माध्यमिक आचार्य नियुक्ति में 102 अभ्यर्थियों की डिग्री जांच के घेरे में, 2 निजी विश्वविद्यालयों से PG-BEd करने वालों पर उठे सवाल
JSSC Office
सरकारी स्कूलों में शिक्षक बनने वाले 102 अभ्यर्थियों की डिग्रियों की अब जांच होगी. स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने उच्च शिक्षा विभाग को पत्र लिखकर स्नातकोत्तर और बीएड डिग्रियों की जांच का अनुरोध किया है. यह कार्रवाई कुछ अभ्यर्थियों की डिग्रियों में पाई गई एकरूपता के आधार पर की जा रही है.
रांची. सरकारी स्कूलों में माध्यमिक आचार्य पद पर नियुक्ति के लिए चयनित 102 अभ्यर्थियों की शैक्षणिक डिग्री की जांच होगी. स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने इस संबंध में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के सचिव को पत्र भेजकर जांच का अनुरोध किया है. इन सभी अभ्यर्थियों ने राज्य के दो निजी विश्वविद्यालयों से स्नातकोत्तर (PG) और BEd की डिग्री हासिल की है.
PG के प्राप्तांकों में एकरूपता बनी जांच का आधार
विभागीय स्तर पर उपलब्ध रिकॉर्ड की जांच में इन अभ्यर्थियों के PG के प्राप्तांकों में काफी एकरूपता सामने आयी है. अलग-अलग विषयों में PG करने वाले अभ्यर्थियों के अंक भी एक सीमित दायरे में पाये गये हैं. विभाग ने इसी एकरूपता को प्रथम दृष्टया जांच का आधार बनाया है. विभाग की ओर से इन अभ्यर्थियों की डिग्री को प्रथम दृष्टया संदेहास्पद बताया गया है.
JSSC ने 877 अभ्यर्थियों की नियुक्ति की अनुशंसा की
झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) ने माध्यमिक आचार्य नियुक्ति के लिए कुल 877 अभ्यर्थियों की नियुक्ति की अनुशंसा की है. इनमें 244 अभ्यर्थी ऐसे हैं, जिन्होंने निजी विश्वविद्यालयों से PG और BEd की डिग्री हासिल की है. इनमें से 102 अभ्यर्थियों ने राज्य के दो निजी विश्वविद्यालयों से ये डिग्रियां प्राप्त की हैं.
निजी विश्वविद्यालयों से PG करने वाले अभ्यर्थियों में से 93 के प्राप्तांक 65 से 70 फीसदी के बीच हैं. खोरठा विषय में सफल नौ अभ्यर्थियों में छह के अंक 67 से 68 फीसदी के बीच हैं. इसी तरह राजनीति शास्त्र में PG करने वाले 14 सफल अभ्यर्थियों में नौ के अंक 67 से 68 फीसदी के बीच हैं. गृह विज्ञान में 13 में से सात अभ्यर्थियों के अंक 66 से 67 फीसदी के बीच हैं.
यहां समझें, इन डिग्रियों पर संदेह क्यों?
स्नातक के 15 साल बाद PG, फिर भी सभी को मिले 67-68% अंक
कुछ अभ्यर्थियों के शैक्षणिक रिकॉर्ड में स्नातक और PG के बीच काफी लंबा अंतर सामने आया है. कई अभ्यर्थियों ने स्नातक में 47 से 54 फीसदी के बीच अंक हासिल किये थे. इसके करीब 15 से 18 वर्ष बाद उन्होंने वर्ष 2022-24 के दौरान संबंधित विश्वविद्यालयों से PG की डिग्री हासिल की और इसमें 67 से 68 फीसदी तक अंक प्राप्त किये.
एक अभ्यर्थी ने वर्ष 2014 में स्नातक में 47.81 फीसदी अंक हासिल किया था, लेकिन वर्ष 2022-24 में PG में उसे 67.19 फीसदी अंक मिले.
11 अभ्यर्थियों ने 10 साल बाद किया PG
सफल अभ्यर्थियों के शैक्षणिक रिकॉर्ड में यह भी सामने आया है कि 11 अभ्यर्थियों ने स्नातक के 10 वर्ष या उससे अधिक समय बाद PG की पढ़ाई की. वहीं, 20 से अधिक अभ्यर्थियों के स्नातक और PG के बीच आठ से नौ वर्ष का अंतर है.
24 अभ्यर्थियों ने नियुक्ति वर्ष में ही ली PG की डिग्री
माध्यमिक आचार्य नियुक्ति की प्रक्रिया 2025 में शुरू हुई थी. सफल अभ्यर्थियों में से कई ने नियुक्ति प्रक्रिया शुरू होने के वर्ष में ही परीक्षा में शामिल होकर शैक्षणिक योग्यता हासिल की.
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