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झारखंड में 75 करोड़ रूपये की ठगी कर भागी विश्वामित्र इंडिया कंपनी, अब इन जिलों में CBI कर रही है जांच

चिटफंड कंपनी विश्वामित्र इंडिया परिवार ने 75 करोड़ रूपये की ठगी कर फरार हो गया, अब सीबीआई कई जिलों में कर रही है पूछताछ. जब जांच को लेकर सीबीआइ ने पीड़ित निवेशकों से कागजात इकट्ठा करने के लिए कई स्थानों पर कैंप लगाया, तो भुक्तभोगी एजेंट और निवेशक पक्ष रखने के लिए आये ही नहीं.

By Prabhat Khabar Print Desk
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झारखंड में 75 करोड़ रूपये की ठगी कर भागी विश्वामित्र इंडिया कंपनी
झारखंड में 75 करोड़ रूपये की ठगी कर भागी विश्वामित्र इंडिया कंपनी
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रांची : विश्वामित्र इंडिया परिवार कंपनी पर लुभावने वादे कर लाखों निवेशकों से करोड़ों रुपये की उगाही कर फरार होने का आरोप है. कंपनी ने झारखंड में करीब 75 करोड़ रुपये की ठगी की है. दूसरे राज्यों में भी हजारों निवेशकों से करोड़ों की उगाही की. अब जब जांच को लेकर सीबीआइ ने पीड़ित निवेशकों से कागजात इकट्ठा करने के लिए कई स्थानों पर कैंप लगाया, तो भुक्तभोगी एजेंट और निवेशक पक्ष रखने के लिए आये ही नहीं.

सीबीआइ की आर्थिक अपराध शाखा कर रही जांच : चिटफंड कंपनी विश्वामित्र इंडिया परिवार के खिलाफ सीबीआइ की रांची स्थित आर्थिक अपराध शाखा (इओडब्लू) जांच कर रही है. एजेंसी को जांच के दौरान पता चला है कि झारखंड के विभिन्न जिलों में उक्त कंपनी ने सेबी के नियमों का उल्लंघन कर 60 से 70 हजार लोगों से करीब 75 करोड़ रुपये की ठगी की है.

कंपनी के अधिकारियों के खिलाफ गिरिडीह, धनबाद, महगामा और मेदिनीनगर के पुलिस थानों में दर्ज केस सहित अन्य जिलों में हुए केसों की जांच सीबीआइ कर रही है. अनुसंधान के दौरान शुरुआत में कई निवेशकों ने कंपनी में निवेश संबंधी कागजात सीबीआइ को दिये हैं. सीबीआइ ने कंपनी के डायरेक्टर पंकज चंद के अलावा उनके परिवार के अन्य सदस्यों व अधिकारियों से भी पूछताछ की है.

सीबीआइ के इओडब्लू शाखा में कर सकते हैं शिकायत: मामले से जुड़े निवेशक, एजेंट या कोई भी व्यक्ति सीबीआइ की दीनदयाल नगर, मोरहाबादी स्थित इओडब्लू शाखा, रांची में जांच अधिकारी से मिलकर अपनी बात रख सकते हैं. जांच अधिकारी के मोबाइल नंबर : 9582692769 और ऑफिस के नंबर 0651-2360061 पर भी संपर्क किया जा सकता है.

  • गिरिडीह, धनबाद, महगामा, मेदिनीनगर हजारीबाग, बोकारो सहित अन्य जिलों के केस की जांच कर रही सीबीआइ

  • कंपनी के डायरेक्टर पंकज चंद के अलावा उनके परिजनों और अधिकारियों से भी हो चुकी है पूछताछ

  • अन्य राज्यों में भी हजारों निवेशकों से करोड़ों की उगाही करने का कंपनी पर है आरोप

  • जांच कर रही सीबीआइ ने कहा : निवेशक दस्तावेज के साथ कर सकते हैं शिकायत

हाइकोर्ट के आदेश पर सीबीआइ ने टेकओवर किया है मामला

हाइकोर्ट द्वारा 11 मई 2015 को दिये गये आदेश के तहत सीबीआइ चिटफंड कंपनियों से जुड़े मामले को टेकओवर कर जांच कर रही है. इसी कड़ी में 2017 में रांची सीबीआइ ने गिरिडीह, धनबाद, महगामा और मेदनीनगर में दर्ज केस को टेकओवर किया. प्राथमिकी के बाद मामले की जांच हो रही है. धनबाद, हजारीबाग, बोकारो, कोडरमा, गुमला, चतरा, पलामू आदि जिलों के मामले को भी सीबीआइ देख रही है.

उक्त कंपनी की शाखा राज्य के तकरीबन सभी जिलों में थी. गिरिडीह में दर्ज केस में विश्वामित्र इंडिया परिवार कंपनी के डिविजनल मैनेजर साजिद सफी, ब्रांच मैनेजर सागर अंसारी और डिविजनल मैनेजर अशोक शर्मा पर प्राथमिकी दर्ज की गयी थी. वहीं धनबाद में दर्ज केस में कंपनी शाखा के ब्रांच मैनेजर सुमित ठाकुर, मैनेजिंग डायरेक्टर मनोज कुमार चांद, कंपनी के ही पंकज कुमार चांद, चीफ मैनेजिंग डायरेक्टर राहुल कुमार चौहान, राहुल मोदी, जयराम, प्रमोद कुमार, अनिल प्रसाद, कन्हैया चौहान, विनोद कुमार, सुदीप्ता सेन, अशोक विश्वास, सुभोजित सेन, प्रियंका सेन, संतोष महतो, संजय कुमार, गोपाल दलपति और चांद मोहन घोष को आरोपी बनाया गया है.

Posted By : Sameer Oraon

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Published Date

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