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झारखंड पुलिस के पूर्व IG की पत्नी, बेटे और बहू के खाते से 29.50 लाख रुपये का गबन, घरवालों ने दर्ज करायी FIR

अपराधियों ने झारखंड पुलिस के पूर्व आईजी शीतल उरांव के सदस्यों के खाते से 29.50 लाख रुपये का गबन कर लिया, इस संबंध में परिवार के सदस्यों ने लालपुर थाने में केस दर्ज कराया है. ये घटना अप्रैल 2021 के कोरोना काल के समय की है जब परिवार के 6 सदस्य कोरोना संक्रमित हो गये हैं.

By Prabhat Khabar Print Desk
Updated Date
झारखंड पुलिस के पूर्व IG के परिवार वालों से 29.50 लाख रुपये का गबन
झारखंड पुलिस के पूर्व IG के परिवार वालों से 29.50 लाख रुपये का गबन
सांकेतिक तस्वीर

Ranchi Crime News, Online Bank Frauds In Ranchi रांची : झारखंड पुलिस से रिटायर्ड आइजी करमटोली-बरियातू रोड निवासी शीतल उरांव के परिवार के सदस्यों के एकाउंट से 29.50 लाख रुपये गबन के मामले में डीजीपी नीरज सिन्हा ने सीआइडी जांच का आदेश दिया है. शीतल उरांव की बहू एम तिर्की की शिकायत पर जुलाई 2021 में लालपुर थाना में केस दर्ज हुआ था. इस केस का अनुसंधान लालपुर थाना की पुलिस कर रही थी.

पुलिस को अनुसंधान के दौरान डाकघर से अपेक्षित मदद नहीं मिली. इस कारण पुलिस की जांच धीमी चल रही थी. अब इस केस को सीआइडी टेकओवर कर अनुसंधान शुरू करेगी.

सभी पासबुक में लगातार जमा की जाती थी रकम :

जानकारी के अनुसार, शीतल उरांव की पत्नी, बेटे और बहू सहित परिवार के अन्य सदस्यों के नौ आरडी एकाउंट मोरहाबादी उप- डाकघर में थे. सभी पासबुक में लगातार उनके परिवार के सदस्यों द्वारा रकम जमा की जाती थी. लेकिन वर्ष 2021 में कोरोना काल के दौरान अप्रैल में शीतल उरांव के परिवार के छह सदस्य कोरोना से संक्रमित हो गये. इस कारण उनके परिवार के सदस्यों द्वारा पोस्ट ऑफिस जाकर रुपये जमा कराना संभव नहीं था.

इसके बाद परिवार के सदस्यों ने लालपुर पोस्ट ऑफिस में बैठनेवाले आशीष कुमार सिन्हा से संपर्क किया. बातचीत के बाद आशीष कुमार सिन्हा पासबुक लेकर पैसा जमा कराने को तैयार हो गया. इसके बाद उसे पैसा जमा कराने के लिए दिया गया. इसी दौरान आशीष कुमार सिन्हा की कोरोना संक्रमण से मौत हो गयी. जब शीतल उरांव के परिवार के सदस्य ठीक हुए, तब उन्होंने अपने पासबुक और उसमें जमा पैसे की जानकारी लेने के लिए आशीष कुमार के परिवार के सदस्यों से संपर्क किया.

मृतक आशीष के परिजनों ने नौ पासबुक में से चार पासबुक वापस किये. उसमें से सिर्फ तीन पासबुक में मार्च तक के ही रुपये जमा थे. शीतल उरांव के परिवार के सदस्यों को छानबीन के दौरान पता चला कि आशीष कुमार सिर्फ एजेंट था. इसके बाद उन्होंने डाकघर के अधिकारियों से संपर्क कर अपने एकाउंट के बारे में पूछा तो पता चला कि उनके खाते में 29.50 लाख रुपये जमा नहीं हुए हैं. इसके बाद उन्होंने प्राथमिकी दर्ज करायी.

Posted By : Sameer Oraon

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Published Date

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