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दूरदर्शन बना स्कूल, झारखंड के 42 लाख बच्चों के टीचर आए, बदली क्लास और हुई पूरे दिन पढ़ाई

Updated at : 11 May 2020 10:15 PM (IST)
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दूरदर्शन बना स्कूल, झारखंड के 42 लाख बच्चों के टीचर आए, बदली क्लास और हुई पूरे दिन पढ़ाई

jharkhand school education and literacy department conducts classes for 4.2 million students on doordarshan रांची : कोरोना वायरस (Coronavirus) के संक्रमण की वजह से देश भर में जारी लॉकडाउन (Lockdown) के बीच स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग झारखंड (School Education and Literacy Department Jharkhand) ने एक अभिनव प्रयोग शुरू किया है. 42 लाख बच्चों के लिए दूरदर्शन (Doordarshan) पर कक्षाएं शुरू की गयी हैं. जब स्कूल पूरी तरह बंद हैं, शिक्षा विभाग (Education Department) ने दूरदर्शन के जरिये बच्चों की पढ़ाई जारी रखने का फैसला किया. इसमें कई गैर-सरकारी संस्थाओं की मदद ली गयी है. वैश्विक संकट की इस घड़ी में ऐसे प्रयोग से शिक्षा विभाग के अधिकारी भी रोमांचित हैं.

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रांची : कोरोना वायरस (Coronavirus) के संक्रमण की वजह से देश भर में जारी लॉकडाउन (Lockdown) के बीच स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग झारखंड (School Education and Literacy Department Jharkhand) ने एक अभिनव प्रयोग शुरू किया है. 42 लाख बच्चों के लिए दूरदर्शन (Doordarshan) पर कक्षाएं शुरू की गयी हैं. जब स्कूल पूरी तरह बंद हैं, शिक्षा विभाग (Education Department) ने दूरदर्शन के जरिये बच्चों की पढ़ाई जारी रखने का फैसला किया. इसमें कई गैर-सरकारी संस्थाओं की मदद ली गयी है. वैश्विक संकट की इस घड़ी में ऐसे प्रयोग से शिक्षा विभाग के अधिकारी भी रोमांचित हैं.

सोमवार (11 मई, 2020) से इस प्रोग्राम की शुरुआत हुई. दूरदर्शन रांची पर प्रसारित होने वाला कार्यक्रम तीन घंटे का है. इसके लिए शिक्षा विभाग ने बाकायदा एक रूटीन चार्ट तैयार किया है. इसी के आधार पर दूरदर्शन पर वीडियो का प्रसारण किया जा रहा है. तीन घंटे के कार्यक्रम को तीन हिस्से में बांटा गया है.

एक हिस्से में पहली से पांचवीं तक के सिलेबस के आधार पर तैयार वीडियो का प्रसारण हुआ, तो दूसरे हिस्से में छठी से नौवीं और तीसरे हिस्से में दसवीं और ग्यारहवीं के छात्रों से जुड़ी सामग्री का प्रसारण किया गया.

झारखंड के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के स्टेट प्रोग्राम ऑफिसर (एसपीओ) डॉ अभिनव कुमार ने बताया कि उनके लिए और शिक्षा विभाग दोनों के लिए यह एक अलग तरह का अनुभव है. उन्होंने बताया कि लॉकडाउन की वजह से बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो, इसलिए ऐसा प्रयोग किया गया है. इसके लिए शिक्षा के क्षेत्र में काम करने वाले कई संगठनों की मदद ली गयी.

डॉ कुमार ने बताया कि विभाग ने एक सप्ताह का रूटीन तैयार किया है. सोमवार से शुक्रवार (11 मई से 15 मई, 2020) तक का रूटीन तैयार हो गया है. इसका वीडियो भी तैयार है, जिसे हर दिन दूरदर्शन के रांची केंद्र से प्रसारित किया जायेगा. राज्य के 42 लाख छात्रों को जोड़ने की जिम्मेदारी 1.23 लाख शिक्षक-शिक्षिकाओं और 3200 बीआरपी-सीआरपी पर है. इन सभी लोगों को तीन दिन पहले से ही इस संबंध में जानकारी दे दी गयी थी.

स्टेट प्रोग्राम ऑफिसर ने बताया कि इस संबंध में पत्र भी जारी किया गया, ताकि अधिक से अधिक छात्र इस कार्यक्रम का लाभ ले सकें. इसके प्रचार-प्रसार के लिए स्टिकर का भी वितरण किया गया है. हालांकि, डॉ कुमार यह नहीं बता पाये कि पहले दिन कितने बच्चों ने इसका लाभ लिया. उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस क्लास से कितने बच्चे लाभान्वित हुए, इसका पता लगाने वाला कोई मैकेनिज्म अभी तक न तो शिक्षा विभाग के पास है, न ही दूरदर्शन के पास.

डॉ कुमार ने कहा कि अधिक से अधिक बच्चों तक पहुंचने के उद्देश्य से इस तरह के क्लास की शुरुआत की गयी है. विभाग को उम्मीद है कि बच्चों को इसका लाभ होगा. उन्होंने बताया कि शिक्षा के क्षेत्र में काम करने वाले संगठनों प्रथम, यूनिसेफ, संपर्क फाउंडेशन, डिजि-साथ : अब पढ़ाई नहीं रुकेगी, बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप, सेंट्रल स्क्वायर फाउंडेशन, पीरामल नॉलेज एक्शन केयर और इकोवेशन की मदद ली गयी है. इन संगठनों के पास पहले से ही कुछ वीडियो कंटेंट मौजूद थे, जिसे दूरदर्शन पर प्रसारित किया गया. राज्य के सरकारी शिक्षकों ने भी कुछ वीडियो तैयार किये हैं.

अभिनव कुमार कहते हैं कि शिक्षकों में भी कंटेंट तैयार करने की रुचि जगी है. कई विषयों के वीडियो की शूटिंग चल रही है, जिसे दूरदर्शन पर प्रसारित किया जायेगा. उन्होंने कहा कि बच्चों के फायदे के लिए बाहरी कंटेंट लेकर उसे सिलेबस से मैप कर रहे हैं, ताकि बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो.

सोमवार को कक्षा 6 के बच्चों को संख्याओं की जानकारी के बारे में पढ़ाया गया, तो 7वीं के बच्चों को पूर्णांक की जानकारी दी गयी. कक्षा 8 में परिमय संख्या की जानकारी दी गयी, तो नौवीं के बच्चों को संख्या पद्धति के बारे में पढ़ाया गया.

10वीं और 11वीं के बच्चों को अंक गणित की आधारभूत प्रमेय, भाज्य संख्या की परिभाषा, लघुत्तम और महत्तम के अलावा सेट्स (समुच्चय) के बारे में बताया गया और इससे जुड़े सवालों को हल करना सिखाया गया. शिक्षा विभाग ने 11 मई से 10 जून, 2020 तक के लिए यह कार्यक्रम तैयार किया है.

हर दिन पूर्वाह्न 10:00 बजे से 2:00 बजे तक कक्षाएं चलेंगी. 10:300 बजे से 10:30 के बीच सभी कक्षाओं के लिए ‘मीना की कहानी एवं जीवन कौशल’ का पाठ पढ़ाया जा रहा है. 10:30 से 11:00 बजे के बीच पहली से पांचवीं तक के बच्चों की पढ़ाई होती है. 11:00 से 12:00 बजे तक 6 से 9 एवं 11 के बच्चों की पढ़ाई होती है, जबकि अपराह्न 1:00 बजे से 2:00 बजे के बीच कक्षा 10वीं एवं 12वीं के बच्चों की.

कार्यक्रम के प्रसारण के बाद दूरदर्शन झारखंड ने अपने यूट्यूब चैनल पर सभी वीडियो को अपलोड कर दिये, ताकि जो बच्चे टीवी पर प्रसारण नहीं देख पाये, वे यहां से पढ़ाई कर सकें. दूरदर्शन ने 11 मई, 2020 को 4 वीडियो अपलोड किये. इसमें एक वीडियो 25:55 मिनट का है, तो दूसरा वीडियो 1 घंटा 31 सेकेंड का, तीसरा 28:15 मिनट का और चौथा वीडियो 57:32 मिनट का है.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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