बायोमेट्रिक की जगह मैनुअल अटेंडेंस बनायेंगे सरकारी कर्मी

Author Pritish Sahay|Edited by Prabhat Khabar
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राज्य के सरकारी सेवकों के बायोमेट्रिक अटेंडेंस बनाने पर रोक लगा दी गयी है. राज्य सरकार ने ‘कोरोना वायरस’ के प्रकोप को देखते हुए केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रोद्योगिकी मंत्रालय के निर्णय के आलोक में यह फैसला लिया है.

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रांची : राज्य के सरकारी सेवकों के बायोमेट्रिक अटेंडेंस बनाने पर रोक लगा दी गयी है. राज्य सरकार ने ‘कोरोना वायरस’ के प्रकोप को देखते हुए केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रोद्योगिकी मंत्रालय के निर्णय के आलोक में यह फैसला लिया है. कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग ने बुधवार को इसकी अधिसूचना जारी कर दी है. यह व्यवस्था अस्थायी तौर पर लागू रहेगी. सरकार के अगले आदेश तक राज्य में सरकारी कर्मचारी पूर्व की तरह उपस्थिति पंजी पर मैनुअल हाजिरी बनायेंगे. इस व्यवस्था का पालन तत्काल करने को कहा गया है.

सरकार के इस निर्णय से सभी विभागों के सचिवों, अध्यक्षों, आयुक्तों, उपायुक्तों, झारखंड हाइकोर्ट के महानिबंधक, विधानसभा के सचिव, राज्यपाल सचिवालय व मुख्यमंत्री सचिवालय को भी अवगत करा दिया गया है. इस आदेश के लागू होने के बाद से ही झारखंड सचिवालय से लेकर सभी निदेशालयों व जिलों सहित अन्य जगहों के सरकारी कार्यालयों में मैनुअल हाजिरी ही बनेगी.

हालांकि, राज्य के कई सार्वजनिक व निजी क्षेत्रों के कार्यालय में अब भी बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम लागू है. दरअसल, देश के अन्य राज्यों की तरह झारखंड में भी कोरोना वायरस को लेकर विशेष एहतियात बरती जा रही है. अस्पतालों में विशेष व्यवस्था की गयी है. खादी मेला के आयोजन पर भी कोरोना वायरस को लेकर संशय की स्थिति है. कई निजी कार्यक्रम भी लगातार रद्द किये जा रहे हैं.

कोरोना : राज्य सरकार ने लिया फैसला

सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों में अब भी बन रहा है बायोमेट्रिक अटेंडेंस

यह व्यवस्था अस्थायी तौर पर अगले आदेश तक लागू रहेगी

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By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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