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दूसरी लहर में लॉकडाउन के बाद भी झारखंड की आमदनी सुधरी, 20.92 प्रतिशत मिला राजस्व, जानें किस स्रोत से कितने

Updated at : 30 Aug 2021 6:43 AM (IST)
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दूसरी लहर में लॉकडाउन के बाद भी झारखंड की आमदनी सुधरी, 20.92 प्रतिशत मिला राजस्व, जानें किस स्रोत से कितने

वार्षिक लक्ष्य की तुलना में झारखंड को 20.92 प्रतिशत राजस्व मिला, वहीं 2020-21 में 17.87 प्रतिशत ही मिला था. कर व गैर कर राजस्व के रूप में 15,938.78 करोड़ रुपये और पूंजी प्राप्तियों (कैपिटल रिसिट) के रूप में 2,070.50 करोड़ रुपये मिले हैं.

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Revenue collection in jharkhand रांची : सरकार की आमदनी में कोविड-19 की दूसरी लहर में पहली के मुकाबले सुधार हुआ है. राज्य सरकार को चालू वित्तीय वर्ष (2021-22) के दौरान जुलाई तक 18009.28 करोड़ रुपये का राजस्व मिला है. यह वार्षिक लक्ष्य के मुकाबले 20.92 प्रतिशत है. कोविड की पहली लहर यानी वित्तीय वर्ष 2020-21 में जुलाई तक सरकार को 17.87 प्रतिशत राजस्व मिला था.

कहां से आमदनी, कैसे हुआ खर्च :

सरकार की कुल आमदनी में से कर व गैर कर राजस्व के रूप में 15,938.78 करोड़ रुपये और पूंजी प्राप्तियों (कैपिटल रिसिट) के रूप में 2,070.50 करोड़ रुपये मिले हैं. सरकार को हुई कुल 18009.28 करोड़ रुपये की आमदनी में से राजस्व खर्च यानी वेतन भत्ता, पेंशन आदि पर 15,847.57 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं.

महालेखाकार के आंकड़ों के अनुसार, राज्य सरकार ने जुलाई तक वेतन भत्ता के मद में 4571.91 करोड़ रुपये खर्च किये हैं. पेंशन के रूप में 2435.61 करोड़ रुपये खर्च किये. विकास योजनाओं पर पहले से लिये कर्ज के सूद के रूप में सरकार ने 1305.99 करोड़ रुपये का भुगतान किया है.Âबाकी पेज 13 पर

इसके अलावा कल्याणकारी योजनाओं पर अनुदान के रूप में 952 करोड़ रुपये खर्च किये हैं.
आंशिक लॉकडाउन की स्थिति के बाद भी स्थिति सुधरी :

कोविड-19 की दूसरी लहर की वजह से चालू वित्तीय वर्ष का पहला दो महीना (अप्रैल और मई) पूर्ण लॉकडाउन के दौर से गुजरा. फिलहाल राज्य में आंशिक लॉकडाउन की स्थिति कायम है. इसके बावजूद सरकार की आमदनी में पहले के मुकाबले वृद्धि हुई.

जीएसटी के रूप में सरकार को अपने वार्षिक लक्ष्य के मुकाबले 29.14 प्रतिशत का राजस्व मिला है. इसके अलावा केंद्रीय करों में हिस्सेदारी के रूप में भी वार्षिक लक्ष्य का 24.74 प्रतिशत मिला है. पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान इसी अवधि में सरकार को केंद्रीय सहायता मद के लिए निर्धारित लक्ष्य का 22.39 प्रतिशत और जीएसटी के लक्ष्य के मुकाबले सिर्फ 17.16 प्रतिशत राजस्व ही मिल पाया था.

Posted By : Sameer Oraon

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