बुधवार को मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे पंचायत सहायक, आठ सूत्री मांगों को लेकर रांची में शक्ति प्रदर्शन
रांची स्थित मुख्यमंत्री आवास.
झारखंड के पंचायत सहायक अपनी मांगों को लेकर आज रांची में मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे. वर्षों से लंबित मांगों को लेकर वे सड़कों पर उतरेंगे. यदि सरकार उनकी बात नहीं सुनती है, तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दे रहे हैं.
Ranchi News: राज्य स्तरीय पंचायत सहायक संघ, झारखंड प्रदेश की ओर से बुधवार को मुख्यमंत्री आवास घेराव कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा. आंदोलन की पूरी रूपरेखा तैयार कर ली गई है. इसके तहत राज्य के सभी जिलों से पंचायत सहायक रांची पहुंचेंगे और सुबह मोरहाबादी मैदान में एकत्रित होंगे. यहां से सभी पंचायत सहायक रैली की शक्ल में मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच करेंगे. संघ का दावा है कि इस आंदोलन में बड़ी संख्या में पंचायत सहायक शामिल होंगे.
प्रदेश अध्यक्ष बोले, ऐतिहासिक होगा आंदोलन
संघ के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रदीप कुमार ने कहा कि पंचायत सहायकों की वर्षों पुरानी समस्याओं के समाधान के लिए लगातार सरकार और संबंधित अधिकारियों से अनुरोध किया जा रहा है, लेकिन अब तक कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई है. उन्होंने कहा कि पंचायत सहायकों के साथ लगातार अन्याय हो रहा है, जिसके कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ा है. उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री आवास घेराव कार्यक्रम ऐतिहासिक होगा और इसमें राज्यभर से बड़ी संख्या में पंचायत सहायक भाग लेंगे. उन्होंने सरकार से मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की.
मांगें पूरी नहीं हुईं तो होगी अनिश्चितकालीन हड़ताल
चंद्रदीप कुमार ने कहा कि यदि मुख्यमंत्री आवास घेराव के बाद भी सरकार उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेती है, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा. इसके अगले चरण में पंचायत सहायक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे. उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से सकारात्मक पहल नहीं होने से पंचायत सहायकों में नाराजगी लगातार बढ़ रही है.
आठ सूत्री मांगों को लेकर आंदोलन
पंचायत सहायकों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं. उनकी प्रमुख मांगों में मुख्यमंत्री के साथ सीधी वार्ता सुनिश्चित करना, वर्तमान 2500 रुपये के मानदेय में बढ़ोतरी करना तथा प्रत्येक वर्ष ग्राम सभा से अनुमोदन की अनिवार्यता समाप्त करना शामिल है. इसके अलावा, पंचायत सहायकों ने पंचायत सचिव के पदों में 70 प्रतिशत आरक्षण देने की भी मांग की है. उनका कहना है कि वर्षों से पंचायत स्तर पर कार्य करने के बावजूद उन्हें सेवा सुरक्षा और पदोन्नति का उचित अवसर नहीं मिल रहा है.
अनुकंपा नियुक्ति और बीमा सुविधा की भी मांग
संघ ने मांग की है कि सेवा के दौरान मृत पंचायत सहायकों के आश्रितों को अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति दी जाए. साथ ही पंचायत सहायकों को स्वास्थ्य बीमा और दुर्घटना बीमा जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ भी उपलब्ध कराया जाए, ताकि विपरीत परिस्थितियों में उनके परिवारों को आर्थिक सुरक्षा मिल सके.
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राज्य स्तरीय मॉनिटरिंग सेल के गठन की मांग
पंचायत सहायकों ने राज्य स्तर पर एक मॉनिटरिंग सेल के गठन की भी मांग की है. उनका कहना है कि इस सेल के माध्यम से पंचायत सहायकों की समस्याओं की नियमित समीक्षा हो सकेगी और उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा सकेगा. संघ का कहना है कि पंचायत सहायक ग्रामीण प्रशासन की महत्वपूर्ण कड़ी हैं और सरकार की योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने में उनकी अहम भूमिका रहती है. ऐसे में उनकी मांगों की अनदेखी उचित नहीं है. अब सभी की नजर बुधवार को होने वाले मुख्यमंत्री आवास घेराव और उसके बाद सरकार की प्रतिक्रिया पर टिकी हुई है.
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