झारखंड के लगभग एक हजार हाइस्कूल, इंटर कॉलेज, मदरसा व संस्कृत स्कूलों की जांच प्रमुख
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 24 Jul 2022 11:26 AM
राज्य सरकार और झारखंड एकेडमिक काउंसिल से मान्यता प्राप्त लगभग एक हजार हाइस्कूल, इंटर कॉलेज, मदरसा व संस्कृत स्कूलों की जांच होगी. स्कूल-कॉलेजों की जांच की जिम्मेदारी जैक को दी गयी है. शिक्षा विभाग के पत्र के अनुरूप जैक ने इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी है. डीइओ की अध्यक्षता में कमेटी बनायी गयी है.
Ranchi News: राज्य सरकार और झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) से मान्यता प्राप्त लगभग एक हजार हाइस्कूल, इंटर कॉलेज, मदरसा व संस्कृत स्कूलों की जांच होगी. स्कूल-कॉलेजों की जांच की जिम्मेदारी जैक को दी गयी है. शिक्षा विभाग के पत्र के अनुरूप जैक ने इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी है. डीइओ की अध्यक्षता में कमेटी बनायी गयी है. कमेटी में संबंधित प्रखंड के सीइओ व जैक के प्रतिनिधि शामिल होंगे.
छह वर्ष बाद स्कूल-कॉलेजों की फिर से जांच कराने का निर्णय लिया गया है. वर्ष 2016-17 में विभाग के निर्देश के बाद डीसी की देखरेख में जांच हुई थी. उसके बाद राज्य भर के लगभग 150 हाइस्कूल व इंटर कॉलेजों की मान्यता खत्म कर दी गयी थी. जांच में इन स्कूल-कॉलेजों का संचालन मापदंड के अनुरूप नहीं पाया गया था. माध्यमिक शिक्षा निदेशालय द्वारा जैक को भेजे गये पत्र में कहा गया है कि विभाग को शिकायत मिली है कि कुछ स्कूल और कॉलेज मान्यता की शर्त पूरी नहीं कर रहे हैं. इससे अनुदान स्वीकृत करने में कठिनाई होती है.
– स्कूल-कॉलेजों की जमीन समेत भवन, कमरा, प्रयोगशाला, पुस्तकालय, शिक्षक व कर्मचारी के स्वीकृत व कार्यरत पद समेत अन्य संसाधन की जांच की जायेगी
– मान्यता के लिए आवश्यक शर्त के अनुरूप इंटर कॉलेज के लिए ग्रामीण क्षेत्र में एक व शहरी क्षेत्र में दो एकड़ जमीन आवश्यक है. जांच कमेटी इस बात को भी देखेगी कि जमीन का दाखिल-खारिज हुआ है कि नहीं.
– कला संकाय के लिए 600 वर्गफीट का चार, कला व वाणिज्य के लिए छह व कला, वाणिज्य व विज्ञान तीनों संकाय के लिए आठ व्याख्यान कक्ष होना चाहिए. प्राचार्य कक्ष, शिक्षकों के लिए स्टाफ रूम, छात्र व छात्राओं के लिए अलग-अलग कॉमन रूम होना चाहिए. इसके अलावा प्रयोगशाला, मैदान समेत अन्य आवश्यक संसाधन आवश्यक है.
झारखंड राज्य वित्त रहित शिक्षा संयुक्त संघर्ष मोर्चा के रघुनाथ सिंह ने स्कूल-कॉलेजों की जांच का विरोध किया है. उन्होंने कहा है कि जब डीसी के स्तर से स्कूल-कॉलेजों की जांच हो गयी है तो फिर अलग से जांच की क्या आवश्यकता है. उन्होंने शिक्षा विभाग से आदेश वापस लेने की मांग की है.
स्थायी मान्यता प्राप्त इंटर कॉलेज 200
अस्थायी मान्यता प्राप्त इंटर कॉलेज 130
स्थायी मान्यता प्राप्त हाइस्कूल 106
राज्य सरकार से अस्थायी मान्यता प्राप्त हाइस्कूल 274
जैक से अस्थायी मान्यता प्राप्त हाइस्कूल 200
मान्यता प्राप्त मदरसा 43
मान्यता प्राप्त संस्कृत स्कूल 33
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