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रांची के योगदा सत्संग आश्रम में गुरु पूर्णिमा मनी, स्वामी पवित्रानंद बोले- ईश्वर प्राप्ति के पथ प्रदर्शक हैं गुरु

Updated at : 10 Jul 2025 6:14 PM (IST)
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guru purnima in ranchi jharkhand

गुरु पूर्णिमा पर योगदा सत्संग आश्रम में स्वामी योगानंद जी की पूजा करते स्वामी जी. फोटो : प्रभात खबर

Guru Purnima in Ranchi: रांची के योगदा सत्संग आश्रम में गुरुवार को गुरु पूर्णिमा का आयोजन किया गया. इसमें स्वामी पवित्रानंद ने गुरु-शिष्य संबंध और परंपरा के बारे में बताया. उन्होंने यह भी बताया कि स्वामी योगानंद ने योगदा सत्संग पाठमाला की रचना क्यों की. अनुयायियों ने भजन-कीर्तन में भी भाग लिया. गुरु पूर्णिमा में शामिल लोगों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया.

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Guru Purnima in Ranchi: झारखंड की राजधानी रांची में स्थित योगदा सत्संग सोसाइटी ऑफ इंडिया (वाईएसएस) आश्रम में बृहस्पतिवार को ध्यान और भजन-कीर्तन के साथ गुरु पूर्णिमा मनायी गयी. समारोह की शुरुआत सुबह विशेष ऑनलाइन सामूहिक ध्यान सत्र और स्वामी पवित्रानंद गिरि के प्रवचन के साथ हुई. देश के विभिन्न हिस्सों से आये अनुयायियों ने इसमें हिस्सा लिया.

गुरु-शिष्य संबंधों पर स्वामी पवित्रानंद ने कही ये बात

गुरु-शिष्य संबंधों पर स्वामी पवित्रानंद ने परमहंस योगानंद के शब्दों को उद्धृत किया. उन्होंने कहा, ‘भारत ने जो शिक्षाएं दी हैं और जिनमें उसके गुरुओं ने विशेषज्ञता हासिल की है, उनका अनुसरण करें. दुनिया को उसका सर्वोच्च उपहार यह ज्ञान है कि चरण-दर-चरण विधियों के माध्यम से ईश्वर को कैसे पाया जाये. अगर आप भारत की आत्मबोध संबंधी शिक्षाओं का पालन करते हैं, तो आप इसी जीवन में ईश्वर को पा सकते हैं.’

गुरु पूर्णिमा पर आयोजित कार्यक्रम में आश्रम के अनुयायियों ने भजन-कीर्तन में भी भाग लिया. फोटो : प्रभात खबर

भजन-कीर्तन में शामिल हुए योगदा आश्रम के अनुयायी

बाद में अनुयायी गुरु पूजा के दौरान ब्रह्मचारी शंभवानंद और गौतमानंद के नेतृत्व में भजन-कीर्तन में शामिल हुए. उन्हें भंडारा प्रसाद भी प्रदान किया गया. समारोह का समापन शाम को ब्रह्मचारी सच्चिदानंद के नेतृत्व में 3 घंटे के विशेष ध्यान सत्र के साथ हुआ. ध्यान कार्यक्रम में उन्होंने योगदा सत्संग शिक्षाओं के कुछ अंश पढ़े, जिसमें उन्होंने बताया कि किस प्रकार से अमर गुरु महावतार बाबाजी ने श्री श्री परमहंस योगानंद को अमेरिका और संपूर्ण विश्व में क्रियायोग का प्रचार-प्रसार करने का कार्य सौंपा था.

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योगदा सत्संग पाठमाला की रचना क्यों हुई?

स्वामीजी ने कहा कि योगानंदजी जानते थे कि इस आधुनिक युग में, जब गुरु और शिष्य प्रायः एक-दूसरे से दूर रहते हैं, शिष्य के लिए अपने गुरु के चरणों में बैठकर ज्ञान प्राप्त करना कठिन होगा. इसलिए उन्होंने योगदा सत्संग पाठमाला की रचना की, जिसमें ध्यान प्रविधियों अर्थात् ध्यान के क्रियायोग विज्ञान की एक शक्तिशाली प्रणाली को सम्मिलित किया गया है.

गुरु पूर्णिमा पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल आश्रम के स्वामी और श्रद्धालु. फोटो : प्रभात खबर

स्टीव जॉब्स और रजनीकांत हैं योगानंद के अनुयायी

उन्होंने कहा कि आत्मा का यह प्राचीन विज्ञान, जिसका परिचय लाखों लोगों को ‘योगी कथामृत’ के माध्यम से प्राप्त हुआ है, उच्चतर आध्यात्मिक चेतना और ईश्वर-साक्षात्कार के आंतरिक आनंद के जागरण के शक्तिशाली उपाय प्रदान करता है. ‘ऑटोबायोग्राफी ऑफ ए योगी’ के लिए प्रसिद्ध योगानंद के अनुयायियों में उद्यमी स्टीव जॉब्स, क्रिकेटर रवि शास्त्री और अभिनेता रजनीकांत शामिल हैं. योगदा सत्संग आश्रम की स्थापना वर्ष 1917 में हुई थी.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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