जैन समाज के पर्यूषण पर्व में गूंजा साधु जीवन का संदेश, षौध व्रत की बतायी महिमा

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रांची में पर्यूषण पर्व के दौरान षौध व्रत की महिमा पर प्रकाश डाला गया. भक्तों को साधु जीवन से प्रेरणा लेकर आत्मचिंतन करने की सलाह दी गई.

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रांचीः श्री डोरंडा जैन श्वेतांबर मंदिर में चल रहे पर्यूषण पर्व के तीसरे दिन गुरुवार को धैर्य पीयूष भाई धामी ने षौध व्रत की महिमा पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि भक्तों को अपने जीवन में कम से कम एक दिन साधु की तरह जीवन जीने का प्रयास करना चाहिए.

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उन्होंने सामायिक की महिमा बताते हुए कहा कि दिन में 48 मिनट सभी जीवों की रक्षा और आत्मचिंतन के लिए साधु जीवन की तरह बिताना चाहिए. इससे जीवन को सार्थक बनाने की दिशा में प्रेरणा मिलती है.

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पांच दिनों तक होगा कल्पसूत्र का वाचन

उन्होंने बताया कि शुक्रवार से जैन धर्म के धार्मिक ग्रंथ कल्पसूत्र का वाचन शुरू होगा. अगले पांच दिनों तक प्रतिदिन सुबह 8:30 बजे से 10 बजे तक कल्पसूत्र का वाचन किया जाएगा. कार्यक्रम के समापन के बाद गुरुवार को कल्पसूत्र की शोभायात्रा निकाली गई.

इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए. श्रद्धालु भगवान महावीर के संदेशों का जयकारा लगाते हुए शोभायात्रा में चल रहे थे. पूरे कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल में रहा.

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