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नये तरीके से कोरोना का मुकाबला करेगा झारखंड, 60 हजार से अधिक प्रवासियों को घर लायी सरकार

Updated at : 15 May 2020 10:40 AM (IST)
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नये तरीके से कोरोना का मुकाबला करेगा झारखंड, 60 हजार से अधिक प्रवासियों को घर लायी सरकार

jharkhand fights coronavirus: रांची : कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए घोषित लॉकडाउन में फंसे झारखंड के लोगों को अपने घर लाने के लिए कई स्पेशल ट्रेनें चलीं. अब तक 60 हजार से अधिक लोग अपने घर पहुंच चुके हैं. बड़ी संख्या में लोगों को वापस लाने की तैयारी चल रही है. आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव अमिताभ कौशल ने नये तरीके से कोरोना का मुकाबला करने के संकेत दिये हैं.

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रांची : कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए घोषित लॉकडाउन में फंसे झारखंड के लोगों को अपने घर लाने के लिए कई स्पेशल ट्रेनें चलीं. अब तक 60 हजार से अधिक लोग अपने घर पहुंच चुके हैं. बड़ी संख्या में लोगों को वापस लाने की तैयारी चल रही है. आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव अमिताभ कौशल ने नये तरीके से कोरोना का मुकाबला करने के संकेत दिये हैं.

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श्री कौशल ने कहा है कि केंद्र सरकार के निर्देश के बाद कई राज्यों से लोगों की वापसी हो रही है. लोगों को जागरूक करना होगा कि वे खुद ही कोरोना वायरस से बचाव के लिए सरकार के निर्देशों का पालन करें. इसके लिए ग्राम प्रमुख, मुखिया, आंगनबाड़ी सेविका, चौकीदार, स्कूल कमेटी, शिक्षक व अन्य को घर-घर तक जानकारी पहुंचाने का कार्य दिया जा रहा है.

इसके पहले झारखंड में कोरोना वायरस संबंधित मामलों के मुख्य नोडल पदाधिकारी एवं प्रमुख सचिव अमरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि राज्य के 60 हजार प्रवासी मजदूरों एवं अन्य लोगों को देश के विभिन्न भागों से 44 ट्रेनों से वापस लाया जा चुका है. प्रवासी लोगों की वापसी के लिए ऐसी 56 और ट्रेनें चलेंगी.

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अमरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा, ‘राज्य सरकार अन्य राज्यों एवं केंद्र सरकार से समन्वय स्थापित कर ट्रेनों से प्रवासी मजदूरों की वापसी करा रही है. वहीं सभी जिलों के उपायुक्त बस से प्रवासी मजदूरों को अपने जिलों में वापस ला रहे हैं. 14 मई तक राज्य में 60 हजार से अधिक लोग वापस आ चुके हैं.’ उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में भारत सरकार द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों का पालन किया जा रहा है.

राज्य स्तरीय यातायात सचिव के रवि कुमार ने कहा कि अभी तक बसों से लगभग 30 हजार लोग राज्य में वापस आ चुके हैं. वहीं, 44 ट्रेनें विभिन्न राज्यों से झारखंड आयी हैं और 56 ट्रेनें और आयेंगी. उन्होंने बताया कि अभी तक 50,028 प्रवासी मजदूर श्रमिक स्पेशल ट्रेनों से वापस आये हैं. राज्य में निजी वाहनों से भी आवागमन के लिए पास जारी किये जा रहे हैं. अभी तक कुल 1,04,403 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 95 प्रतिशत आवेदनों पर विचार कर कार्रवाई की गयी है.

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आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव अमिताभ कौशल ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा जारी निर्देश के बाद कई राज्यों से लोगों की वापसी हो रही है. उन्होंने कहा कि लोगों को जागरूक करना होगा कि वे खुद ही कोरोना वायरस से बचाव के लिए सरकार के निर्देशों का पालन करें. इसके लिए ग्राम प्रमुख, मुखिया, आंगनबाड़ी सेविका, चौकीदार, स्कूल कमेटी, शिक्षक व अन्य को घर-घर तक जानकारी पहुंचाने का कार्य दिया जा रहा है.

उन्होंने कहा कि निषिद्ध क्षेत्र के लिए दिशा-निर्देश अलग से जारी किये गये हैं. ऐसे क्षेत्रों में सभी लोग घर में ही अलग रहेंगे. उन्होंने बताया कि लॉकडाउन की वजह से फंसे मजदूरों की सहायता के लिए झारखंड के विभिन्न जिलों को 16 करोड़ 70 लाख रुपये की अतिरिक्त राशि दी गयी है.

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उन्होंने यह भी बताया कि पृथक-वास केंद्र में रह रहे लोगों को स्पेशल पैकेट दिया जा रहा है, जिसमें 10 किलोग्राम चावल, एक किलोग्राम अरहर दाल, एक किलोग्राम चना दाल, एक पैकेट तेल और एक किलोग्राम नमक शामिल है.

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Mithilesh Jha

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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