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Happy Holi 2021 : हर्बल अबीर- गुलाल से सजा बाजार, ग्रामीण महिलाओं के हाथों का देखें कमाल

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
Jharkhand news : हर्बल अबीर- गुलाल निर्माण में जुटी सखी मंडल की दीदियां.
Jharkhand news : हर्बल अबीर- गुलाल निर्माण में जुटी सखी मंडल की दीदियां.
JSLPS.

Happy Holi 2021, Jharkhand News (रांची ) : हजारीबाग और गिरिडीह जिले के सखी मंडल की दीदियों द्वारा तैयार पलाश ब्रांड के हर्बल अबीर- गुलाल बाजारों में सज गया है. यह रांची और गिरिडीह के पलाश मार्ट में उपलब्ध है. सखी मंडल की दीदियां हर्बल अबीर- गुलाल की तैयारी में पिछले कई दिनों से जुटी थी. पलाश ब्रांड के अंतर्गत निर्मित अबीर- गुलाल की विशेषता है कि यह पूरी तरह से रसायन मुक्त है.

Jharkhand news : बाजारों में सजा सखी मंडल की दीदियों द्वारा तैयार पलाश ब्रांड का अबीर- गुलाल.
Jharkhand news : बाजारों में सजा सखी मंडल की दीदियों द्वारा तैयार पलाश ब्रांड का अबीर- गुलाल.
JSLPS.

सखी मंडल की दीदियों द्वारा तैयार हर्बल अबीर- गुलाल बाजार में उपलब्ध अधिकतर रासायनिक रंगों की तरह त्वचा को कोई नुकसान नहीं पहुंचता है. इसका निर्माण चुकंदर, पालक, पलाश के फूल, तुलसी, लेमनग्रास के तेल समेत अन्य प्राकृतिक चीजों से किया गया है. रांची और गिरिडीह स्थित पलाश मार्टस में 30 रुपये प्रति 100 ग्राम की कीमत पर यह उपलब्ध है. ग्रामीण विकास विभाग के JSLPS की पहल है कि पलाश ब्रांड से कई उत्पादों को तैयार कर बाजार में उपलब्ध कराया जा रहा है.

Jharkhand news : प्राकृतिक चीजों से हर्बल अबीर- गुलाल को तैयार करती सखी मंडल की दीदियां.
Jharkhand news : प्राकृतिक चीजों से हर्बल अबीर- गुलाल को तैयार करती सखी मंडल की दीदियां.
JSLPS.

महिलाओं की हो रही अच्छी आमदनी

गिरिडीह जिला अंतर्गत मदनपुरा गांव के मदनपुरा महिला उत्पादक समूह की 8 महिलाएं मिल कर हर्बल गुलाल का निर्माण कर रही हैं. इन ग्रामीण महिलाओं ने अपने इस उद्यम में 60 हजार रुपये निवेश किया है, जिससे उन्हें करीब डेढ़ लाख रुपये की आमदनी होने की उम्मीद है.

6 दिन की मिली ट्रेनिंग : नीतू देवी

उत्पादक समूह की सदस्य नीतू देवी कहती हैं कि यह काम हमारे उत्पादक समूह का पहला प्रयास है. होली एक बड़ा त्योहार है और हम देखते हैं कि बाजार में बहुत से रासायनिक रंग और अबीर- गुलाल बिकते हैं. इससे हमारे स्वास्थ्य को काफी नुकसान पहुंच सकता है. इसी बात को ध्यान में रखकर उत्पादक समूह की महिलाएं प्राकृतिक रंगों के निर्माण की बात सोची. इन रंगों के निर्माण के लिए हमलोगों को 6 दिन की ट्रेनिंग दी गयी.

पसंद किये जा रहे हर्बल अबीर- गुलाल

हजारीबाग जिले के दारू प्रखंड के ग्रामीण सेवा केंद्र की 10 महिलाओं ने हर्बल अबीर- गुलाल तैयार की है. ये महिलाएं रंगों के निर्माण में तुलसी और लेमन ग्रास के तेल का उपयोग की है. ग्रामीण सेवा केंद्र की अध्यक्ष राखी देवी बताती हैं कि पलाश ब्रांड के अंतर्गत हमारे द्वारा निर्मित अबीर- गुलाल को स्थानीय बाजार में काफी पसंद किया जा रहा है. अब तक 20 किलो गुलाल की बिक्री हो चुकी है. साथ ही 35 किलो गुलाल के निर्माण में लगी है. कहती हैं कि अबीर- गुलाल पूरी तरह से शुद्ध है. पलाश ब्रांड के इस उत्पाद के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ा है.

Posted By : Samir Ranjan.

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Published Date

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