्यालय ने राज्य भर के करीब 90 खाद्य कारोबारियों के खिलाफ विभिन्न चरणों में अभियोजन स्वीकृति दी ही. अब इन सभी मामले में खाद्य सुरक्षा कानून के तहत सजा के लिए प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट के समक्ष सुनवाई होगी. इस फैसले को हाइकोर्ट में चुनौती दी जा सकती है.

असुरक्षित खाद्य के कुल मामले में 50 फीसदी पान मसाला के और शेष 50 फीसदी लड्डू, बुंदिया, बेसन सहित अन्य के हैं. पान मसाले में जहां मैग्निशियम कार्बोंनेट होने की पुष्टि हुई है. वहीं लड्डू, बुंदिया, बेसन के नमूने में हानिकारक रंग मेटानिल येलो पाये गये हैं. पुड़िया वाला पीला या गंधक रंग उद्योगों (रंग-रोगन व अन्य) में प्रयुक्त होता है. इसे मेटानिल येलो भी कहा जाता है.

ठेले सहित होटलों में बिकनेवाले लड्डू, जलेबी, बुंदिया, मंचूरियन व चार्ट (छोला सहित अन्य) में यह रंग धड़ल्ले से प्रयोग किया जाता है. खाद्य विशेषज्ञों के अनुसार इसके सेवन से जिगर व यकृत संबंधी रोग तथा कैंसर भी हो सकता है. इधर झारखंड में खैनी या तंबाकू प्रतिबंधित है. वहीं उन पान मसाले की बिक्री व सेवन पर भी रोक है, जिनमें तंबाकू मिला होता है. पर कई पान मसाला व गुटका उत्पादक अपने उत्पाद पर नो-टोबैको (तंबाकू नहीं) लिखते हैं. यानी इनमें तंबाकू मिला हुआ नहीं है. ऐसे कई पान मसाला बाजार में उपलब्ध हैं तथा लोग धड़ल्ले से इनका सेवन करते हैं.

मैग्नीशियम कार्बोनेट है घातक

राज्य खाद्य निदेशालय के सूत्रों के मुताबिक मैग्नीशियम कार्बोनेट इंसान के लिए खतरनाक रसायन है तथा इसके ओवरडोज से कई परेशानी हो सकती है. इससे मिचली, उल्टी, डायरिया तथा मुंह, होंठ, जीभ व गले में सूजन तथा हाइपर टेंशन जैसी परेशानियों के साथ डिप्रेशन, मांसपेशियों की कमजोरी, पेशाब में रुकावट सहित हृदयाघात की भी संभावना बढ़ जाती है.

जांच में असुरक्षित मिले अन्य खाद्य

दुकान खाद्य नमूना व ब्रांड

अग्रवाल गोकुल जेनरल स्टोर, हजारीबाग त्रिशूल ब्रांड का लाल मिर्च पाउडर

रजत जैन पैकेजिंग कंपनी अवसारी, हजारीबाग हल्दी पाउडर

विनोद होटल, पालकोट गुमला राजभोग

भवानी मिष्ठान भंडार, बस स्टैंड गिरिडीह रस कदम (छेना, इलाइची व चीनी)

प्रमोद कुमार गुप्ता, मसाला सेंटर साहेबगंज मिर्च पाउडर

गोपाल चंद्र पारुई, द स्वीट इंडिया बोकारो सिल्वर फॉयल वाला खोवा बर्फी

गोविंदम फूड प्रोडक्ट, राजगंज धनबाद बेसन

इन ब्रांड में मिले मैग्नीशियम कार्बोनेट

पान पराग, पान बहार, शिखर, दिलखुश, राज निवास, मधु, मुसाफिर,रजनीगंधा, दिलरुबा, विमल, बहार, शोहरत तथा पान पराग प्रीमियम.

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लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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