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झारखंड में 11 कंपनियों के प्रतिबंधित पान मसाला का स्टॉक दूसरे राज्यों में भेजने की सरकार ने दी अनुमति

Updated at : 13 May 2020 5:12 PM (IST)
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झारखंड में 11 कंपनियों के प्रतिबंधित पान मसाला का स्टॉक दूसरे राज्यों में भेजने की सरकार ने दी अनुमति

झारखंड (Jharkhand) सरकार ने प्रतिबंधित पान मसाला (Pan Masala) का स्टॉक अन्य राज्यों में भेजने की अनुमति दे दी है. सरकार स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग (Health and Family Welfare Department) के प्रधान सचिव सह खाद्य संरक्षा आयुक्त डॉ नितिन मदन कुलकर्णी (Nitin Madan Kulkarni) ने बुधवार (13 मई, 2020) को इस संबंध में आदेश जारी कर दिया. आदेश में कहा गया है कि संबंधित जिला के अनुमंडल पदाधिकारी सह खाद्य संरक्षा के पदाधिकारी की निगरानी में ही पान मसाला के स्टॉक को झारखंड राज्य की सीमा के बाहर भेजना होगा.

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रांची : झारखंड सरकार ने प्रदेश में प्रतिबंधित पान मसाला का स्टॉक अन्य राज्यों में भेजने की अनुमति दे दी है. सरकार स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के प्रधान सचिव सह खाद्य संरक्षा आयुक्त डॉ नितिन मदन कुलकर्णी ने बुधवार (13 मई, 2020) को इस संबंध में आदेश जारी कर दिया. आदेश में कहा गया है कि संबंधित जिला के अनुमंडल पदाधिकारी सह खाद्य संरक्षा के पदाधिकारी की निगरानी में ही पान मसाला के स्टॉक को झारखंड राज्य की सीमा के बाहर भेजना होगा.

आदेश में कहा गया है कि पान मसाला के थोक विक्रेता/व्यापारियों को अपने गोदामों में बचे हुए माल को झारखंड राज्य की सीमा से बाहर भेजने हेतु करीब दो हफ्ते की छूट दी गयी है. यह छूट 31 मई तक जारी रहेगी. इस दरम्यान किसी भी प्रतिबंधित पान मसाला की थोक या खुदरा बिक्री नहीं होगी, सिर्फ दूसरे राज्यों में भेजने की छूट दी गयी है.

डॉ कुलकर्णी ने बताया कि सभी थोक विक्रेता अपने अधीनस्थ खुदरा विक्रेताओं से बचे हुए स्टॉक अपने गोदामों में एकत्र कर उसकी सूची बनाकर संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी सह खाद्य संरक्षा के पदाधिकारी एवं खाद्य संरक्षा पदाधिकारी को उपलब्ध करवायेंगे. उनकी ही निगरानी में बचा हुआ माल झारखंड राज्य की सीमा के बाहर भेजेंगे, जहां पर इन पान मसाला पर प्रतिबंध नहीं है.

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के इस आदेश की जानकारी सभी जिलों के उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक सहित अनुमंडल पदाधिकारी एवं परिवहन पदाधिकारियों को दे दी गयी है.

उल्लेखनीय है कि झारखंड सरकार के स्वास्थ्य चिकित्सा एवं परिवार कल्याण विभाग ने 8 मई, 2020 को रजनीगंधा पान मसाला, राज निवास पान मसाला, पान पराग पान मसाला, शिखर पान मसाला, दिलरुबा पान मसाला, मुसाफिर पान मसाला, मधु पान मसाला, बिमल पान मसाला, बहार पान मसाला, सेहरात पान मसाला, पान पराग प्रीमियम पान मसाला के उत्पादन, भंडारण और वितरण पर प्रतिबंध लगा दिया था.

विभागीय आदेश में कहा गया था कि उपरोक्त कंपनियों के पान मसाला में मैग्नीशियम कार्बोनेट पाया गया था, जिसकी वजह से इन कंपनियों के उत्पादों पर एक साल के प्रतिबंध लगा दिया गया था. अब सरकार ने कहा है कि 31 मई, 2020 तक इन कंपनियों के स्टॉकिस्ट इन उत्पादों को झारखंड से बाहर ले जा सकेंगे.

इस दौरान राज्य में कहीं भी इन कंपनियों के पान मसाला के वितरण या बिक्री की अनुमति नहीं होगी. 1 जून, 2020 से इन उत्पादों के परिवहन एवं भंडारण पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा. इनका परिवहन और भंडारण भी नहीं किया जा सकेगा.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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