Jharkhand Coronavirus Lockdown Effect : मुनाफाखोरी शुरू, आलू की कीमतें 300 रुपये तक बढ़ी

Jharkhand Coronavirus Lockdown Effect : peoples are not following guidelines potato prices riesed upto rs 300 per bag, रांची : झारखंड में लॉकडाउन का असर दिखने लगा है. बुधवार (25 मार्च, 2020) की सुबह से ही लोगों ने जरूरी सामानों की खरीदारी शुरू कर दी. फलस्वरूप दुकानदारों ने सामान की कीमतें बढ़ा दी हैं. चतरा जिला के इटखोरी बाजार में सुबह-सुबह जरूरी सामानों की खरीदारी करने के लिए लोग निकल पड़े. लोगों की भीड़ देखते ही दुकानदारों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी. मंगलवार (24 मार्च, 2020) तक 650 रुपये प्रति कट्टा बिकने वाले आलू की कीमत 25 मार्च, 2020 को बढ़कर 950 रुपये हो गयी.
रांची : झारखंड में लॉकडाउन का असर दिखने लगा है. बुधवार (25 मार्च, 2020) की सुबह से ही लोगों ने जरूरी सामानों की खरीदारी शुरू कर दी. फलस्वरूप दुकानदारों ने सामान की कीमतें बढ़ा दी हैं. चतरा जिला के इटखोरी बाजार में सुबह-सुबह जरूरी सामानों की खरीदारी करने के लिए लोग निकल पड़े. लोगों की भीड़ देखते ही दुकानदारों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी. मंगलवार (24 मार्च, 2020) तक 650 रुपये प्रति कट्टा बिकने वाले आलू की कीमत 25 मार्च, 2020 को बढ़कर 950 रुपये हो गयी.
दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार की रात 8 बजे पूरे देश में अगले 21 दिन तक के लिए लॉकडाउन की घोषणा की. यानी 14 अप्रैल, 2020 तक पूरे देश में लोग कहीं आ-जा नहीं सकेंगे. जो जहां है, वहीं रहेगा. निजी कंपनियों में छुट्टी रहेगी. आवश्यक सेवाओं को छोड़कर तमाम कार्यालय बंद रहेंगे, ताकि लोग एक-दूसरे के संपर्क में न आयें. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कोरोना से संक्रमित एक मरीज सैकड़ों लोगों को संक्रमित कर सकता है.
इसलिए लोगों से अपील की जा रही है कि वे अपने घरों में रहें. सरकार ने स्पष्ट किया है कि जरूरी सामानों की आपूर्ति जारी रहेगी. यही वजह है कि भारतीय रेल की यात्री सेवाएं बंद रहेंगी, लेकिन मालगाड़ियों को चलने की इजाजत दी गयी है, ताकि रोजमर्रा और चिकित्सा से जुड़ी चीजों को एक जगह से दूसरी जगह तक पहुंचाया जा सके.
सरकार की बार-बार की अपील के बावजूद लोग मान नहीं रहे हैं और घरों से बाहर निकल रहे हैं. लोगों के इसी आचरण की वजह से महाराष्ट्र में सरकार को कर्फ्यू लगाना पड़ा. झारखंड के स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के प्रधान सचिव डॉ नितिन मदन कुलकर्णी ने कहा है कि कोरोना वायरस (कोविड-19) महामारी के संक्रमण को रोकने के लिए राज्य सरकार द्वारा राज्यस्तरीय कोरोना नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है.
उन्होंने सभी उपायुक्तों को जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष में उचित ढंग से कार्य सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. डॉ कुलकर्णी ने कहा कि देश के विभिन्न राज्यों में लॉकडाउन होने के कारण अन्य राज्यों से झारखंड वापस आने वाले लोग कोरोना वायरस से संक्रमित भी हो सकते हैं. इसलिए राज्य सरकार ने पूरे राज्य में बंद लागू किया है, ताकि यह बीमारी अपने तीसरे स्टेज (कम्युनिटी ट्रांसमिशन) में न पहुंचे.
उन्होंने कहा कि जो भी लोग बाहर से आये हैं, वह होम कोरेंटाइन (घर में अकेले रहें) का सख्ती से पालन करें. श्री कुलकर्णी ने कहा कि कोरोना वायरस से ग्रसित मरीज के परीक्षण हेतु सभी जिलों में सैंपल के कलेक्शन के लिए किट्स उपलब्ध कराये जा चुके हैं. अतः इसके लिए रांची आने की आवश्यकता नहीं है.
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By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
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