Ranchi: नगर-निगम की खुली पोल, खुले नाले ने ली 2 साल के मासूम की जान

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Ranchi: कांटा टोली के मौलाना आजाद कॉलोनी में मंगलवार को नाले में डूबने से एक दो साल के मासूम की मौत हो गई. नाले में गिरे दूसरे बच्चे को उनकी मां ने बचा लिया.

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Ranchi: सदर थाना क्षेत्र के मौलाना आजाद कॉलोनी में मंगलवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई. घर के बाहर खेल रहे दो छोटे बच्चे अचानक बगल में बह रहे खुले नाले में गिर गए. नाले में पानी का बहाव तेज होने के कारण दोनों बच्चे तेजी से बहने लगे. बच्चों को डूबता देख पास ही खड़ी उनकी मां ने दिलेरी का परिचय दिया और नाले में कूद गई. उसने एक बच्चे को हाथ पकड़कर बहने से बचा लिया, लेकिन अपने दूसरे बच्चे को बचा नहीं पाई. पानी की बहाव तेज था और दो साल का मासूम बहते हुए आगे चला गया. कुछ देर बाद स्थानीय लोगों ने बच्चे को तलाश तो आगे उसकी लाश मिली.

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आसपास के लोगों ने खोजा शव

घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए और तुरंत पुलिस को भी सूचना दी गई. लोग नाले में बच्चे को तलाशने लगे और थोड़ी ही दूर आगे बच्चे की लाश मिली. इस घटना के बाद स्थानीय लोग काफी गुस्से में हैं. उनका कहना है कि बरसात के समय में भी इस नाले में पानी का बहाव काफी तेज रहता है और पहले भी इस प्रकार की घटनाएं हो चुकी हैं. इसके बावजूद प्रशासन की ओर से कुछ नहीं किया जा रहा है. कई बार लोगों ने इस समस्या को कई स्तर पर उठाया, लेकिन अब तक इस नाले को ढकने का कोई इंतजाम नहीं किया गया.

डूबने वाले दोनों बच्चे सगे भाई

नाले में गिरने वाले दोनों बच्चे सगे भाई थे और एक का उम्र तीन साल और दूसरे का दो साल था. मरने वाले बच्चा छोटा भाई था. स्थानीय लोगों ने बताया कि दोनों बच्चे अपने घर के पास में ही खेल रहे थे. खेलने के दौरान मिट्टी या पत्थर पर पैर फिसलने के कारण दोनों बच्चे अचानक खुले नाले में जा गिरे. बच्चों की मां ने जब उन्हें गिरते देखा, तो वह तुरंत उन्हें बचाने के लिए दौड़ी. उन्होंने किसी तरह 3 साल के बड़े बेटे को तो बचा लिया, लेकिन पानी के तेज बहाव के कारण छोटा बेटा उनके हाथ से छूट गया और बह गया. लगभग एक से डेढ़ घंटे की खोजबीन के बाद, 2 साल के बच्चे का शव नाले में एक पाइप के पास कीचड़ में फंसा हुआ मिला.

लापरवाह प्रशासन

स्थानीय निवासियों और बच्चों के दादा के अनुसार, यह नाला पूरी तरह से खुला हुआ है और यहां कोई गार्डवाल (सुरक्षा दीवार) नहीं है. कॉलोनी में बिजली का एक ट्रांसफार्मर भी घर के बिल्कुल करीब और असुरक्षित स्थिति में है. लोग चंदा इकट्ठा करके इसे घेरने की कोशिश कर रहे थे ताकि बच्चे बिजली की चपेट में न आएं, लेकिन इससे पहले ही दूसरे तरह का यह हादसा हो गया. यह नाला काफी लंबा है और सीधे स्वर्णरेखा नदी में जाकर मिलता है, जिससे बरसात के समय बहाव और भी खतरनाक हो जाता है.

पहले भी हो चुकी है ऐसी घटनाएं

इस इलाके में पहले भी 2006-2007 में इस तरह के हादसे हो चुके हैं. पूर्व मेयर रमा खलखो ने बताया कि 2008 में कुछ पुल बनवाए गए थे, लेकिन उसके बाद स्थिति वैसी की वैसी ही बनी हुई है. अब स्थानीय लोग और जनप्रतिनिधि नगर विकास विभाग से नाले की साफ-सफाई और समुचित गार्डवाल बनाने की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके.

घर तोड़ने में लगा है नगर निगम, इधर कोई ध्यान नहीं

रांची में पिछले कई दिनों से कई गली मोहल्लों में अतिक्रमण हटाने का काम जोर-शोर से चल रहा है. स्थानीय लोगों में इस तोड़-फोड़ को लेकर काफी रोष है और लोग जमकर इसका विरोध भी कर रहे हैं. इस बीच, सबसे बड़ा सवाल यह है कि नगर-निगम अपनी जमीन खोज-खोजकर उसे खाली कराने में व्यस्त है और राजधानी में ही इस प्रकार के जानलेवा नाले कई जगहों पर मौजूद हैं. बरसात के दिनों में कई मुहल्लों से बच्चों के नाले में बहने की खबरें सामने आती रही हैं.

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