Jharkhand News: झारखंड में इटर कॉलेज खोलने के लिए जमीन की शर्त में मिलेगी ढील, बदलेगी नियमावली

Updated at : 17 Oct 2022 6:49 AM (IST)
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Jharkhand News: झारखंड में इटर कॉलेज खोलने के लिए जमीन की शर्त में मिलेगी ढील, बदलेगी नियमावली

झारखंड में इंटर कॉलेज खोलने के लिए शहरी क्षेत्र में 50 डिसमिल और ग्रामीण क्षेत्र में एक एकड़ जमीन की आवश्यकता होगी. इंटर कॉलेज खोलने के लिए राज्य में जमीन की शर्त में बदलाव किया जायेगा

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रांची : झारखंड में अब इंटर कॉलेज खोलने के लिए शहरी क्षेत्र में 50 डिसमिल और ग्रामीण क्षेत्र में एक एकड़ जमीन की आवश्यकता होगी. इसके लिए प्रस्ताव बनाया गया है. इंटर कॉलेज खोलने के लिए राज्य में जमीन की शर्त में बदलाव किया जायेगा. स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा इंटर कॉलेज प्रस्वीकृति (मान्यता) नियमावली 2005 में बदलाव किया जा रहा है. विभाग ने तैयार प्रस्ताव शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो के पास भेजा है. बताते चलें कि इससे पहले राज्य में इंटर कॉलेज खोलने के लिए शहरी क्षेत्र में एक एकड़ और ग्रामीण क्षेत्र में दो एकड़ जमीन की आवश्यकता होती थी.

संस्था के नाम से जमीन की रजिस्ट्री जरूरी :

नियमावली के अनुरूप कॉलेज खोलने के लिए संस्था के नाम से जमीन की रजिस्ट्री होना अनिवार्य है, पर एसपीटी एक्ट के कारण संताल परगना प्रमंडल में जमीन की रजिस्ट्री नहीं होती है. इसके अलावा लीज क्षेत्र में भी कॉलेज के लिए जमीन प्रावधान के अनुरूप नहीं मिलती है.

नयी नियमावली में अब संताल परगना प्रमंडल व लीजवाले क्षेत्रों में कॉलेज के लिए जमीन को लेकर सरकार भूमि की शर्त में छूट देगी. एकीकृत बिहार के समय में भी यह प्रावधान था. संताल परगना प्रमंडल में जमीन के कारण वर्ष 2010 से कॉलेजों को मान्यता नहीं मिल रही है. राज्य में इंटर कॉलेज की मान्यता के लिए पिछली नियमावली वर्ष 2005 में बनी थी, इसमें वर्ष 2006 में संशोधन किया गया था.

तीन संकाय के लिए अब 10 कमरे जरूरी 

कॉलेज के लिए अब कमरों की शर्त में भी संशोधन किया गया है. एक व दो संकाय के लिए पूर्व की भांति चार व छह कमरों की आवश्यकता होगी, पर तीनों संकाय के लिए अब आठ की जगह दस कमरों की आवश्यकता होगी. पुस्तकालय, प्रयोगशाला समेत अन्य शर्त में बदलाव नहीं किया गया है.

शिक्षक को बीएड की शर्त से छूट 

कॉलेज में कार्यरत वैसे शिक्षक जिनकी सेवा तीन वर्ष या उससे कम बची है, उन्हें बीएड करने से छूट दी जायेगी. उल्लेखनीय है कि वर्ष 2005 की नियमावली के पूर्व से कॉलेज में कार्यरत कई शिक्षकों के पास बीएड की डिग्री नहीं है.

खाते में होने चाहिए दस लाख रुपये

कॉलेज खोलने को लेकर मान्यता के लिए आवेदन के समय कॉलेज के खाते में दस लाख रुपये होने चाहिए. पूर्व में यह राशि पांच लाख थी. इसके अलावा सिक्यूरिटी मनी (सुरक्षा कोष की राशि) भी बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है. अब एक संकाय के लिए सुरक्षा राशि के रूप में दो लाख, दो संकाय के लिए ढाई लाख और तीन संकाय के लिए तीन लाख रुपये जमा करने होंगे. ट्राइबल सब प्लान एरिया में खुलनेवाले कॉलेज की सुरक्षा राशि में कोई बदलाव नहीं किया गया है. इसके तहत क्रमश: 50 हजार, 15 हजार व 10 हजार रुपये जमा करने होंगे.

रिपोर्ट- सुनील कुमार झा

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Sameer Oraon

लेखक के बारे में

By Sameer Oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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